पटना : तीन से पांच फीसदी मामलों में ही दोषियों को सजा

Updated at : 29 Sep 2019 4:11 AM (IST)
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पटना : तीन से पांच फीसदी मामलों में ही दोषियों को सजा

पटना : अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में केवल तीन से पांच फीसदी ही मामलों में दोषियों को सजा हो पा रही है. बिहारशरीफ, भभुआ, बक्सर, जहानाबाद, अरवल, छपरा, जमुई, बेगूसराय, लखीसराय, माेतिहारी, शिवहर, वैशाली, दरभंगा, समस्तीपुर, सहरसा, अररिया समेत 16 जिलों में एक भी आरोपित को सजा […]

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पटना : अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में केवल तीन से पांच फीसदी ही मामलों में दोषियों को सजा हो पा रही है. बिहारशरीफ, भभुआ, बक्सर, जहानाबाद, अरवल, छपरा, जमुई, बेगूसराय, लखीसराय, माेतिहारी, शिवहर, वैशाली, दरभंगा, समस्तीपुर, सहरसा, अररिया समेत 16 जिलों में एक भी आरोपित को सजा नहीं हुई.

पुलिस और अभियोजकों के कार्य से अभियोजन निदेशालय संतुष्ट नहीं है. निदेशक अभियोजन की मामलों के त्वरित निबटारे, गवाहों की उपस्थिति व सजा की दर को लेकर प्रदेश भर के अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा में रिपोर्ट उत्साहजनक नहीं रहे हैं. इसमें पाया गया कि अधिकांश विशेष लोक अभियोजक अपने काम की मासिक रिपोर्ट तक नहीं दे रहे हैं.
जिन मामलों में आरोपित रिहा हाे जाते हैं, तो इसके खिलाफ हाइकोर्ट में अपील नहीं कर रहे हैं. कितने मामलों में हाइकोर्ट में अपील की गयी. निदेशक ने इसकी सभी जिलों से रिपोर्ट मांगी है. प्रतिवर्ष अच्छा काम करने वाले विशेष लोक अभियोजक को पुरस्कृत किया जायेगा. जिन जिलों में विशेष लोक अभियोजक नहीं हैं, वहां उनकी तैनाती के भी निर्देश दिये गये हैं.
पुलिस व अभियोजकों के काम से अभियोजन निदेशालय असंतुष्ट
पुलिस को नये कानून की जानकारी नहीं
एससीएसटी थानों में जितने मामले लंबित हैं समाज कल्याण विभाग ने उसका कारण पूछा है. निदेशालय का कहना है कि पुलिस को नये कानून की जानकारी नहीं है. अनुसंधान में देरी से करने वाले अफसरों पर कार्रवाई के लिए पुलिस मुख्यालय को लिखा है. जिस थाने में मामले अधिक लंबित हैं वहां के पुलिस पदाधिकारियों को नोटिस कर, स्पीडी ट्रायल कराने के निर्देश दिये.
इन 11 जिलों में सबसे अधिक रिहा हुए आरोपित
गया, बेतिया , समस्तीपुर, मधुबनी , बिहारशरीफ, बेगूसराय , गोपालगंज, रोहतास ,बक्सर, सीतामढ़ी ,जहानाबाद
सजा दिलाने में इन जिलों का काम रहा संतोषजनक
भोजपुर शेखपुरा कटिहार सीवान खगड़िया मुजफ्फरपुर मधेपुरा पूर्णिया सुपौल मुंगेर
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