पूर्व मंत्री माधव बाबू के द्वादश श्राद्धकर्म में संपन्न हुए धार्मिक अनुष्ठान, श्रद्धांजलि सभा में उमड़ा जनसैलाब

Published by : KumarVishwat Sen Updated At : 25 May 2026 3:23 PM

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पूर्व मंत्री माधव लाल सिंह के पैतृक गांव साड़म में आयोजित श्राद्धकर्म के बाद भोज में शामिल लोग. फोटो: प्रभात खबर

Bokaro News: बिहार-झारखंड के पूर्व मंत्री और गोमिया के पूर्व विधायक स्व. माधव लाल सिंह के द्वादश श्राद्धकर्म में वैदिक परंपराओं के अनुसार धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए. साड़म स्थित पैतृक आवास में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में हजारों लोग जुटे. जनसेवा को समर्पित उनके जीवन को याद कर लोगों ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

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ललपनिया से रामदुलार पंडा की रिपोर्ट

Bokaro News: बिहार-झारखंड के पूर्व मंत्री और गोमिया के पूर्व विधायक स्व माधव लाल सिंह (माधव बाबू) के द्वादश श्राद्धकर्म सह श्रद्धांजलि सभा के अवसर पर सोमवार को उनके पैतृक आवास साड़म में सनातन संस्कृति और वैदिक परंपराओं के अनुसार सभी धार्मिक अनुष्ठान विधिवत संपन्न किए गए. सुबह से ही वैदिक मंत्रोच्चार और पुरोहितों के मार्गदर्शन में परिवार के सदस्यों ने विभिन्न धार्मिक कर्मकांड पूरे किए.

सनातन संस्कृति एवं वैदिक परंपराओं के अनुसार द्वादश संस्कार के अवसर पर पिंडदान, तर्पण, ब्राह्मण पूजन, ब्राह्मण भोजन तथा दान-पुण्य के विविध अनुष्ठान संपन्न किए गए. परंपरा के अनुरूप सजिया दान, वस्त्र दान, शैय्या दान, अन्न दान और अन्य धार्मिक दान की प्रक्रियाएं भी पूरी की गईं. अनुष्ठान के दौरान साड़म, होसिर, गोमिया और आसपास के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे सैकड़ों ब्राह्मण एवं पुरोहितों को ससम्मान भोजन कराया गया तथा उन्हें दक्षिणा और सम्मान स्वरूप सामग्री भेंट की गई. वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधानों के बीच संपन्न हुए इन अनुष्ठानों में परिवार के सदस्यों ने स्व. माधव बाबू की आत्मा की शांति व सद्गति के लिए प्रार्थना की.

श्रद्धांजलि सभा में उमड़ेगा जनसैलाब

माधव बाबू के साड़म स्थित पैतृक आवास में कुछ ही देर में शुरू होने वाली श्रद्धांजलि सभा में राज्य के कई वरिष्ठ राजनीतिक नेता, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है. गोमिया विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों के अलावा झारखंड के अलग-अलग जिलों से हजारों की संख्या में लोग अपने प्रिय जननेता को श्रद्धासुमन अर्पित करने के लिए पहुंच रहे हैं. आयोजन स्थल पर आगंतुकों के स्वागत, बैठने एवं भोजन की व्यापक व्यवस्था की गई है. पूरे क्षेत्र में श्रद्धा, सम्मान और भावुकता का माहौल देखा जा रहा है.

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जनसेवा को समर्पित रहा माधव बाबू का जीवन

माधव बाबू का राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन जनसेवा, संघर्ष और विकास कार्यों के प्रति समर्पित रहा. यही कारण है कि उनके निधन के बाद भी लोगों का स्नेह और सम्मान निरंतर उनके परिवार एवं आवास तक पहुंच रहा है. आज की श्रद्धांजलि सभा में उमड़ने वाली भीड़ उनके प्रति जनमानस की गहरी आस्था और लोकप्रियता का प्रमाण मानी जा रही है.

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लेखक के बारे में

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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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