सीतामढ़ी: गोबर गैस से बदल रही गांवों की तस्वीर, 50 हजार तक अनुदान

Published by : Purushottam Kumar Updated At : 11 Jun 2026 12:11 PM

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सांकेतिक तस्वीर

Sitamarhi News: सीतामढ़ी के महुआवा समेत कई पंचायतों में ग्रामीण गोबर गैस से अपनी रसोई चला रहे हैं. राज्य सरकार की योजना के तहत 50 हजार रुपये तक का अनुदान मिलने से एलपीजी पर निर्भरता कम हुई है और जैविक खेती को भी बढ़ावा मिल रहा है. जानिए खबर विस्तार से...

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सीतामढ़ी से अमिताभ कुमार की रिपोर्ट

Sitamarhi News: देशभर में रसोई गैस की बढ़ती कीमतों के बीच बिहार के सीतामढ़ी जिले से राहत देने वाली तस्वीर सामने आई है. महुआवा समेत कई पंचायतों में ग्रामीण अब गोबर गैस का उपयोग कर अपनी रसोई चला रहे हैं. राज्य सरकार की जी राम जी योजना के तहत बायोगैस संयंत्र लगाने के लिए लाभुकों को 50 हजार रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है.

पशुपालक परिवारों को मिल रहा दोहरा लाभ

महुआवा पंचायत सहित कई ग्रामीण इलाकों में पशुपालक परिवार अपने घरों में उपलब्ध गोबर से बायोगैस तैयार कर भोजन पका रहे हैं. इससे एलपीजी सिलेंडर पर निर्भरता कम हुई है और घरेलू खर्च में भी अच्छी बचत हो रही है. ग्रामीणों का कहना है कि बायोगैस ने उनकी रसोई को सस्ता और सुविधाजनक बना दिया है.

जैविक खेती को भी मिल रहा बढ़ावा

बायोगैस संयंत्र से निकलने वाला अपशिष्ट जैविक खाद के रूप में खेतों में उपयोग किया जा रहा है. इससे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम हो रही है और खेती की लागत घटने के साथ मिट्टी की उर्वरता भी बढ़ रही है.

पर्यावरण संरक्षण के साथ आत्मनिर्भर बन रहे गांव

विशेषज्ञों के अनुसार बायोगैस स्वच्छ ऊर्जा का बेहतर विकल्प है. इससे प्रदूषण कम होता है और ग्रामीण क्षेत्रों में ऊर्जा की उपलब्धता भी बढ़ती है. सरकारी अनुदान का लाभ लेकर अब अधिक से अधिक ग्रामीण इस योजना से जुड़ रहे हैं.

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