पटना : नौ फ्लैटों की मालकिन बूढ़ी मां खाने को तरस रहीं, बढ़ रहे माता-पिता को प्रताड़ित करने के मामले

Updated at : 07 Feb 2020 7:41 AM (IST)
विज्ञापन
पटना : नौ फ्लैटों की मालकिन बूढ़ी मां खाने को तरस रहीं, बढ़ रहे माता-पिता को प्रताड़ित करने के मामले

मैनपुरा की 70 वर्षीय वृद्ध महिला ने महिला आयोग में लगायी गुहार पटना : बिहार राज्य महिला आयोग में गुरुवार को बूढ़ी मां ने रोते हुए इंसाफ की गुहार लगायी. सदस्य रजिया कामिल अंसारी को आवेदन देते हुए 70 वर्षीय आवेदिका गीता देवी ने बताया कि उसके तीन बच्चे (दो बेटे और एक बेटी) हैं. […]

विज्ञापन
मैनपुरा की 70 वर्षीय वृद्ध महिला ने महिला आयोग में लगायी गुहार
पटना : बिहार राज्य महिला आयोग में गुरुवार को बूढ़ी मां ने रोते हुए इंसाफ की गुहार लगायी. सदस्य रजिया कामिल अंसारी को आवेदन देते हुए 70 वर्षीय आवेदिका गीता देवी ने बताया कि उसके तीन बच्चे (दो बेटे और एक बेटी) हैं. बेटी की शादी हो चुकी है. पति की मृत्यु के बाद उनके नौ फ्लैट हैं, जिनमें दो फ्लैट उनके नाम पर हैं.
बड़ा बेटा चार साल से अलग रह रहा है और फ्लैट से मिलने वाला किराया खुद ले रहा है. कई बार दोनों बेटों से बात की, लेकिन बड़े बेटे का कहना है कि वे अपनी प्रॉपर्टी बेटी के नाम कर देंगी. अभी वे अकेले रह कर टिफिन सेवा की मदद लेकर किसी तरह खाना खा रही हैं.
किरायदारों के पास पैसे लेने जाती हैं, तो बेटा उन्हें धमकी देता है. छोटे बेटे ने भी मदद से इन्कार कर दिया है. उन्होंने रोते हुए कहा कि मैनपुरा स्थित घर में वह किसी तरह से अपना गुजर-बसर कर रही हैं. हर समय दोनों घर से निकालने की धमकी देते हैं. आवेदिका के बातों को सुनने के बाद सदस्य रजिया कामिल अंसारी ने बेटों को समन भेज कर आवेदिका को इंसाफ दिलाने की बात की है.
बढ़ रहे माता-पिता को प्रताड़ित करने के मामले
नितिश
पटना : जिस माता-पिता ने अपने बच्चों को खून से सींच कर पैरों पर खड़ा होने लायक बनाया, आज वही अपने माता-पिता की जान के दुश्मन बने हैं. वे बूढ़े मां-बाप का सहारा बनने के बजाय उनके साथ मारपीट कर घर से निकाल दे रहे हैं. पटना सदर एसडीओ की अध्यक्षता में गठित माता-पिता एवं भरण पोषण ट्रिब्यूनल में हर साल ऐसे मामलों में बढ़ोतरी हो रही है. हालांकि उक्त ट्रिब्यूनल के माध्यम से कई बुजुर्ग माता-पिता को उनके बेटों ने प्रताड़ित करना बंद कर दिया और उन्हें अच्छे से रखने के साथ खाना-पीना भी दे रहे हैं. आंकड़ों में देखें, तो वर्ष 2016 में 28 और वर्ष 2017 में दर्ज कुल 30 मामलों में सभी का निबटारा हो गया था, लेकिन वर्ष 2019 तक दर्ज 77 ऐसे मामलों में से 29 का निबटारा अब तक नहीं हो सका है.
एन नजर आंकड़ों पर
वर्ष केस की संख्या लंबित
2016 28 00
2017 30 00
2018 45 01
2019 77 29
मामले : रामकृष्णा नगर के रामरूप रजक ने ट्रिब्यूनल में शिकायतकी थी. जांच के बाद पटना सदर एसडीओ ने तीनों बेटों शिव कुमार, गोपाल कुमार व अशोक कुमार को कुछ राशि अपने पिता को देने का निर्देश दिया.
थाना स्तर पर शिकायतों को सुनने में की जाती है लापरवाही : हर थाने में सीनियर सिटीजन के लिए एक पुलिस पदाधिकारी की व्यवस्था है. लेकिन यह केवल कागजों में है. जबकि पदाधिकारी को सीनियर सिटीजन की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है. लेकिन सीनियर सिटीजन के मामलों को गंभीरता से नहीं लिया जाता है, जबकि एसएसपी स्तर पर इसको लेकर विशेष निर्देश है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन