पिता ने खेत में बनाया था अभ्यास का पिट, बेटे ने कॉमनवेल्थ गेम्स में जीत लिया सिल्वर मेडल

सर्वेश कुशारे (फोटो—एक्स)
महाराष्ट्र के किसान परिवार से आए हाई जंपर सर्वेश कुशारे ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में सिल्वर मेडल जीतकर भारत का गौरव बढ़ाया है. गांव के साधारण खेतों से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक के उनके अविश्वसनीय सफर को जानें.
Sarvesh Kushare : कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए गर्व का पल आया है. महाराष्ट्र के किसान परिवार से आने वाले हाई जंपर सर्वेश कुशारे ने पुरुष हाई जंप स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीता. 31 वर्षीय राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक सर्वेश ने 2.25 मीटर की शानदार छलांग लगाकर दूसरा स्थान हासिल किया और इस स्पर्धा में कॉमनवेल्थ गेम्स का पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए. उनकी इस कामयाबी पर देशभर से बधाइयों का तांता लग गया है.
गांव से मेडल तक का सफर
महाराष्ट्र के नासिक जिले के देवगांव के रहने वाले सर्वेश कुशारे की सफलता संघर्ष, मेहनत और लगन की मिसाल है. प्याज की खेती करने वाले किसान के बेटे सर्वेश ने अपने शुरुआती दिनों में मक्के के छिलकों, रुई और खेती के कचरे से बने अस्थायी लैंडिंग पिट पर अभ्यास किया. यह पिट उनके पिता ने तैयार किया था, जो उनके पहले कोच भी रहे.
हाल के महीनों में बनाए कई रिकॉर्ड
सर्वेश का प्रदर्शन पिछले कुछ महीनों से लगातार शानदार रहा है. हाल ही में उन्होंने डायमंड लीग में 2.26 मीटर की छलांग लगाकर पोडियम पर जगह बनाने वाले पहले भारतीय हाई जंपर बनने का रिकॉर्ड बनाया था. वहीं, भुवनेश्वर में आयोजित राष्ट्रीय अंतरराज्यीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 2.31 मीटर की छलांग लगाकर उन्होंने तेजस्विन शंकर का आठ साल पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी तोड़ दिया था.
2016 में बने नायब सूबेदार
साल 2016 में सर्वेश भारतीय सेना की 101 फील्ड रेजिमेंट में नायब सूबेदार बने. सेना में शामिल होने के बाद उन्हें खेल पर पूरी तरह ध्यान देने का मौका मिला और उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया. उनकी सफलता से प्रेरित होकर उनके गांव और आसपास के कई युवाओं ने भी हाई जंप को अपना करियर बनाने का सपना देखना शुरू किया है.
बधाइयों का लगा तांता
सर्वेश की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने सोशल मीडिया पर उन्हें बधाई दी. अमित शाह ने कहा कि सर्वेश ने सिल्वर मेडल जीतकर पूरे भारत का गौरव बढ़ाया है. राजनाथ सिंह ने उनके संयम, तकनीक और जुझारू प्रदर्शन की सराहना करते हुए इसे भारतीय एथलेटिक्स की बढ़ती ताकत का प्रमाण बताया. वहीं ओम बिरला और मनसुख मांडविया ने भी उनकी सफलता को देश के लिए गर्व का क्षण बताया.
अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में पहला मेडल
मेडल जीतने के बाद सर्वेश ने कहा कि किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में यह उनका पहला पदक है. उन्होंने कहा कि उनका अगला लक्ष्य एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतना और भविष्य में ओलंपिक में भारत के लिए पदक हासिल करना है.यदि चाहें तो इसे एसईओ फ्रेंडली, गूगल डिस्कवर या वेब स्टोरी के प्रारूप में भी तैयार किया जा सकता है.
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लेखक के बारे में
By Abhijeet Kumar
अभिजीत कुमार पत्रकारिता जगत में दो वर्षों का अनुभव रखने वाले युवा पत्रकार हैं. उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी), ढेंकानाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है. अपने पेशेवर सफर में उन्होंने रिपोर्टिंग, सब-एडिटिंग, पेज डिजाइन और डिजिटल कंटेंट के क्षेत्र में कार्य किया है. वर्तमान में वह प्रभात खबर के स्पोर्ट्स डेस्क में कार्यरत हैं, जहां खेल जगत से जुड़ी खबरों के संपादन, लेखन और प्रस्तुतीकरण की जिम्मेदारी निभा रहे हैं.
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