कागज पर बना डोभा, जमीन पर बना सिर्फ गड्ढा
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 31 Aug 2018 4:56 AM
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आरटीआइ से हुआ खुलासा डोभा में मानक के अनुसार नहीं हुई खुदाई अधूरे डोभा में दो फीट भी पानी नहीं देवघर : मोहनपुर प्रखंड स्थित घुठियाबड़ा असहना पंचायत में मनरेगा केे डोभा निर्माण में बड़ी गड़बड़ी हुई है. आरटीआइ में इसका खुलासा हुआ है. इसमें मनरेगा के कागज में सिमरजोर गांव में वित्तीय वर्ष 2016-17 […]
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आरटीआइ से हुआ खुलासा
डोभा में मानक के अनुसार नहीं
हुई खुदाई
अधूरे डोभा में दो फीट भी पानी नहीं
देवघर : मोहनपुर प्रखंड स्थित घुठियाबड़ा असहना पंचायत में मनरेगा केे डोभा निर्माण में बड़ी गड़बड़ी हुई है. आरटीआइ में इसका खुलासा हुआ है. इसमें मनरेगा के कागज में सिमरजोर गांव में वित्तीय वर्ष 2016-17 के लाभुक तारामणि देवी पति-देवेंद्र राय की जमीन पर एक डोभा है. कागज में इस डोभा की लंबाई व चौड़ाई 100/80 फीट है. इस डाेभा की खुदाई का काम 28 दिनों तक मजदूरों ने किया है, इसका भी मस्टर रौल का कागज तैयार है. कुल मिलाकर डाेभा की स्वीकृति से लेकर 2.95 लाख रुपये के भुगतान व सुंदर डाेभा तैयार होने की रिपोर्ट कागज पर पूरी तरह तैयार कर ली गयी है. जब प्रभात खबर की टीम तारामणि देवी की इस जमीन पर डोभा देखने गयी, तो डाेभा के नाम पर उस जगह जैसे-तैसे खोदा गया एक महज गड्ढा मिला.
जिस गड्ढे में दो फीट भी पानी नहीं है. डोभा बनाने के नाम पर गड्ढा खोद कर पैसे निकाल लिये गये हैं. गड्ढे के पानी से किसान अपने खेत का पटवन नहीं कर पा रहे हैं. जिस लाभुक ने डोभा बनाने के लिए जमीन दी थी, आज वह रो रहा है. लाभुक तारामाणि देवी के पति देवेंद्र राय का कहना है कि डाेभा खुदाई के नाम पर जमीन बर्बाद कर दी गयी. अब स्थिति यह हो गयी है कि जिस गड्ढे में पहले बरसात के पानी से किसान देवेंद्र खेती करते थे, आज उसी गड्ढे में डोभा के नाम पर मेढ़बंदी कर दिये जाने से पानी की निकासी भी नहीं कर पा रहे हैं. पर्याप्त पानी के अभाव में खेतों का धान नष्ट हो रहा है.
मास्टर रौल पर भी फर्जी टीप निशान:
कागजी प्रक्रिया पर भी फर्जीवाड़े का आरोप लाभुक तारामणि देवी ने लगाया है. लाभुक ने कहा है कि बिचौलियों की मिलीभगत से कागजी प्रक्रिया पूरी कर उनकी जमीन पर 100/80 फीट का डोभा दिखाकर फर्जी मस्टर राैल में उनका टीन निशान दर्शाया गया है. जिस मस्टर रौल में टीप निशान दर्शाया गया है, वह उनका नहीं है. जब बिचौलिये उनकी जमीन पर अचानक मिट्टी की खुदाई करने लगे, तो इसका मैंने विरोध किया, तब मुखिया व बिचौलियों ने सरकार से योजना स्वीकृत कर अच्छे ढंग से डोभा बनाने की बात कह दी. बावजूद डोभा मानक के अनुसार नहीं बन पाया. लाभुक तारामाणि देवी, देवेंद्र राय, शंभुनाथ मंडल, रमेश चंद्र मंडल आदि ने डीसी से कमेटी गठित कर जांच की मांग की है.
पशु शेड में भी वसूली का आरोप
ग्रामीणों ने घुठिया बड़ा असहना पंचायत में कई लोगों से मनरेगा के पशु शेड में चार से पांच हजार रुपये की वसूली का आरोप लगाया है. ग्रामीणों ने मुखिया के रिश्तेदारों व बिचौलियों पर वसूली का आरोप लगाया है. बताया गया है कि वसूली गयी राशि प्रखंड के पदाधिकारियों तक जायेगी. मोहनपुर प्रखंड में इन दिनों झालर समेत कई पंचायत में मनरेगा का 100/100 का डोभा मशीन से खोदा जा रहा है, इसे लेकर शिकायतें भी हो रही है.
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