मुसीबत . लिंक ट्रेन नहीं होने से यात्रियों की होती है फजीहत
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 04 Feb 2016 3:50 AM
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ट्रेनों का समय भी बेतुका सहरसा से खुलने वाली अधिकांश ट्रेनों को पकड़ने के लिए सुपौल स्टेशन से लिंक ट्रेन की व्यवस्था नहीं रात के दस बजे के बाद सुबह पांच बजे के बीच सहरसा के लिए एक भी ट्रेन नहीं सुपौल : रेल मंत्रालय का सहरसा-फारबिसगंज रेलखंड के प्रति उदासीनता व लापरवाही ने स्थानीय […]
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ट्रेनों का समय भी बेतुका
सहरसा से खुलने वाली अधिकांश ट्रेनों को पकड़ने के लिए सुपौल स्टेशन से लिंक ट्रेन की व्यवस्था नहीं
रात के दस बजे के बाद सुबह पांच बजे के बीच सहरसा के लिए एक भी ट्रेन नहीं
सुपौल : रेल मंत्रालय का सहरसा-फारबिसगंज रेलखंड के प्रति उदासीनता व लापरवाही ने स्थानीय यात्रियों को आजिज कर रखा है. एक ओर इस रेल खंड में आमान परिवर्तन विकराल समस्या बनी हुई है. शिलान्यास के 13 साल बीत जाने के बाद भी काम पूरा नहीं होने से इस रेल खंड के करीब 32 लाख लोगों में असंतोष व्याप्त है और वे विभाग पर सौतेलेपन का आरोप लगा रहे हैं. वहीं दूसरी ओर मौजूद छोटी लाइन ट्रेन की बदहाल व्यवस्था ने लोगों को हलकान कर रखा है.
कहने को तो इस रेल खंड में सहरसा से थरबिटिया के बीच छह जोड़ी ट्रेनों का परिचालन हो रहा है. पर, इन ट्रेनों का समय सारणी इतना बेतुका है कि जरूरत मंद यात्री अक्सर ट्रेनों के बजाय सड़क मार्ग को प्राथमिकता देते हैं.
आमान परिवर्तन का काम वर्षो पहले हो चुका है पूरा
गौरतलब है कि सहरसा-बरौनी रेल खंड में आमान परिवर्तन का काम वर्षों पूर्व संपन्न हो चुका है. जाहिर तौर पर इस रेल खंड में बड़ी लाइन की दूरगामी ट्रेनों का परिचालन भी प्रारंभ है. इसमें गरीब रथ, हाटे-बजारे, जनसेवा, राजरानी, जानकी व कोसी एक्सप्रेस शामिल हैं. लेकिन विडंबना है कि सहरसा से खुलने वाली अधिकांश ट्रेनों को पकड़ने के लिए सुपौल स्टेशन से लिंक ट्रेन की व्यवस्था उपलब्ध नहीं करायी गयी है. खास कर रात के दस बजे के बाद सुबह पांच बजे के बीच सहरसा के लिए एक भी ट्रेन उपलब्ध नहीं रहने से यात्रियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है.
पांच घंटे करना पड़ता है इंतजार
रेलवे के बेतुका समय सारणी से परेशान यात्री विशेष कर प्रमुख ट्रेनों में यात्रा करने हेतु बस, टैक्सी आदि का सहारा लेते हैं. वहीं देर रात व अहले सुबह खुलने वाली जानकी व कोसी एक्सप्रेस पकड़ना दूभर साबित होता है.
सहरसा से कोसी एक्सप्रेस सुबह पांच बजे पटना व हटिया के लिए प्रस्थान करती है. इसके लिए रात करीब दो बजे ट्रेन की आवश्यकता जतायी जाती है. शाम में खुलने वाली अंतिम ट्रेन संख्या 52331 का सहरसा के लिए प्रस्थान समय 21.54 निर्धारित है. उक्त ट्रेन से सहरसा जाने वाले यात्रियों को पांच घंटे तक सहरसा में कोसी एक्सप्रेस का इंतजार करना पड़ता है. जो समय की बरबादी के साथ ही जिल्लत भरी इंतजारी साबित होता है. सहरसा तक आने वाली कोसी व अन्य कई प्रमुख ट्रेनों के मेल पर सुपौल के लिए ट्रेन उपलब्ध नहीं है. इससे यात्री परेशानी का शिकार हो रहे हैं.
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