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Bokaro News : शव ले जाने को नहीं दी एंबुलेंस, बेरमो विधायक ने बंद करवाया कार्य

Updated at : 18 Dec 2024 12:17 AM (IST)
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Bokaro News : शव ले जाने को नहीं दी एंबुलेंस, बेरमो विधायक ने बंद करवाया कार्य

Bokaro News : सीसीएल के ढोरी क्षेत्रीय अस्पताल में प्राचार्य का शव ले जाने को नहीं दी एंबुलेंस, तो बेरमो विधायक ने ढोरी एरिया का काम बंद करा दिया.

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फुसरो. बीडीए इंटर कॉलेज पिछरी के प्राचार्य सुनील कुमार सिंह (54 वर्ष) का निधन हार्ट अटैक से मंगलवार को हो गया. सिंह कॉलेज का कार्य व चेक साइन कराने बेरमो विधायक कुमार जयमंगल सिंह के ढोरी स्टाफ क्वार्टर स्थित आवासीय कार्यालय गये थे. विधायक के सामने ही उन्हें हार्ट अटैक आया. विधायक ने सिंह को केंद्रीय अस्पताल ढोरी पहुंचवाया, जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया. जब परिजन शव ले जाने के लिए एंबुलेंस मांगे, तो आरोप है कि सीएमओ आरएन झा ने उपलब्ध नहीं कराया. कहा गया कि एक-डेढ़ साल से इएंडएम विभाग द्वारा एंबुलेंस का टेंडर नहीं कराया गया है. इसके बाद विधायक के निर्देश पर उनके समर्थकों ने ढोरी एरिया का उत्पादन व ट्रांसपोर्टिंग बंद करा दिया. विधायक ने सीसीएल से मांग की कि सीएमओ को पद से हटा कर दूसरे एरिया में ट्रांसफर किया जाये. एरिया जीएम रंजय कुमार सिन्हा बाद में पांच नंबर धौड़ा स्थित राकोमयू (इंटक) के प्रधान कार्यालय पहुंचे और विधायक से उत्पादन व ट्रांसपोर्टिंग चालू कराने का आग्रह किया. विधायक ने सीसीएल सीएमडी व डीटी से बात की. सीएमओ को पद से हटाने और दो-तीन दिन में दूसरे एरिया में ट्रांसफर करने का आश्वासन मिलने पर दो घंटे के उपरांत ढोरी एरिया में कार्य शुरू किया गया.

विधायक ने सीएमओ पर लगाये कई आरोप

बेरमो विधायक कुमार जयमंगल ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि प्राचार्य सुनील कुमार सिंह की माैत सीएमओ आरएन झा की लापरवाही के कारण हुई है. शिक्षक के शव को अपमानित भी किया. वह छह सौ रुपये लेकर प्राइवेट प्रैक्टिस करते हैं. उनके घर में मरीजों की लाइन लगी रहती है. अस्पताल में कार्य करने वाले मजदूरों से पैसे की मांग करते हैं. नहीं देने पर बिल पर साइन नहीं करने की धमकी देते हैं. वह किसी एरिया में रहने लायक नहीं है. इन्हें सबसे खराब क्षेत्र में भेजा जाये. डॉ झा के सीएमओ बनने के बाद अस्पताल में घूसखोरी चरम सीमा पर है. अस्पताल की संपत्ति के साथ छेड़छाड़ की जा रही है. अस्पताल आने वाले मरीजों को निजी अस्पतालों में भेजा जाता है. दवा अस्पताल में रहते हुए भी मरीजों को बाहर से दवा लाने और जांच कराने के लिए कहा जाता है. इस पर विजिलेंस जांच होनी चाहिए. इसके लिए पत्राचार करेंगे.

अस्पताल से शव ले जाने के लिए एक भी एंबुलेंस उपलब्ध नहीं है. यह बात विधायक को बतायी, तो उन्होंने मुझे काफी कुछ बोला. पहले भी विधायक ने प्राइवेट एंबुलेंस की व्यवस्था कर शव भिजवाया था. इसलिए मैंने उनसे एंबुलेंस की व्यवस्था करवाने का आग्रह किया था.

डॉ आरएन झा, सीएमओ, केंद्रीय अस्पताल, ढोरी

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