बिहार में सरकारी शिक्षकों को अब कोचिंग और ट्यूशन पढ़ाने पर रोक, नया आदेश जारी

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मिथिलेश तिवारी

Bihar Government Action: बिहार सरकार ने सरकारी शिक्षकों के लिए नया और सख्त नियम लागू किया है. अब कोई भी सरकारी शिक्षक कोचिंग संस्थान, निजी ट्यूशन या अन्य व्यावसायिक शिक्षण संस्थानों में नहीं पढ़ा सकेगा. नियम तोड़ने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई होगी. शिक्षा विभाग ने सभी जिलों को आदेश जारी कर दिया है.

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Bihar Government Action: बिहार में अब कोई भी सरकारी शिक्षक या शिक्षिका किसी भी प्राइवेट कोचिंग संस्थान में नहीं पढ़ा सकेंगे. इसके साथ ही शिक्षकों के निजी तौर पर बच्चों को ट्यूशन देने या किसी भी अन्य व्यावसायिक शिक्षण संस्थान से जुड़ने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है. शिक्षा विभाग ने साफ किया है कि इस आदेश का उल्लंघन करने पर इसे शिक्षक आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा और दोषी शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. विभाग ने यह नई व्यवस्था आज से ही पूरे राज्य में लागू कर दी है.

नियम तोड़ने वालों पर तुरंत होगा एक्शन

इस नियम को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए माध्यमिक शिक्षा के निदेशक सज्जन आर ने गुरुवार को राज्य के सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) को एक पत्र भेजा है. इस पत्र के जरिए सभी डीईओ को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने क्षेत्रों में कोचिंग या निजी तौर पर ट्यूशन पढ़ाने वाले सरकारी शिक्षकों की पहचान करें और उन पर तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई करें.

शिक्षा विभाग का मानना है कि जब सरकारी शिक्षक बाहर के कोचिंग और ट्यूशन सेंटरों में पढ़ाते हैं, तो इससे उनके खुद के स्कूल के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है. स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए जरूरी है कि शिक्षक अपनी पूरी क्षमता और वक्त सिर्फ अपने ही विद्यालय के बच्चों को दें.

स्कूल के बाहर या घर पर भी ट्यूशन पढ़ाने पर रहेगी रोक

निदेशक के पत्र के अनुसार, सभी डीईओ को यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी सरकारी टीचर अपने स्कूल परिसर के भीतर, अपने घर पर, किसी कोचिंग सेंटर में या किसी भी अन्य बाहरी जगह पर कोचिंग या ट्यूशन पढ़ाने का काम न करे.

शिक्षा विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि बड़ी संख्या में सरकारी शिक्षक स्कूल की टाइमिंग खत्म होने के बाद या तो बड़े कोचिंग सेंटरों में क्लास ले रहे हैं या फिर अपने घरों पर प्राइवेट ट्यूशन चला रहे हैं. इस पर संज्ञान लेते हुए विभाग ने यह कड़ा कदम उठाया है ताकि शिक्षक सिर्फ विद्यालय के बच्चों पर ही केंद्रित करें.

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क्या बोले मिथिलेश तिवारी

इस आदेश पर बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सरकार और विभाग मिलकर काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि एक दौर था जब बिहार में शिक्षक अपनी मांगों को लेकर हर दिन सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करते थे, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है. आज राज्य के शिक्षक सरकार और विभाग की नीतियों का सम्मान कर रहे हैं और क्वालिटी शिक्षा के मुख्य लक्ष्य को हासिल करने के लिए विभाग के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहे हैं. यह नया फैसला भी स्कूलों में पढ़ाई का माहौल सुधारने के लिए ही लिया गया है.

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परितोष शाही

लेखक के बारे में

By परितोष शाही

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.

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