बिहार में सरकारी शिक्षकों को अब कोचिंग और ट्यूशन पढ़ाने पर रोक, नया आदेश जारी
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 11 Jun 2026 9:33 PM
मिथिलेश तिवारी
Bihar Government Action: बिहार सरकार ने सरकारी शिक्षकों के लिए नया और सख्त नियम लागू किया है. अब कोई भी सरकारी शिक्षक कोचिंग संस्थान, निजी ट्यूशन या अन्य व्यावसायिक शिक्षण संस्थानों में नहीं पढ़ा सकेगा. नियम तोड़ने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई होगी. शिक्षा विभाग ने सभी जिलों को आदेश जारी कर दिया है.
Bihar Government Action: बिहार में अब कोई भी सरकारी शिक्षक या शिक्षिका किसी भी प्राइवेट कोचिंग संस्थान में नहीं पढ़ा सकेंगे. इसके साथ ही शिक्षकों के निजी तौर पर बच्चों को ट्यूशन देने या किसी भी अन्य व्यावसायिक शिक्षण संस्थान से जुड़ने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है. शिक्षा विभाग ने साफ किया है कि इस आदेश का उल्लंघन करने पर इसे शिक्षक आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा और दोषी शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. विभाग ने यह नई व्यवस्था आज से ही पूरे राज्य में लागू कर दी है.
नियम तोड़ने वालों पर तुरंत होगा एक्शन
इस नियम को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए माध्यमिक शिक्षा के निदेशक सज्जन आर ने गुरुवार को राज्य के सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) को एक पत्र भेजा है. इस पत्र के जरिए सभी डीईओ को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने क्षेत्रों में कोचिंग या निजी तौर पर ट्यूशन पढ़ाने वाले सरकारी शिक्षकों की पहचान करें और उन पर तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई करें.
शिक्षा विभाग का मानना है कि जब सरकारी शिक्षक बाहर के कोचिंग और ट्यूशन सेंटरों में पढ़ाते हैं, तो इससे उनके खुद के स्कूल के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है. स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए जरूरी है कि शिक्षक अपनी पूरी क्षमता और वक्त सिर्फ अपने ही विद्यालय के बच्चों को दें.
स्कूल के बाहर या घर पर भी ट्यूशन पढ़ाने पर रहेगी रोक
निदेशक के पत्र के अनुसार, सभी डीईओ को यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी सरकारी टीचर अपने स्कूल परिसर के भीतर, अपने घर पर, किसी कोचिंग सेंटर में या किसी भी अन्य बाहरी जगह पर कोचिंग या ट्यूशन पढ़ाने का काम न करे.
शिक्षा विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि बड़ी संख्या में सरकारी शिक्षक स्कूल की टाइमिंग खत्म होने के बाद या तो बड़े कोचिंग सेंटरों में क्लास ले रहे हैं या फिर अपने घरों पर प्राइवेट ट्यूशन चला रहे हैं. इस पर संज्ञान लेते हुए विभाग ने यह कड़ा कदम उठाया है ताकि शिक्षक सिर्फ विद्यालय के बच्चों पर ही केंद्रित करें.
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क्या बोले मिथिलेश तिवारी
इस आदेश पर बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सरकार और विभाग मिलकर काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि एक दौर था जब बिहार में शिक्षक अपनी मांगों को लेकर हर दिन सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करते थे, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है. आज राज्य के शिक्षक सरकार और विभाग की नीतियों का सम्मान कर रहे हैं और क्वालिटी शिक्षा के मुख्य लक्ष्य को हासिल करने के लिए विभाग के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहे हैं. यह नया फैसला भी स्कूलों में पढ़ाई का माहौल सुधारने के लिए ही लिया गया है.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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