पटना को मिला दिल्ली-एनसीआर जैसा तोहफा, रिंग रोड के आखिरी हिस्से को केंद्र की हरी झंडी
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 11 Jun 2026 5:17 PM
पटना रिंग रोड (AI फोटो)
Patna Ring Road: पटना रिंग रोड परियोजना के आठवें और अंतिम चरण को केंद्र सरकार की मंजूरी मिल गई है. करीब 150 किलोमीटर लंबी और 16 हजार करोड़ रुपये की इस परियोजना के पूरा होने से पटना, वैशाली और सारण की कनेक्टिविटी मजबूत होगी.
Patna Ring Road: केंद्र सरकार ने पटना रिंग रोड परियोजना के आठवें और आखिरी चरण को मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही करीब 21 साल पुरानी इस योजना के पूरा होने का रास्ता साफ हो गया है. लगभग 150 किलोमीटर लंबी इस परियोजना पर करीब 16 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इसके पूरा होने के बाद पटना और आसपास के जिलों के विकास को नई रफ्तार मिलेगी.
2005 में बनी थी योजना, अब पहुंची अंतिम चरण में
पटना रिंग रोड की योजना वर्ष 2005 में तैयार की गई थी. इसके बाद कई वर्षों तक सर्वे, तकनीकी प्रक्रिया और अन्य औपचारिकताएं चलती रहीं. करीब दो दशक से अधिक समय बाद अब यह परियोजना अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है. यह केवल सड़क निर्माण की योजना नहीं मानी जा रही, बल्कि पटना, वैशाली और सारण के विकास से जुड़ी बड़ी परियोजना के रूप में देखी जा रही है.
आठ चरणों में हो रहा है निर्माण
पूरे रिंग रोड का निर्माण आठ अलग-अलग चरणों में किया जा रहा है. इनमें से कई हिस्सों का काम पूरा हो चुका है, जबकि बाकी हिस्सों पर निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है. अब तक केवल अंतिम चरण की मंजूरी बाकी थी. केंद्र सरकार की स्वीकृति मिलने के बाद इस हिस्से का निर्माण भी जल्द शुरू होने की उम्मीद है.
दीघवारा से सराय तक बनेगा अंतिम हिस्सा
परियोजना का आठवां और अंतिम खंड दीघवारा से सराय के बीच बनाया जाएगा. इस हिस्से की लंबाई करीब 30 किलोमीटर होगी. इस खंड के निर्माण पर लगभग 1500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. यह सड़क गंगा के उत्तर वाले हिस्से में वैशाली और सारण जिलों को जोड़ते हुए तैयार की जाएगी. इस परियोजना के लिए होने वाले भूमि अधिग्रहण के खर्च का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा बिहार सरकार वहन करेगी.
कई इलाकों को जोड़ेगी रिंग रोड
पटना रिंग रोड का प्रस्तावित रूट कन्हौली, शेरपुर, सराय, कच्ची दरगाह, बिदुपुर, चकसिकंदर, दीघवारा और दीदारगंज जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को आपस में जोड़ेगा. इससे राजधानी के अंदर और बाहर यातायात व्यवस्था बेहतर होगी. साथ ही लंबी दूरी तय करने वाले वाहनों को शहर के भीड़भाड़ वाले हिस्सों में प्रवेश करने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत
पटना में लगातार बढ़ती वाहनों की संख्या के कारण जाम की समस्या गंभीर होती जा रही है. रिंग रोड बनने के बाद दूसरे जिलों से आने वाले भारी वाहन सीधे इसी मार्ग का उपयोग कर सकेंगे. इससे शहर के मुख्य रूट पर दबाव कम होगा और लोगों का सफर पहले की तुलना में आसान और तेज होगा.
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NCR मॉडल की तरह हो सकता है विकास
परियोजना पूरी होने के बाद पटना के विस्तार को नई दिशा मिलने की उम्मीद है. बेहतर सड़क संपर्क का लाभ राजधानी के साथ-साथ वैशाली, सारण और आसपास के अन्य जिलों को भी मिलेगा. यह रिंग रोड राज्य के 7 राष्ट्रीय राजमार्गों और 5 प्रमुख राज्य मार्गों को आपस में जोड़ने का काम करेगी. इससे बिहार की सड़क कनेक्टिविटी और परिवहन व्यवस्था को बड़ा फायदा मिलने की संभावना है.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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