सरकार ने अल्पसंख्यकों की जनसंख्या का मांगा ब्योरा

Published at :19 Jan 2016 8:53 PM (IST)
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सरकार ने अल्पसंख्यकों की जनसंख्या का मांगा ब्योरा

सरकार ने अल्पसंख्यकों की जनसंख्या का मांगा ब्योरा निर्वाचित प्रतिनिधियों की भी मांगी जानकारीजिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी ने सभी बीडीओ व शहरी निकाय के कार्यपालक पदाधिकारियों को भेजा पत्र मुसलिम के अलावा अल्पसंख्यक समुदाय के सिख, इसाई, बौद्ध, पारसी व जैन में दिख रही अल्पसंख्यक कल्याण योजनाओं के प्रति उदासीनता संवाददाता, छपरा (सदर)राज्य सरकार के […]

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सरकार ने अल्पसंख्यकों की जनसंख्या का मांगा ब्योरा निर्वाचित प्रतिनिधियों की भी मांगी जानकारीजिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी ने सभी बीडीओ व शहरी निकाय के कार्यपालक पदाधिकारियों को भेजा पत्र मुसलिम के अलावा अल्पसंख्यक समुदाय के सिख, इसाई, बौद्ध, पारसी व जैन में दिख रही अल्पसंख्यक कल्याण योजनाओं के प्रति उदासीनता संवाददाता, छपरा (सदर)राज्य सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के निर्देश के आलोक में जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी ने जिले के सभी बीडीओ तथा शहरी क्षेत्र के सभी कार्यपालक पदाधिकारियों को पत्र भेज कर अल्पसंख्यकों का ब्योरा अलग-अलग मांगा है. विभागीय निदेशक मो. शाकीर जमान के पत्र के आलोक में अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी ने लिखा है कि सरकार के निर्देश के आलोक में उनकी अलग-अलग जनसंख्या एवं विभिन्न पदों पर निर्वाचित प्रतिनिधियों का नाम-पता भेजें, जिससे सरकार को प्रेषित किया जा सके. उन्होंने पत्र की प्रति सभी एसडीओ को भी सूचना एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी है. ये समुदाय शामिल हैं अल्पसंख्यकों में सरकार द्वारा जारी सूचना के अनुसार, अल्पसंख्यक में शामिल विभिन्न समुदायों में मुसलिम, सिख, बौद्ध, इसाई, पारसी तथा जैन समुदायों के लोग शामिल हैं. इनकी जनसंख्या ग्राम पंचायत नगरीय वार्ड, गांव एवं मुहल्ले के आधार पर समेकित रूप से उपलब्ध करानी है. इससे सरकार की विभिन्न योजनाओं में अल्पसंख्यक में शामिल विभिन्न समुदायों की भागीदारी सुनश्चित हो सके. वहीं, इन समुदायों के जिले में विभिन्न पदों यथा वार्ड सदस्य, मुखिया, उपमुखिया, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य, प्रमुख, उपप्रमुख, जिला पर्षद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, अल्पसंख्यकों के लिए कार्य करनेवाले विभिन्न सरकारी, अर्धसरकारी स्वायत शाशी मदरसों, अल्पसंख्यकों के लिए बने एनजीओ के सचिव की सूची, उनके नाम, पदनाम, पता एवं दूरभाष संख्या के साथ मांगा है, जिससे अल्पसंख्यक कल्याण विभाग उनकी जनसंख्या के अनुसार योजना बना सके. मुसलिम को छोड़ अन्य अल्पसंख्यकों में जागरूकता का दिखता है अभाव:अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा चलायी जानेवाली विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने में अल्पसंख्यक की सूची में शामिल मुसलिम समुदाय को छोड़ दें, तो अन्य समुदायों यथा सिख, बौद्ध, इसाई, पारसी, जैन आदि में सरकार के द्वारा उनके लिए चलायी जानेवाली योजनाओं का लाभ लेने के प्रति जागरूकता नहीं दिखती. जिला अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालय के द्वारा अल्पसंख्यक युवक-युवतियों को उद्योग लगाने के लिए सारण प्रमंडल में अब तक 446 युवक-युवतियों को कम-से-कम एक लाख रुपये प्रति लाभुक ऋण दिया गया. परंतु, इस सूची में कहीं भी अन्य समुदायों के युवक-युवती शामिल नहीं हैं. इसके पीछे इन समुदायों के युवक-युवतियों द्वारा जानकारी के अभाव या जागरूकता में कमी के कारण अल्पसंख्यक कल्याण की योजनाओं का लाभ उठाने के लिए आवेदन तक नहीं दिया जाता. ऐसी स्थिति में इन समुदायों को इसका लाभ नहीं मिलता. क्या कहते हैं अधिकारीअल्पसंख्यक में शामिल छह समुदायों में महज मुसलिम समुदाय के लोग ही विभागीय कल्याण योजनाओं के प्रति जागरूक रहते हैं. सिख, बौद्ध, इसाई, पारसी एवं जैन समुदायों के लोग अल्पसंख्यक होने के बावजूद आवेदन ही नहीं देते. ऐसी स्थिति में उन्हें अल्पसंख्यक कल्याण योजनाओं का लाभ स्वाभाविक रूप से नहीं मिल पाता. यदि आवेदन दें तो निश्चित रूप से उन्हें भी लाभ मिलेगा. अवधेश कुमारजिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी, सारण

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