झारखंड: चुटूपालू-चरही घाटी को ‘एक्सीडेंट फ्री’ बनाएगा NHAI, सुरक्षा के लिए उठाए बड़े कदम

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Chutupalu Ghati

चुटूपालू घाटी

Chutupalu Ghati: NHAI रांची-हजारीबाग नेशनल हाईवे पर स्थित चुटूपालू और चरही घाटी को दुर्घटना मुक्त बनाने के लिए 140 करोड़ रुपये खर्च करेगा. इसके लिए टेंडर जारी कर दिया गया है. पढ़ें इसकी जरूरत क्यों पड़ रही है और NHAI को इसकी जरूरत क्यों पड़ रही है.

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रांची से मनोज लाल की रिपोर्ट

रांची : नेशनल हाइवे ऑथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआइ) एनएच-33 (नया एनएच-20) के रांची-हजारीबाग नेशनल हाइवे स्थित चरही व चुटूपालू घाटी को दुर्घटना मुक्त क्षेत्र बनायेगा. इसके लिए दोनों घाटियों के ब्लैक स्पॉट लोकेशन में आवश्यक सुधार किये जायेंगे. घाटियों को वाहनों के परिचालन के लिए पूरी तरह सुरक्षित बनाया जायेगा, ताकि यहां कोई भी दुर्घटना घाटी व इसके ब्लैक स्पॉट के कारण न हो. इस परियोजना पर करीब 140 करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे. एनएचएआइ ने इसके लिए टेंडर जारी कर दिया है. 25 जून को इसके लिए टेंडर ओपेन किये जायेंगे. इसके बाद एजेंसी को इस काम के लिए वर्क ऑर्डर दिया जायेगा. इस काम को पूरा करने के लिए दो साल का समय निर्धारित किया गया है.

कंपनी पांच वर्षों तक करेगी मेंटेनेंस

वहीं, काम लेने वाली कंपनी पांच वर्षों तक इसका मेंटेनेंस करेगी. दोनों घाटियों में लगातार सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं. ऐसे में यहां दुर्घटना के कारणों का सर्वे कराया गया था. यह देखा गया था कि आखिर किन जगहों पर दुर्घटनाएं हो रही हैं. इन ब्लैक स्पॉट क्षेत्रों से अवगत होने के बाद इसमें सुधार की जरूरत पर रिपोर्ट तैयार हुई. इसके बाद एनएचएआइ इसके सुधार की दिशा में आगे बढ़ा है. पहले सुधार के लिए योजना तैयार की गयी. इसके बाद लागत का आकलन किया गया. फिर जाकर इसका टेंडर जारी किया गया है.

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चुटूपालू घाटी में लगे साइन बोर्ड

रांची-हजारीबाग राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चुटूपालू घाटी में बुधवार को एनएचएआइ की ओर से कई साइन बोर्ड लगाये गये. इन साइन बोर्डों का उद्देश्य वाहन चालकों को मार्ग की विशेष परिस्थितियों से अवगत कराना, सुरक्षित गति बनाये रखने तथा सड़क दुर्घटनाओं की संभावनाओं को कम करना है. तीव्र मोड़ और ढलानों के कारण चुटूपालू घाटी को संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है. अब सड़क किनारे विभिन्न चेतावनी एवं मार्गदर्शक संकेत लगाये गये हैं, जिससे वाहन चालक अधिक सतर्क रह सकेंगे. इससे दुर्घटनाओं की संभावनाओं में कमी आने की उम्मीद है. मौके पर एनएचएआइ झारखंड के क्षेत्रीय अधिकारी संतोष कुमार आर्य ने सड़क उपयोगकर्ताओं से सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ यात्रा करने की अपील की. उन्होंने वाहन चालकों से निर्धारित गति सीमा का पालन करने, सीट बेल्ट एवं हेलमेट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने तथा यातायात नियमों का सम्मान करने का आग्रह किया.

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समीर उरांव

लेखक के बारे में

By समीर उरांव

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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