गुड न्यूज : जल्द की जायेगी 2000 स्थायी चिकित्सकों की बहाली, अंकों के आधार पर होगी नियुक्ति

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 09 Aug 2018 8:26 AM

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पटना : सूबे में चिकित्सकों की कमी जल्द दूर होगी. राज्य में दो हजार स्थायी डाक्टरों की नियुक्ति होगी. स्वास्थ्य विभाग आरक्षण का रोस्टर तैयार कर इस माह के अंत तक राज्य तकनीकी आयोग को खाली पदों की जानकारी भेजेगा. दिसंबर – जनवरी से बहाली की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है. डाक्टरों की बहाली […]

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पटना : सूबे में चिकित्सकों की कमी जल्द दूर होगी. राज्य में दो हजार स्थायी डाक्टरों की नियुक्ति होगी. स्वास्थ्य विभाग आरक्षण का रोस्टर तैयार कर इस माह के अंत तक राज्य तकनीकी आयोग को खाली पदों की जानकारी भेजेगा. दिसंबर – जनवरी से बहाली की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है. डाक्टरों की बहाली में न तो लिखित परीक्षा ली जायेगी और न ही साक्षात्कार होगा. डाॅक्टरों को मनचाही पोस्टिंग भी मिलेगी.
एमबीबीएस या अन्य संबंधित कोर्स में मिले अंकों के आधार पर बहाली होगी. राज्य के सरकारी अस्पतालों में करीब 70 प्रतिशत पद खाली हैं. राज्य में सामान्य चिकित्सक के 6833 स्वीकृत पद है इनमें 4060 डॉक्टर कार्यरत हैं. 2831 विशेषज्ञ डॉक्टरों के स्वीकृत पद में से 806 ही कार्यरत हैं. हाल में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए 2288 नये प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, विशेषज्ञ व सामान्य चिकित्सक के पद सृजित किये गये हैं. इनमें 1056 सामान्य व 1056 विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद हैं. विभाग ने सभी जिलों के सिविल सर्जन से डॉक्टरों की रिक्त पद की सूची मांगी है. स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग दो हजार डॉक्टरों की बहाली करेगा. तकनीकी आयोग को वैकेंसी भेजी जायेगी.
पटना : आईजीआईएमएस में दूर होगा डॉक्टरों का टोटा, मिलेंगे 41 सीनियर डॉक्टर
पटना : इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान को आने वाले दिनों में 41 नये डॉक्टर मिल सकते हैं. ये सभी सीनियर रेजीडेंट डॉक्टर होंगे. इस संबंध में सूचना जारी कर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. इनमें अधिकांश डॉक्टरों ने इंटरव्यू भी दे दिया है. दरअसल आईजीआईएमएस के 20 विभाग में डॉक्टरों की कमी चल रही थी. इसको देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने सीनियर रेजीडेंट के पदों पर बहाली का निर्णय लिया था. ये सभी एक माह के अंदर ज्वाइन कर लेंगे.
इन विभागों में थी जरूरत
एनेस्थेसिया, आर्थोपेडिक्स, पीडियाट्रिक्स, जनरल मेडिसिन, रेडियो डाइग्नोसिस्ट, स्कीन, नेफ्रोलॉजी, नेत्र रोग, जनरल मेडिसिन, फॉरेंसिक मेडिसिन, फिजिकल मेडिसिन, फर्माकोलॉजी, रेडियोलॉजी, गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी, न्यूरो मेडिसिन, न्यूरो सर्जरी, स्त्री एवं प्रसूति विभाग में डॉक्टरों की जरूरत थी. इनमें कुल 41 डॉक्टर बहाल किये जा रहे हैं.फिलहाल आईजीआईएमएस अस्पताल में डॉक्टरों की भारी कमी है. ऐसे में डॉक्टरों की कमी से मरीजों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है.
13 को मुख्यमंत्री करेंगे कई सुविधाओं का उद्घाटन
पटना : पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डॉक्टर उस समय अलर्ट मूड में दिखने लगे जब स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव संजय कुमार ने पीएमसीएच अस्पताल का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान वह इमरजेंसी, राजेंद्र सर्जिकल ब्लॉक, हथुआ वार्ड, शिशु वार्ड आदि सभी वार्डों का जायजा लिया. इस दौरान उन्होंने कई खामियां पकड़ी और अधिकारियों को कई निर्देश दिये. निरीक्षण के दौरान कई वार्ड में लाइट बंदी थी. मरीजों को अंधेरे में देख उन्होंने प्रबंधक ने बंद लाइट के बारे में पूछा और जहां अंधेरा दिखा वहां तुरंत लाइट की व्यवस्था करने को कहा.
वहीं पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि आगामी 13 अगस्त को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नेत्र आई बैंक व इमरजेंसी में 100 बेड की सुविधा का शुभारंभ करेंगे. उसी दिन किडनी ट्रांसप्लांट यूनिट का शिलान्यास, बर्न वार्ड और कार्डियोलॉजी विभाग के आईसीयू का शिलान्यास भी होगा. मृतक व ब्रेन डेड वाले मरीजों के परिजन की काउंसेलिंग कर नेत्रदान के लिए प्रेरित किया जायेगा.
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