लालू यादव के साले के घर बुलडोजर लेकर पहुंची IPS अब छोड़ेंगी बिहार, मिला नया कैडर

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 11 Jun 2026 8:42 PM

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IPS दीक्षा यादव

IPS Diksha Yadav: गृह मंत्रालय की मंजूरी के बाद अब पटना की सिटी एसपी दीक्षा यादव बिहार छोड़कर एजीएमयूटी कैडर में सेवा देंगी. दीक्षा यादव के पति भी इसी कैडर में आईपीएस अधिकारी हैं.

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IPS Diksha Yadav: पटना की सिटी एसपी दीक्षा यादव का आईपीएस कैडर बदल गया है. केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय ने उनके अनुरोध पर बिहार कैडर से एजीएमयूटी (AGMUT) कैडर में ट्रांसफर को मंजूरी दे दी है. अब वह अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेशों में अपनी सेवाएं देंगी. इस संबंध में बिहार के गृह विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है.

दीक्षा यादव 2021 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं. उन्होंने 2022 बैच के एजीएमयूटी कैडर के आईपीएस अधिकारी द्वारका गढ़ी से शादी की है. वो जम्मू के रहने वाले हैं. शादी के बाद पति के साथ रहने के लिए दीक्षा ने कैडर बदलने का आवेदन दिया था. केंद्र के आदेश के बाद बिहार सरकार ने उन्हें एजीएमयूटी कैडर के लिए कार्यमुक्त करने की प्रक्रिया पूरी कर ली है.

सीतामढ़ी में पहली पोस्टिंग, पटना में सुलझाए चर्चित केस

दीक्षा यादव की बिहार में पहली पोस्टिंग सीतामढ़ी में थाना प्रभारी (SHO) के रूप में हुई थी. इसके बाद उनका ट्रांसफर पटना हो गया, जहां वे एएसपी रहीं और फिर उन्हें सेंट्रल सिटी एसपी बनाया गया. पटना में तैनाती के दौरान उन्होंने कई बड़े अपराधों का खुलासा किया. पिछले साल हुए हाई-प्रोफाइल गोपाल खेमका मर्डर केस की जांच का नेतृत्व भी उन्होंने ही किया था.

लालू यादव के साले के घर बुलडोजर लेकर पहुंची थीं दीक्षा

पटना वेस्ट की एएसपी रहते हुए दीक्षा यादव तब चर्चा में आईं, जब वे पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के साले सुभाष यादव के घर बुलडोजर लेकर पहुंच गईं. जनवरी 2024 में जमीन पर अवैध कब्जे के एक मामले में सुभाष यादव के खिलाफ कोर्ट से कुर्की का वारंट जारी हुआ था. दीक्षा यादव सुबह-सुबह ही भारी पुलिस बल के साथ उनके घर पहुंच गईं. इस कड़े एक्शन के बाद सुभाष यादव ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया था. इस कार्रवाई के बाद उन्हें लेडी सिंघम कहा जाने लगा.

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आईआईटी दिल्ली से बीटेक और तीसरे प्रयास में बनीं आईपीएस

दीक्षा यादव का एजुकेशनल बैकग्राउंड बेहतरीन रहा है. उनके पिता हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड में एजीएम हैं और मां सरकारी शिक्षिका हैं. दीक्षा ने आईआईटी दिल्ली से टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी में बीटेक किया है. इंजीनियरिंग के बाद उन्होंने सिविल सेवा की तैयारी शुरू की. दूसरे प्रयास में उनका चयन भारतीय रेलवे सेवा (IRTS) में हुआ, लेकिन उनका लक्ष्य आईपीएस बनना था. उन्होंने दोबारा परीक्षा दी और तीसरे प्रयास में आईपीएस की रैंक हासिल की.

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परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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