सुनिल महतो : बढ़ते सड़क हादसों से नागरिकों की असुरक्षा की चिंता से भले ही ट्रैफिक पुलिस दुबली हो रही हो. नागरिक सुरक्षा को ले भले ही वह पचास से अधिक जागरूकता अभियान चला चुकी हो, लेकिन बाइक सवार हैं कि उनको इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. चास शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार हो रहे हादसों से ये सीख नहीं लेते.
पिछले छह माह में सड़क हादसे में एक दर्जन से अधिक बाइक सवार घायल हो चुके हैं या फिर काल के गाल में समा चुके हैं. बावजूद इसके बाइक सवार युवक हों या स्कूटी सवार युवतियां, वे हेलमेट पहने बगैर वाहन चलाते हैं. हेलमेट की बाबत पूछे गये सवालों पर ये बाइक सवारों अगल-बगल झांकने लगते हैं और तरह-तरह के बहाने बनाते दिखते हैं.
ट्रैफिक पुलिस के भी छूटे पसीने : चास के लोगों को हेलमेट लगाकर बाइक चलाने को लेकर ट्रैफिक पुलिस की ओर से समय-समय पर कई जागरूकता अभियान चलाये गये. सैकड़ों लोगों को हेलमेट पहनने के फायदे गिनाये गये. लोग हैं कि बाइक चलाने के दौरान हेलमेट लगाना पसंद नहीं करते हैं, जैसे उनके स्मार्टनेस को बट्टा लग जाता है. लोगों को समझाते-समझाते ट्रैफिक पुलिस के जवानों के भी पसीने छूट गये हैं. इस संबंध में ट्रैफिक डीएसपी सुनील कुमार रजवार ने बताया कि प्रत्येक बार वाहन जांच के दौरान लोगों को समझाया जाता है. बावजूद इसके काफी लोग दुबारा बिना हेलमेट के पकड़े जाते हैं.
50 से अधिक जागरूकता अभियान : ट्रैफिक डीएसपी श्री रजवार ने बताया कि सड़क सुरक्षा, जीवन रक्षा आदि नारों के साथ चास सहित विभिन्न क्षेत्रों में 50 से अधिक जागरूकता अभियान चलाये गये. ट्रैफिक पुलिस की ओर से काउंसेलिंग, स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम, बैनर-पोस्टर, हेलमेट वितरण व दुर्घटनाओं की वीडियो क्लिपिंग भी दिखायी गयी. इसके अलावा सूचना एवं जनसंपर्क अभियान के तहत भी बाइक चलाने के दौरान नियमों की जानकारी दी गयी.
इसके बावजूद लोग बाइक चलाने के दौरान हेलमेट नहीं लगा रहे. बताया कि हमारी मंशा लोगों को यातायात के प्रति जागरूक करने की है, क्योंकि हर वर्ष कई लोग असावधानी के कारण अकाल मौत के शिकार हो रहे हैं. इसके अलावा लोगों को उनके बच्चों के जरिये भी हेलमेट पहनने का संदेश दिया गया. फिर भी लोग दुबारा चालान कटवाने के लिए पकड़े जाते हैं.
लोग मानते हैं, हेलमेट वाकई देता है सुरक्षा
चास बाजार के व्यवसायी आशीष महथा, संजय सोनी, निताई चंद्र पाल ने बताया कि हेलमेट पहनने से लोग वाकई में सुरक्षित रहते हैं. चास जैसे भीड़-भाड़ वाले इलाके में कई बार बाइक चलाने के दौरान गिरे हैं, लेकिन हेलमेट ने जान बचायी है. लोगों को हेलमेट पहनना चाहिए. आइटीआइ मोड़ के अर्जुन महतो ने एक घटना का जिक्र किया कि आइटीआइ मोड़ के पास बीते दिसंबर माह में भंड्रो का एक युवक ट्रेलर की चपेट में आया था. दुर्घटना से युवक गंभीर रूप से जख्मी हुआ, लेकिन हेलमेट की वजह से वह बच गया. उसे तत्काल चिकित्सा उपलब्ध करायी गयी और अब वह ठीक है. इसके अलावा अधिवक्ता सुभाष कुमार, मो. शाहीद व अभय शर्मा ने भी हेलमेट पहन सुरक्षित यात्रा करने की बात कही. कहा कि प्रशासन एक हद तक ही लोगों को जागरूक कर सकता है, पर लोगों को सजग होना पड़ेगा. उन्हें उन्हें हेलमेट पहनने की जरूरत समझनी होगी.
पुत्र की याद में हर साल बांटते हैं हेलमेट
तारानगर निवासी मनोज सिंह अपने पुत्र की याद में प्रत्येक वर्ष 100 से अधिक हेलमेट बांटते हैं. उन्होंने बताया कि उनके पुत्र यश की सड़क दुर्घटना में मौत हो गयी थी. बाइक चलाने के दौरान पुत्र ने हेलमेट नहीं पहना था. कम उम्र में ही पुत्र की अर्थी उठानी पड़ी. इसलिए श्री सिंह प्रत्येक वर्ष लोगों को ‘यश वी फॉर यू’ नामक संस्था बनाकर हेलमेट बांट कर लोगों को जागरूक करते हैं.
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