कॉल डिटेल से सुराग तलाशने की कोशिश

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 13 Jan 2016 6:53 PM

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कॉल डिटेल से सुराग तलाशने की कोशिश फोटो-13 सूना पड़ा बराहीं चिंतामन चौक, 14 मृतक के घर उमड़ी भीड़सीमेंट व्यवसायी उदय सिंह की हत्या का मामलासहायक थाने की पुलिस ने जब्त किया मृतक का मोबाइलदुकान से लेन-देन से संबंधित खाता बही की हो रही जांचधमकी से परिजन का इनकार, मर्डर मिस्ट्री में उलझी पुलिससीतामढ़ी/सुप्पी. सीमेंट […]

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कॉल डिटेल से सुराग तलाशने की कोशिश फोटो-13 सूना पड़ा बराहीं चिंतामन चौक, 14 मृतक के घर उमड़ी भीड़सीमेंट व्यवसायी उदय सिंह की हत्या का मामलासहायक थाने की पुलिस ने जब्त किया मृतक का मोबाइलदुकान से लेन-देन से संबंधित खाता बही की हो रही जांचधमकी से परिजन का इनकार, मर्डर मिस्ट्री में उलझी पुलिससीतामढ़ी/सुप्पी. सीमेंट व्यवसायी उदय कुमार सिंह की हत्या मामले में पुलिस मोबाइल कॉल डिटेल से सुराग तलाशने की कोशिश कर रही है. सुप्पी सहायक थाने की पुलिस ने मृतक के मोबाइल को जब्त किया है. इसके अलावा मृतक के प्रतिष्ठान मेसर्स किशन ट्रेडर्स से लेन-देन से संबंधित खाता बही जब्त कर यह ढूंढ़ा जा रहा है कि मृतक किससे और कब-कब लेन-देन किया था. हत्या के 24 घंटे बीतने के बाद अब तक न तो हत्या के कारणों का पता चल पाया है और न ही अपराधियों की गिरफ्तारी हो पायी है. मृतक के भाई विनोद सिंह के बयान पर पुलिस अज्ञात अपराधियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई कर रही है. पुलिस अधीक्षक हरिप्रसाद एस मृतक के पुत्र से हत्या के कुछ बिंदुओं पर जानकारी लेने का प्रयास किया. हालांकि परिजन कुछ बताने में असमर्थता जता रहे हैं. मृतक के भाई का कहना है कि मृतक का किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी. यह बात सही है कि कारोबार में लेन-देन होता था. हालांकि लेन-देन के बारे में ऐसी कोई धमकी नहीं मिली थी. परिजन कहते हैं कि यदि धमकी वाली बात रहती तो अवश्य ही परिजन को जानकारी होती. तो क्या मृतक को किसी व्यक्ति से जान का खतरा था? क्या यह बात वह परिजन से छुपा गये? अगर दुश्मनी नहीं थी तो हत्या का क्या कारण हो सकता है? ऐसे कई सवाल इस मर्डर मिस्ट्री को उलझाये हुए है. चश्मदीद से नहीं मिला ठोस सुरागपुलिस ने हत्या के चश्मदीद ग्रामीण सकलदेव महतो से भी पूछताछ की है, लेकिन वह अपराधियों के बारे में सही जानकारी नहीं दे पा रहा है. उधर देर शाम पोस्टमार्टम के बाद उदय कुमार सिंह का शव जैसे ही गांव में आया माहौल गमगीन हो गया. सर्वत्र उदय सिंह की हत्या की निंदा हो रही है. मेहनत व ईमानदारी से पायी मुकामग्रामीणों के अनुसार अपनी मेहनत और ईमानदारी की बदौलत स्व उदय सिंह ट्रैक्टर चालक से बालू-छड़-सीमेंट के अच्छे कारोबारी के रुप में खुद को स्थापित किया था. रामानंद सिंह के चार पुत्रों में स्व उदय सिंह दूसरे नंबर पर थे. करीब 20 वर्ष पूर्व उन्होंने एचएमटी ट्रैक्टर खरीद कर भाड़े पर खेत जुताई के साथ गन्ने की ढुलाई का काम करते थे. इसके बाद मन में कारोबार का ख्याल आया और बराहीं चिंतामन चौक पर ही मेसर्स किशन ट्रेडर्स नामक बालू-छड़ और सीमेंट की दुकान खोल लिये. इस कारोबार की ख्याति इतनी हो गयी कि इलाके के लोगों का उनसे अच्छा जुड़ाव हो गया था. सूना पड़ा चौक का वह चौपाल गांव के चौक को कारोबार के लिहाज से फलने फूलने में उन्होंने यथोचित सहयोग भी किया. प्राय: रोज सुबह दुकान के आगे लगने वाला चौपाल अब सदा के लिए सूना पड़ गया. ग्रामीण कहते हैं कि स्व सिंह चौक की शान थे. सुबह में उनकी दुकान के आगे चौपाल लगती थी. जहां बुद्धिजीवी और बड़े बुजुर्ग जमा होते थे. अखबार पढ़ा जाता था तथा राजनीति और देश समाज के बारे में चर्चाएं होती थी. अपराधियों ने उदय सिंह की हत्या के साथ चौपाल को भी सदा के लिए खत्म कर दिया.

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