“डिजिटल युग में सतर्कता ही सुरक्षा”: नोवामुंडी कॉलेज में साइबर सुरक्षा पर सेमिनार आयोजित

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Noamundi News

नोवामुंडी कॉलेज में साइबर सुरक्षा पर सेमिनार आयोजित

Noamundi News: नोवामुंडी कॉलेज में “बैंकिंग और वित्त के क्षेत्र में साइबर सुरक्षा” विषय पर आयोजित सेमिनार में विद्यार्थियों को डिजिटल ठगी, फिशिंग और साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया गया. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

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नोवामुंडी से सुबोध मिश्रा की रिपोर्ट  

Noamundi News: झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले के नोवामुंडी कॉलेज के वाणिज्य विभाग द्वारा सोमवार, 18 मई को “बैंकिंग और वित्त के क्षेत्र में साइबर सुरक्षा” विषय पर जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया. प्राचार्य के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. 

डिजिटल युग में सतर्कता ही साइबर अपराध से बचाव : डॉ. मनोजीत विश्वास

सेमिनार का उद्देश्य विद्यार्थियों को डिजिटल युग में सुरक्षित एवं जागरूक नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना था. कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मनोजीत विश्वास ने की. अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने कहा कि भारत तेजी से डिजिटल क्रांति की ओर बढ़ रहा है और आधुनिक तकनीक ने पूरी दुनिया को हमारी मुट्ठी में समेट दिया है. उन्होंने कहा कि ऑनलाइन बैंकिंग, यूपीआई और डिजिटल लेन-देन ने लोगों के जीवन को बेहद सरल बनाया है, लेकिन इसके साथ साइबर अपराधों का खतरा भी तेजी से बढ़ा है. उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि साइबर अपराधी लोगों की “बंद मुट्ठी” से पैसे गायब कर रहे हैं. उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि सतर्कता और जागरूकता ही साइबर अपराधों से बचने का सबसे प्रभावी उपाय है. 

“डिजिटल अरेस्ट” साइबर ठगी से सतर्क रहने की सलाह 

कॉलेज के IQAC कोऑर्डिनेटर कुलजिंदर सिंह ने “डिजिटल अरेस्ट” जैसे बढ़ते साइबर अपराधों पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी पुलिस, सीबीआई या अन्य सरकारी एजेंसियों का नाम लेकर लोगों को फोन करते हैं और मानसिक दबाव बनाकर ठगी का शिकार बनाते हैं. उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि किसी भी अनजान कॉल, लिंक या ओटीपी पर भरोसा न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत साइबर हेल्पलाइन में शिकायत करें. 

फिशिंग और ऑनलाइन ठगी से सतर्क रहने की अपील

वाणिज्य विभाग के सहायक प्राध्यापक नरेश कुमार पान ने फिशिंग और ऑनलाइन ठगी के विभिन्न तरीकों के बारे में जानकारी दी. उन्होंने उदाहरणों के माध्यम से बताया कि साइबर अपराधी ई-मेल, मैसेज और फोन कॉल के जरिए लोगों की गोपनीय बैंकिंग जानकारी हासिल करने का प्रयास करते हैं. उन्होंने कहा कि लालच, भय और जल्दबाजी साइबर अपराधियों के सबसे बड़े हथियार होते हैं, इसलिए किसी भी बैंकिंग जानकारी को साझा करने से पहले पूरी तरह सतर्क रहना आवश्यक है. 

साइबर सुरक्षा पर विद्यार्थियों को किया जागरूक

सेमिनार में छात्र-छात्राओं को सुरक्षित ऑनलाइन लेन-देन, साइबर अपराध से बचाव और डिजिटल जागरूकता से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं. कार्यक्रम का संचालन वाणिज्य विभाग की सहायक प्राध्यापिका शांति पुरती ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रोफेसर राजकरण यादव ने प्रस्तुत किया. इस अवसर पर सहायक प्राध्यापक परमानंद महतो, साबिद हुसैन, दिवाकर गोप, कुलजिंदर सिंह, धनी राम महतो, तन्मय मंडल, नरेश कुमार पान, भवानी कुमारी, मंजू लता सिंकू, सुमन चातोम्बा सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित. 

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प्रिया गुप्ता

लेखक के बारे में

By प्रिया गुप्ता

प्रिया गुप्ता पिछले एक साल से प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. फिलहाल वह झारखंड से जुड़ी खबरों पर काम करती हैं, जिनमें सरकारी योजनाएं, प्रमुख घटनाएं, सामाजिक मुद्दे और अन्य महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं. इससे पहले वह लाइफस्टाइल डेस्क पर फैशन, हेल्थ, रिलेशनशिप, पैरेंटिंग और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर लेख लिख चुकी हैं. प्रिया ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय से स्नातक और अमिटी यूनिवर्सिटी से मास्टर डिग्री हासिल की है.

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