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एक साथ उठी चार अर्थियां, मंजर देख नम हुई हर आंखें

Updated at : 05 Jan 2019 8:10 AM (IST)
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एक साथ उठी चार अर्थियां, मंजर देख नम हुई हर आंखें

पालोजोरी : गुरुवार को सड़क हादसे में मरे लोगों के पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही मृतकों का शव उनके घर पहुंचा, गांव में चीत्कार मच गयी. गुरुवार की शाम अनिल मंडल, सरोज मंडल व गोविंद मंडल का शव पहुंचते ही परिजन रोने-बिलखने लगे. महिलाएं जमीन पर गिर-गिर कर रो रही थी. पत्नी को रह-रह कर […]

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पालोजोरी : गुरुवार को सड़क हादसे में मरे लोगों के पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही मृतकों का शव उनके घर पहुंचा, गांव में चीत्कार मच गयी. गुरुवार की शाम अनिल मंडल, सरोज मंडल व गोविंद मंडल का शव पहुंचते ही परिजन रोने-बिलखने लगे. महिलाएं जमीन पर गिर-गिर कर रो रही थी.
पत्नी को रह-रह कर गश आ रहा था. जिनके घरों की खुशियां छिन गयी, उन परिवार के सदस्य कुछ भी कहने की हालत में नहीं थे. आसपास के लोग व ग्रामीण भी परिजनों को ढांढस बांधने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे.
शुक्रवार को सुबह होते ही अर्थियां तैयार होने लगी. एक साथ चार घरों की अर्थियां उठने का मंजर दिल दहला देने वाला था. परिवार मातम में पसरा था तो गांव वाले इस दृश्य को देखकर आंसू नहीं रोक पा रहे थे. शवयात्रा में ग्रामीणों की भीड़ लग गयी है. शवों का अंतिम संस्कार पास के ही जोरिया में किया गया. तीनों मृतक के बेटों ने मुखाग्नि दी.
कोई मान रहा था होनी, तो कोस रहे थे काेई
गांव में हुई हृदय विदारक घटना के बाद लोग हादसे से उबर नहीं पा रहे हैं. सभी उस फैसले को कोस रहे हैं, जिसमें सुरजी का अंतिम संस्कार सुलतानगंज में करने का निर्णय लिया गया था. लोगों में सुरजी देवी के मरने की संवेदना भी खत्म होती गयी.
लोग यह भी कह रहे थे कि अचानक रात में सुलतानगंज ले जाने पर सहमति बनी. अगर गांव में ही अंतिम संस्कार कर दिया गया होता तो शायद इतनी बड़ी घटना नहीं होती. वहीं कुछ लोग होनी कहकर दिलासा देने की कोशिश कर रहे थे.
कृषि मंत्री पहुंचे गांव, 50-50 हजार दी आर्थिक मदद
सारठ : सड़क हादसे में पांच लोगों की मौत की खबर मिलने के बाद कृषि मंत्री रणधीर सिंह शुक्रवार को रांची से डिंडाकोली गांव पहुंचे. रोते-बिलखते परिजनों को देख कृषि मंत्री भी भावुक हो गये. मंत्री पहले मृतक सीताराम मंडल के घर जाकर परिजनों से मिले व ढांढस बंधाया. मृतक के पिता को 50 हजार रुपये नकद सौंपे.
इसके बाद रांगाटांड़ गांव में मृतक गोविंद की पत्नी रेखा देवी, मृतक अनिल मंडल की पत्नी शकुंतला देवी, मृतक सरोज मंडल की पत्नी यशोदा को 50-50 हजार रुपये नकद सहायता वेतन मद से दी. कृषि मंत्री ने अनटायड फंड से एक-एक लाख तथा पारिवारिक लाभ योजना के तहत 20-20 हजार के अलावा विधवा पेंशन, आंबेडकर आवास व बेटियों का नामांकन केजीवीए में कराने की बात कही.
उन्होंने सारठ व पालाेजोरी के सीओ, मधुपुर एसडीओ को फोन पर जल्द पेंशन स्वीकृति व तीन दिनों के अंदर पारिवारिक लाभ योजना से सहायता राशि का भुगतान करायी जाये. मंत्री ने कहा कि घायलों के इलाज में जो संभव होगा, मदद की जायेगी.
कृषि मंत्री ने मृतकों के परिवार को बीमा राशि मुहैया कराने के लिए अपने स्तर से वकील उपलब्ध कराने का भी आश्वासन दिया.
इकलौते बेटों की उठी अर्थियां
सारठ : डिंडाकोली गांव के मृतक सीताराम मंडल सरजू मंडल का इकलौता पुत्र था. रांगाटांड़ गांव के गोविंद मंडल भी अपने पिता का इकलौता बेटा था. मृतक अनिल मंडल भी बीरबल मंडल का इकलौता बेटा तथा सरोज मंडल भी अर्जुन मंडल का इकलौता बेटा था.
सभी की अर्थियां गांव से एक साथ उठी. घरों से शव उठते ही परिवार वाले दहाड़ मार-मार कर रोने लगे. ग्रामीणों की भीड़ लग गयी थी.
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