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AI से प्रवचन लिखने वाले पादरियों को पोप की चेतावनी; बोले- दिमाग चलाओ वरना मर जाएगा

Updated at : 27 Feb 2026 12:54 PM (IST)
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Pope Leo XIV ai sermon warning priests

तस्वीर में कैथोलिक चर्च के सबसे बड़े धर्मगुरु पोप लियो XIV.

पोप लियो XIV ने वेटिकन सिटी के पादरियों को एक आदेश दिया है. उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल करके उपदेश तैयार करना धर्म के खिलाफ है. शिकागो में जन्मे पहले अमेरिकी पोप ने साफ-साफ कहा कि अगर हम अपने दिमाग का इस्तेमाल करना बंद कर देंगे, तो हमारी सोचने की शक्ति खत्म हो जाएगी. उन्होंने डिजिटल युग में लाइक और फॉलोअर्स की होड़ को भी आध्यात्मिक जीवन के लिए खतरा बताया.

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कैथोलिक चर्च के सबसे बड़े धर्मगुरु पोप लियो XIV ने पादरियों को एक कड़ा संदेश दिया है. उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि चर्च में दिए जाने वाले उपदेश (Sermons) तैयार करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल बिल्कुल न करें. पोप का मानना है कि मशीनें कभी भी इंसान की तरह ‘आस्था’ और ‘विश्वास’ को महसूस नहीं कर सकतीं.

दिमाग का इस्तेमाल नहीं किया तो वो मर जाएगा

19 फरवरी को रोम के पादरियों के साथ एक प्राइवेट बातचीत के दौरान पोप ने आगाह किया कि AI को शॉर्टकट की तरह इस्तेमाल करना बंद करें. वेटिकन न्यूज के अनुसार, उन्होंने कहा है कि जैसे शरीर की मांसपेशियों (Muscles) का इस्तेमाल न करने पर वो कमजोर हो जाती हैं, वैसे ही अगर हम दिमाग की कसरत नहीं करेंगे, तो सोचने-समझने की क्षमता खत्म हो जाएगी. उन्होंने पादरियों से अपील की कि वे अपनी बुद्धि और रूहानी सोच पर भरोसा रखें.

मशीनें नहीं बांट सकतीं दिल का विश्वास

पोप लियो ने जोर देकर कहा कि प्रवचन देना सिर्फ ज्ञान की बातें करना नहीं है, बल्कि यह अपने अनुभवों और भरोसे को दूसरों के साथ साझा करना है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि असली प्रवचन वही है जिसमें आप अपनी आस्था को लोगों तक पहुंचाते हैं, और AI कभी भी आस्था को शेयर नहीं कर सकता.

सोशल मीडिया के ‘लाइक्स’ के पीछे न भागें

सिर्फ AI ही नहीं, पोप ने तकनीक के अन्य पहलुओं पर भी चिंता जताई. उन्होंने पादरियों को सलाह दी कि वे सोशल मीडिया पर ‘लाइक्स’ और ‘फॉलोअर्स’ बटोरने के चक्कर में न पड़ें. उनके मुताबिक, धर्म का प्रचार करना ऑनलाइन मशहूर होने का जरिया नहीं होना चाहिए.

कौन हैं पोप लियो XIV?  

साल 2025 में चुने गए पोप लियो XIV का असली नाम रॉबर्ट फ्रांसिस प्रीवोस्ट है. उनके बारे में कुछ खास बातें नीचे दी गई हैं:

  • जन्म: 14 सितंबर, 1955 (शिकागो, अमेरिका)
  • चुनाव: 8 मई, 2025 को वे दुनिया के 267वें पोप बने.
  • इतिहास: वे अमेरिका में पैदा होने वाले पहले पोप हैं. उनके पास अमेरिका और पेरू की दोहरी नागरिकता है.
  • अनुभव: पोप बनने से पहले वे पेरू में मिशनरी और बिशप के रूप में काम कर चुके हैं.
  • नाम का महत्व: उन्होंने अपना नाम ‘लियो XIV’ महान पोप लियो XIII के सम्मान में चुना, जो अपने सामाजिक कार्यों के लिए जाने जाते थे. पोप लियो XIV का 2026 का शेड्यूल बताता है कि वे पूरी दुनिया में शांति, एकता और भाईचारे को बढ़ावा देना चाहते हैं. वे पोप फ्रांसिस की तरह ही सामाजिक न्याय की बात करते हैं और तकनीक के दौर में मानवीय संवेदनाओं को बचाने की कोशिश कर रहे हैं.

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Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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