पश्चिम बंगाल के SIR अधिकारी गलती से पहुंचे ओड़िशा, बच्चा चोर समझ ग्रामीणों ने पीटा

Published by : Anant Narayan Shukla Updated At : 27 Feb 2026 12:52 PM

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अधिकारी गलती से ओडिशा के बालासोर जिले के राजनगर गांव में घुस गए. प्रतीकात्मक तस्वीर. फोटो- एक्स (@CEOWestBengal)

West Bengal SIR: पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य तेजी से चल रहा है. इस सिलसिले में कुछ अधिकारियों को सीमावर्ती इलाकों का दौरा करना था, लेकिन गलफहमी की वजह से वह ओडिशा के गांव में पहुंच गए. ग्रामीणों ने उन्हें बच्चा चोर समझकर पीट दिया, जिसके बाद पुलिस ने 72 लोगों को हिरासत में लिया है.

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West Bengal SIR: पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्य के लिए तैनात दो अधिकारी गलती से पड़ोसी राज्य ओडिशा के बालासोर जिले के एक गांव में पहुंच गए. यहां उन्हें बच्चा चोर गिरोह का सदस्य समझकर स्थानीय लोगों ने उन पर हमला कर दिया. पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, उनकी पिटाई भी की गई. पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. पुलिस के अनुसार, यह घटना बुधवार को उस समय हुई जब दोनों अधिकारी बालासोर जिले के रायबानिया थाना क्षेत्र के एक गांव में पहुंच गए जो पश्चिम बंगाल की सीमा से सटा हुआ है.

पुलिस के मुताबिक कर्मचारियों की पहचान, सुमित हाजरा और सोम हांसदा को रूप में हुई है. दोनों बैंक कर्मचारी हैं. दोनों अधिकारियों को एसआईआर के लिए ‘माइक्रो-ऑब्जर्वर’ के रूप में तैनात किया गया था. उन्हें पश्चिम बंगाल के नयाग्राम ब्लॉक के एक गांव में जाना था. हालांकि, किराए पर लिये गये ऑटो-रिक्शा के चालक ने उन्हें गलती से ओडिशा के सीमावर्ती गांव में पहुंचा दिया.

ऑटो लेने के लिए रुके थे अधिकारी

बालासोर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) निरंजन बेहरा ने कहा, ‘अपने निर्धारित स्थान तक जाने के लिए कोई परिवहन साधन न मिलने पर दोनों अधिकारियों ने एक ऑटो-रिक्शा चालक से नयाग्राम ले चलने का अनुरोध किया, लेकिन वह ऑटो स्कूल ड्यूटी पर था और उसने मना कर दिया. वैकल्पिक परिवहन का इंतजार करते समय इलाके में बाल अपहरणकर्ताओं की अफवाह फैल गई. संचार में कमी के कारण ग्रामीणों ने दोनों चुनाव अधिकारियों को रोक लिया और उनके साथ बेरहमी से मारपीट की.’

सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन भीड़ ने पुलिस को भी रोका और पुलिस दल के साथ धक्का-मुक्की की.  गांव पहुंची स्थानीय पुलिस निरीक्षक की अपील को भी ग्रामीणों ने अनसुना कर दिया. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया. वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे. कुछ समय बाद पुलिस ने दोनों अधिकारियों को भीड़ से बचाया.

गिरफ्तार किए गए 72 लोग

बालासोर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक निरंजन बेहरा ने शुक्रवार को फोन पर ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ दो मामले दर्ज किए गए हैं और अब तक 72 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. बचाए जाने के बाद घायल चुनाव अधिकारियों को इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया. पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार लोगों को अदालत में पेश किया जाएगा. किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए राइबनिया थाना क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा बल भी तैनात किए गए हैं.

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अतिरिक्त एसपी ने बताया कि इस मामले में दो प्राथमिकी दर्ज की गई हैं, एक चुनाव अधिकारियों की ओर से और दूसरी पुलिस की ओर से. मामले में 100 से अधिक लोगों से पूछताछ की गई है. उन्होंने बताया कि घटना में शामिल अन्य लोगों की तलाश जारी है. रायबानिया थाना प्रभारी निरीक्षक चंपावती सोरेन ने बताया कि एसआईआर ड्यूटी में तैनात अधिकारियों को रायबानिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था और उसी दिन उन्हें छुट्टी दे दी गई.

पीटीआई के इनपुट के साथ.

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Anant Narayan Shukla

लेखक के बारे में

By Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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