धनबाद में रिकवरी एजेंट का अपहरण, फिर कैंची घोंपकर हत्या

हत्या का आरोपी विकास खंडेलवाल (बाएं) और रिकवरी एजेंट अमित अग्रवाल. फोटो: प्रभात खबर
Dhanbad Crime News: झारखंड के धनबाद में रिकवरी एजेंट अमित अग्रवाल की अपहरण के बाद निर्मम हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है. एनपीए लोन विवाद में आरोपी कारोबारी विकास खंडेलवाल ने कैंची से गोदकर हत्या की. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जांच तेज कर दी है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच जारी है. नीचे पूरी खबर पढ़ें.
Dhanbad Crime News: झारखंड के धनबाद में हाउसिंग लोन देने के नाम पर एक कारोबारी ने रिकवरी एजेंट अमित अग्रवाल का अपहरण कर लिया. फिर कैंची से गोद-गोदकर उसकी हत्या कर दी. वारदात को अंजाम देने के बाद उसने शव किचन में छिपा दिया. अमित अग्रवाल धनबाद थाना क्षेत्र के बिनोद बिहारी चौक के बाबूडीह खटाल स्थित अमर नैना अपार्टमेंट के थर्ड फ्लोर पर फ्लैट नंबर-201 में रहता था. उसका शव रविवार की सुबह सरायढेला थाना क्षेत्र के बलियापुर रोड स्थित सूर्या हाइलैंड सिटी में रहनेवाले विकास खंडेलवाल के घर से बरामद हुआ. अमित के हाथ-पैर बंधे थे और शरीर से खून निकल रहा था. पुलिस ने विकास खंडेलवाल को गिरफ्तार कर लिया है. उसने पूछताछ में हत्या की बात कबूल कर ली है. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए एसएनएमएमसीएच भेज दिया है. फॉरेंसिक जांच के लिए विकास का घर सील कर दिया गया है. घटना के समय विकास के परिवार के सदस्य वहां मौजूद नहीं थे.
पत्नी ने पुलिस को दी जानकारी
पुलिस उपाधीक्षक (कानून व्यवस्था) नौशाद आलम ने बताया कि पीड़ित की पत्नी से सूचना मिलने के बाद हमने जांच शुरू की. शुरुआत में विकास खंडेलवाल समेत तीन लोगों को हिरासत में लिया. खंडेलवाल को उसके मोबाइल लोकेशन के आधार पर हिरासत में लिया गया. पूछताछ के दौरान खंडेलवाल ने हत्या करने की बात कबूल कर ली. उसकी निशानदेही पर अमित अग्रवाल का शव सूर्या हाइलैंड सोसाइटी स्थित आरोपी के घर से बरामद किया गया. पुलिस ने पीड़ित की मोटरसाइकिल भी उसी स्थान से बरामद की है.
एनपीए हो गया था लोन
पुलिस ने पत्रकारों को बताया कि विकास खंडेलवाल ने लोन के पैसे से सूर्या हाइलैंड सिटी में मकान खरीदा था. यह लोन नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (एनपीए) हो गया था. लोन के पैसे के लिए अमित अग्रवाल विकास को लगातार फोन करता था. पुलिस के अनुसार, दोनों पुराने परिचित थे. शनिवार को सुबह करीब 10 बजे अमित अपने घर से बाइक जेएच 10सीजी 1186 से निकला था. इसके बाद से वह लापता था. पत्नी संगीता देवी अमित के मोबाइल पर लगातार कॉल कर रही थी, लेकिन वह कॉल रिसीव नहीं कर रहा था. शाम करीब चार बजे संगीता देवी ने फिर कॉल किया, तो एक व्यक्ति ने फोन उठाया. उसने कहा कि अमित अग्रवाल का अपहरण कर लिया गया है. उसने फिरौती के तौर पर 15 लाख रुपये मांगे. रुपये नहीं देने पर हत्या की धमकी दी और किसी से कुछ भी बताने से मना किया. इसके बाद फोन स्विच्ड ऑफ हो गया. अनहोनी की आशंका से परेशान संगीता देवी धनबाद थाना पहुंची और पति के अपहरण की प्राथमिकी दर्ज करायी.
अमित अग्रवाल को खोजने में परेशान रही पुलिस
पत्नी की शिकायत पर धनबाद पुलिस प्राथमिकी दर्ज कर छानबीन में जुट गयी. वह अमित के मोबाइल लोकेशन के आधार पर उसे ढूंढने लगी. जांच के दौरान उसके मोबाइल का लोकेशन कभी गोविंदपुर, तो कभी सूर्या हाइलैंड सिटी दिखाता. कभी मोबाइल स्विच्ड ऑफ हो जाता. इस तरह पूरी रात गुजर गयी. रविवार की सुबह धनबाद व सरायढेला थाना पुलिस ने जब लोकेशन के आधार पर जांच कार्य आगे बढ़ाया, तो ढांगी मोड़ पर उसका मोबाइल चालू अवस्था में बरामद किया गया. बताया जाता है कि बलियापुर में विकास का फ्लावर मिल था. इस पर भी लोन था, जो एनपीए हो गया था. अमित अग्रवाल ने इसकी बिक्री करवा दी थी. बताया जाता है कि लोन की रकम 70 लाख रुपये थी, लेकिन अमित ने इसे 40 लाख रुपये में बिकवाया था.
पुलिस को घंटों बरगलाता रहा विकास खंडेलवाल
जब पुलिस ने अमित के मोबाइल नंबर का कॉल डिटेल्स निकलवाया और जांच की, तो एक खास नंबर पर ध्यान केंद्रित हुआ. रविवार सुबह करीब 10 बजे धनबाद थाना प्रभारी मनोज पांडेय और सरायढेला के एसआई बालमुकुंद कुमार विकास के घर पहुंचे. विकास अपना घर बंद कर बाहर घूम रहा था. पुलिस ने उसे बुलाकर अमित के बारे में पूछा. इस पर वह कुछ नहीं बोला. पुलिस उसे अपनी गाड़ी में बैठा कर पूछताछ करने लगी. इस दौरान उसके हाथ में लगी चोट देख पुलिस अधिकारियों ने इस बारे में जानना चाहा. विकास ने बताया कि शनिवार की रात स्टेशन से लौटने के क्रम में बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गयी थी. उसी दौरान यह चोट लगी. उसने एक नर्सिंग होम में इलाज कराने की बात कही.
जब पुलिस उसे उक्त नर्सिंग होम में ले गयी और वहां के स्टॉफ से पूछताछ की, तो विकास ने बताया कि मशीन में काम करने के दौरान हाथ में चोट लगी थी. इस पर पुलिस का शक गहरा गया. उसे थाना लाकर कड़ाई से पूछताछ की गयी, तो वह टूट गया और अमित अग्रवाल की हत्या की बात स्वीकार कर ली.
खुलासे के बाद डीएसपी लॉ एंड ऑर्डर नौशाद आलम, धनबाद थाना प्रभारी मनोज कुमार पांडेय और सरायढेला थाना के एसआई बालमुकुंद कुमार, सुमन कुमार, धीरज कुमार, एएसआइ प्रदीप मंडल सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी विकास के बंद घर पहुंचे और तलाशी शुरू की. सर्च के दौरान किचन से रक्तरंजित शव बरामद किया गया.
कटारी से काटी कलाई, फिर गर्दन पर कैंची से किया वार
जब पुलिस ने विकास खंडेलवाल के बंद घर को खोला, तो अंदर से बदबू आ रही थी. जांच के दौरान किचन में फ्रीज के बगल की दीवार के पास अमित का शव पड़ा मिला. विकास ने पुलिस को बताया कि अमित अग्रवाल का अपहरण करने के बाद वह उसे अपने घर ले आया. उसके हाथ-पैर बांध दिये और कटारी से हमला कर उसके हाथ की कलाई काट दी. फिर कान के नीचे कैंची गर्दन के आरपार कर दी. इसके अलावा, शरीर के कई हिस्से में कैंची से गोद डाला.
जब अमित के घरवालों को हत्या की बात पता चली, तो उसका साला मुकेश अग्रवाल और भाई मौके पर पहुंच गये. हालांकि पुलिस ने उन्हें अंदर नहीं जाने दिया. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था. परिवार के कई सदस्य सूर्या हाइलैंड सिटी स्थित विकास के घर के सामने जुट गये. कॉलोनी वालों की भी भीड़ जुट गयी.
इसे भी पढ़ें: पंडित नेहरू के कोट पर सजता था जमशेदपुर का गुलाब
शरीर के कई हिस्सों पर चोट के निशान
पोस्टमार्टम के दौरान चिकित्सकों को अमित कुमार के सिर के पिछले हिस्से व चेहरे पर धारदार हथियार से वार के कई गंभीर निशान मिले हैं. शरीर के अन्य हिस्सों पर भी मारपीट के निशान पाये गये हैं. आगे की जांच के लिए विसरा प्रिजर्व कर लिया गया है. पुलिस ने बताया कि जब विकास के घर पर छापेमारी कर शव को बरामद किया गया, उस दौरान कोई भी सदस्य मौजूद नहीं था. आसपास के लोगों ने बताया कि विकास की पत्नी और एक बच्चा है. कॉलोनी के लोगों से विकास के अच्छे रिश्ते नहीं थे. पत्नी के साथ भी उसका विवाद होता रहता है. उसके व्यवहार के कारण उसके माता-पिता भी साथ नहीं रहते थे. विकास का होटल और दूसरा कारोबार भी है.
इसे भी पढ़ें: झींकपानी में 150 महिलाएं मंईयां सम्मान योजना से वंचित, मंत्री का कार्यालय घेरा
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




