सीवान: 12 लॉट CMR बकाया होने पर तीन पैक्सों को FIR पूर्व नोटिस, हरदिया पैक्स ने नहीं जमा किया एक भी लॉट

Author Vikas Jha
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पैक्स गोदाम

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Siwan News: सीवान जिले में खरीफ विपणन मौसम 2025-26 के तहत धान अधिप्राप्ति के बाद सीएमआर (कस्टम मिल्ड राइस) आपूर्ति में लापरवाही बरतने पर जिला सहकारिता विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है. जिला सहकारिता पदाधिकारी सौरभ कुमार ने पचरुखी, हरदिया और कचनार पैक्स को एफआईआर पूर्व नोटिस जारी किया है. इन तीनों पैक्सों पर कुल 12 लॉट यानी 314.982 मीट्रिक टन सीएमआर बकाया है. हरदिया पैक्स की स्थिति सबसे खराब है, जहां अब तक शून्य आपूर्ति हुई है.

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Siwan News (विवेक कुमार सिंह): सीवान जिले में खरीफ विपणन मौसम 2025-26 के तहत धान अधिप्राप्ति के बाद सीएमआर आपूर्ति में लापरवाही बरतने वाले पैक्सों के खिलाफ जिला सहकारिता विभाग ने सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है. जिला सहकारिता पदाधिकारी सौरभ कुमार ने पचरुखी प्रखंड के पचरुखी पैक्स, हरदिया पैक्स तथा सिसवन प्रखंड के कचनार पैक्स को एफआईआर पूर्व नोटिस जारी किया है. अधिकारियों ने इन समितियों को अविलंब लंबित सीएमआर आपूर्ति सुनिश्चित करने का कड़ा निर्देश दिया है.

हरदिया पैक्स में शून्य आपूर्ति, चार लॉट पूरा बकाया

विभागीय समीक्षा में पाया गया कि तीनों पैक्सों के जिम्मे कुल 314.982 मीट्रिक टन सीएमआर की आपूर्ति अब भी लंबित है. इसमें सबसे गंभीर स्थिति पचरुखी प्रखंड के हरदिया पैक्स की पाई गई है, जिसने अब तक एक भी लॉट सीएमआर राज्य खाद्य निगम को उपलब्ध नहीं कराया है. हरदिया पैक्स द्वारा 168.900 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई थी, जिसके विरुद्ध 114.852 मीट्रिक टन सीएमआर की आपूर्ति की जानी थी. लेकिन अब तक शून्य आपूर्ति होने के कारण पूरे चार लॉट सीएमआर की आपूर्ति रुकी हुई है.

पचरुखी और कचनार पैक्स पर भी लाखों का चावल बकाया

समीक्षा के अनुसार, पचरुखी पैक्स द्वारा 253.350 मीट्रिक टन धान की खरीद के विरुद्ध 172.278 मीट्रिक टन सीएमआर उपलब्ध कराया जाना था. इसमें से केवल 29 मीट्रिक टन सीएमआर की आपूर्ति की गई है, जबकि 143.278 मीट्रिक टन यानी पांच लॉट सीएमआर अब भी बकाया है. इसी प्रकार सिसवन प्रखंड के कचनार पैक्स द्वारा 168.900 मीट्रिक टन धान खरीद के विरुद्ध 114.852 मीट्रिक टन सीएमआर देना था, लेकिन अब तक 58 मीट्रिक टन सीएमआर ही उपलब्ध कराया गया है. यहां भी 56.852 मीट्रिक टन यानी दो लॉट सीएमआर की आपूर्ति शेष है.

एसटीआर जारी होने के बाद भी नियमों की अनदेखी

जिला सहकारिता पदाधिकारी ने बताया कि तीनों समितियों के लिए राज्य खाद्य निगम द्वारा एसटीआर पहले ही निर्गत किया जा चुका है. विभागीय निर्देश के अनुसार एसटीआर जारी होने के तीन दिनों के भीतर सीएमआर की आपूर्ति कर दी जानी चाहिए, लेकिन संबंधित समितियों द्वारा इस नियम का पालन नहीं किया गया है. जबकि विभाग द्वारा सीएमआर आपूर्ति की अंतिम तिथि 30 जून 2026 निर्धारित की गई है.

गबन की आशंका, पैक्स अध्यक्षों को अंतिम चेतावनी

विभाग द्वारा जारी नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि लंबे समय से सीएमआर आपूर्ति लंबित रहने के कारण अवशेष चावल के गबन की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता. इसके साथ ही विभागीय निर्देशों की अवहेलना तथा राज्य खाद्य निगम, जिला सहकारी बैंक और संबंधित राइस मिलरों को वित्तीय क्षति पहुंचाने की मंशा भी परिलक्षित हो रही है. इसे आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के प्रावधानों के उल्लंघन के रूप में भी देखा जा रहा है. डीसीओ ने तीनों पैक्सों के अध्यक्षों और प्रबंधकों को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा है कि वे अविलंब लंबित सीएमआर राज्य खाद्य निगम को उपलब्ध कराएं, अन्यथा उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने के साथ-साथ लंबित राशि की वसूली की कार्रवाई भी की जाएगी. इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित पैक्स प्रबंधन की होगी.

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विकाश झा

लेखक के बारे में

By विकाश झा

विकाश झा प्रभात खबर में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में छह वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ उन्होंने पटना यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन में स्नातक तथा माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की है.

पत्रकारिता की शुरुआत वर्ष 2020 में भोपाल से हुई, जिसके बाद उन्होंने ETV Bharat, Bharat Express और News24 जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में विभिन्न जिम्मेदार भूमिकाओं का निर्वहन किया. News24 से आगे बढ़ते हुए उन्होंने Adglobal360 India Pvt. Ltd. के माध्यम से बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) में कंटेंट राइटर के रूप में कार्य किया तथा बिहार सरकार के विभिन्न विभागों की सोशल मीडिया टीमों में भी अपनी सेवाएं दीं.

स्पोर्ट्स, हाइपरलोकल और पॉलिटिकल पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता के क्षेत्र हैं. क्रिकेट के प्रति उनका गहरा लगाव है और वे क्रिकेट को सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि अपनी लेखनी का महत्वपूर्ण विषय मानते हैं. उन्हें यात्रा करना, नए लोगों और स्थानों को जानना तथा समाज और राजनीति से जुड़े विषयों पर लिखना पसंद है.

मूल रूप से बिहार के समस्तीपुर जिले के रहने वाले विकाश डिजिटल मीडिया की तेज रफ्तार दुनिया में तथ्यों पर आधारित, प्रभावशाली और पाठक-केंद्रित कंटेंट तैयार करने के लिए जाने जाते हैं.

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