विस्फोटक अधिनियम में एक दोषी,11 वर्षों के बाद आया फैसला
Updated at : 13 Mar 2019 1:10 AM (IST)
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सीवान : एडीजे छह जीवन लाल की अदालत ने विस्फोटक अधिनियम के मामले में एक आरोपित को दोषी पाते हुए 10 वर्षों की सजा, पांच हजार रुपये जुर्माना व जुर्माने की राशि नहीं देने पर अतिरिक्त तीन माह की सजा काटनी होगी. कोर्ट द्वारा यह फैसला 11 वर्षों के बाद सुनाया गया है. बताते चलें […]
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सीवान : एडीजे छह जीवन लाल की अदालत ने विस्फोटक अधिनियम के मामले में एक आरोपित को दोषी पाते हुए 10 वर्षों की सजा, पांच हजार रुपये जुर्माना व जुर्माने की राशि नहीं देने पर अतिरिक्त तीन माह की सजा काटनी होगी. कोर्ट द्वारा यह फैसला 11 वर्षों के बाद सुनाया गया है.
बताते चलें कि नगर थाने के मकदुम सराय पूरब टोला काली स्थान के पास योगेंद्र सिंह ने अपने बयान में कहा है कि 28 दिसंबर को 2007 को रात के सात बजे मेरे मकान के दक्षिण वाली दीवार पर एक व्यक्ति बम से हमला किया था. बाहर निकलने पर मुहल्ले की ही रामचंद्र चौहान ने कहा कि विस्फोट मैंने किया है, जो मेरे अनुसार नहीं चलेगा.
उसे मैं उड़ा दूंगा. नगर थाने की पुलिस घटनास्थल की निरीक्षण की. आरोपित रामचंद्र चौहान एक खूंखार अपराधी है. वह 18 जुलाई, 2018 से ही जेल में बंद है. मामले में अभियोजन की तरफ से एपीपी नरेश कुमार सिंह, बचाव पक्ष से अधिवक्ता की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने कोर्ट ने दोषी पाया है.
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