भारत ने 3-0 से सीरीज की अपने नाम, लेकिन टीम इंडिया की इस बड़ी कमजोरी ने बढ़ाई चिंता

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मयंक यादव (फोटो—एक्स)

मयंक यादव (फोटो—एक्स)

भारत ने जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज 3-0 से जीती, लेकिन फील्डिंग की खामियों ने टीम प्रबंधन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. कप्तान श्रेयस अय्यर ने खुद इस पर चिंता जताई है. जानिए क्यों यह चिंता जायज है.

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India Fielding Concern: भारत ने जिम्बाब्वे को तीन मैचों की टी20 सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप कर शानदार अंदाज़ में अपने अभियान का अंत किया. कप्तान श्रेयस अय्यर ने टीम के प्रदर्शन को लगभग "बेदाग" बताया, लेकिन इस जीत के बावजूद टीम इंडिया की फील्डिंग एक बड़ी चिंता बनकर सामने आई है. खासकर कैच छोड़ने की समस्या ने टीम प्रबंधन की टेंशन बढ़ा दी है.

कप्तान ने भी जताई चिंता

हरारे में खेले गए तीसरे टी20 के बाद श्रेयस अय्यर ने कहा कि पूरी सीरीज में टीम का प्रदर्शन शानदार रहा और अगर कैच छोड़ने की गलती को छोड़ दिया जाए तो खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ ने टीम की योजनाओं को बखूबी अमल में उतारा. उन्होंने कार्यवाहक मुख्य कोच वीवीएस लक्ष्मण की भी तारीफ करते हुए कहा कि उनकी प्रेरणा का टीम को काफी फायदा मिला.

टी20 अंतरराष्ट्रीय में भारत द्वारा सबसे ज्यादा छोड़े गए कैच (एक मैच में)

छोड़े गए कैचविरोधी टीमस्थानवर्ष
6श्रीलंकामोहाली2009
5इंग्लैंडसाउथम्प्टन2022
5बांग्लादेशदुबई2025
5ज़िम्बाब्वेहरारे2026

तीसरे टी-20 में छोड़े 5 कैच

हालांकि आंकड़े भारत की फील्डिंग पर सवाल खड़े करते हैं. पूरी सीरीज में भारतीय खिलाड़ियों ने 18 कैच लपके, लेकिन 10 आसान मौके भी गंवाए. सिर्फ तीसरे टी20 में ही भारत ने 5 कैच छोड़ दिए, जिससे टीम की कैचिंग एफिशिएंसी 64.2 प्रतिशत रही. इसके मुकाबले जिम्बाब्वे ने फील्डिंग में कहीं बेहतर प्रदर्शन किया. मेज़बान टीम ने 12 कैच पकड़े और केवल एक कैच छोड़ा, जिससे उसकी कैचिंग एफिशिएंसी 92.3 प्रतिशत रही. यह आंकड़ा दिखाता है कि जीत के बावजूद भारत को अपनी फील्डिंग में काफी सुधार की जरूरत है.

टीमकैचिंग एफिशिएंसीपकड़े गए कैचछोड़े गए कैच
भारत64.2%1810
ज़िम्बाब्वे92.3%121

गलतियां पड़ सकती हैं भारी

पूर्व भारतीय बल्लेबाज वसीम जाफर ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि जिम्बाब्वे जैसी टीम के खिलाफ कैच छोड़ने का ज्यादा नुकसान नहीं हुआ, लेकिन मजबूत टीमों के खिलाफ यही गलतियां भारी पड़ सकती हैं. जाफर ने इंग्लैंड सीरीज का उदाहरण देते हुए कहा कि बड़े मुकाबलों में फील्डिंग अक्सर जीत और हार का अंतर तय करती है. टीम इंडिया ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी में दमदार प्रदर्शन करते हुए सीरीज अपने नाम कर ली, लेकिन यदि उसे आने वाले बड़े टूर्नामेंट और मजबूत विरोधियों के खिलाफ लगातार सफलता हासिल करनी है, तो कैच छोड़ने की समस्या पर जल्द काम करना होगा.

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Abhijeet Kumar

लेखक के बारे में

By Abhijeet Kumar

अभिजीत कुमार पत्रकारिता जगत में दो वर्षों का अनुभव रखने वाले युवा पत्रकार हैं. उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी), ढेंकानाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है. अपने पेशेवर सफर में उन्होंने रिपोर्टिंग, सब-एडिटिंग, पेज डिजाइन और डिजिटल कंटेंट के क्षेत्र में कार्य किया है. वर्तमान में वह प्रभात खबर के स्पोर्ट्स डेस्क में कार्यरत हैं, जहां खेल जगत से जुड़ी खबरों के संपादन, लेखन और प्रस्तुतीकरण की जिम्मेदारी निभा रहे हैं.

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