दीपक की मौत के पीछे हैं कई अनसुलझे सवाल

Updated at : 04 Aug 2018 5:07 AM (IST)
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दीपक की मौत के पीछे हैं कई अनसुलझे सवाल

पटना : विधायक बीमा भारती के बेटे दीपक का शव रेलवे लाइन के किनारे मिला है, लेकिन इस पूरे मामले को पटना पुलिस देख रही है. पुलिस ने उसके दो दोस्तों से पूछताछ की, लेकिन स्पष्ट नहीं हो पाया कि दीपक की हत्या हुई है या उसने आत्महत्या की है या फिर यह हादसा है. […]

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पटना : विधायक बीमा भारती के बेटे दीपक का शव रेलवे लाइन के किनारे मिला है, लेकिन इस पूरे मामले को पटना पुलिस देख रही है. पुलिस ने उसके दो दोस्तों से पूछताछ की, लेकिन स्पष्ट नहीं हो पाया कि दीपक की हत्या हुई है या उसने आत्महत्या की है या फिर यह हादसा है. शव को देखने से प्रथम दृष्टया यह संभावना जतायी जा रही है कि उसकी पीट-पीट कर हत्या की गयी है. शुरू में ट्रेन से दुर्घटना होने के बाद मौत होने की बात कही जा रही थी. लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ती जा रही थी, वैसे-वैसे मामला संदिग्ध होता जा रहा था. इधर, पोस्टमार्टम के बाद आलाधिकारियों के निर्देश पर पुलिस ने शव को हार्डिंग रोड स्थित आवास पर पहुंचाया.

दो मोबाइल व दो सिम कार्ड थे : दीपक हमेशा अपने पास दो मोबाइल फोन रखता था. एक फोन की स्क्रीन टूटी हुई थी. उसने बहादुरपुर स्थित लॉज से निकलने के पहले टूटे स्क्रीन वाले मोबाइल फोन को कमरे में ही छोड़ दिया था. उसमें से सिम कार्ड निकाल कर पॉकेट में रख लिया था. इन बातों से यह स्पष्ट है कि दीपक को किसी ने फोन कर बाहर बुलाया और वह अपना एक मोबाइल फोन कमरे में छोड़ कर निकल गया. इस बात को भी यह पुष्ट करता है कि दीपक वापस कमरे में जाता. लेकिन इसी बीच उसके साथ यह घटना घटी, जिससे उसकी मौत हो गयी.
मुख्यमंत्री ने विधायक बीमा भारती के आवास पहुंचकर बंधाया ढाढ़स : पूर्णिया जिले के रूपौली विधानसभा से निर्वाचित जदयू विधायक बीमा भारती के पुत्र दीपक का शव मिलने पर पूरा परिवार शोक में डूब गया. इसकी जैसे ही सूचना आयी राज्य सरकार के कई मंत्री और जदयू के विधायक उनके आवास पर पहुंचने लगे. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी विधायक बीमा भारती के पटना के हार्डिंग रोड स्थित आवास पर पहुंचे. जिस समय मुख्यमंत्री वहां पहुंचे, उस समय तक दीपक का शव उनके आवास पर नहीं पहुंचा था. पुत्र शोक में डूबी विधायक को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ढांढस बंधाया.
उठ रहे सवाल
दीपक अपने दोस्त के घर
इतनी रात को क्यों गया था?
n वह बिना किसी को कुछ बताये रात के अंधेरे में लॉज से बाहर क्यों निकला?
n क्या उसे किसी ने फोन कर बाहर बुलाया था?
n क्या वह खुद ही बाहर निकला?
n रेलवे लाइन किनारे कैसे पहुंच गया?
n क्या वह महावीर कॉलोनी से निकल कर ओल्ड बाईपास की ओर जा रहा था?
n क्या दोस्तों के कमरे में कुछ ऐसा हुआ था, जिसके बाद वह गुस्से में बाहर जा रहा था?
दोस्त की बाइक पर गया था लॉज में
उलझी पुलिस
दीपक के शरीर पर ऐसे
निशान फिलहाल नहीं मिले हैं, जिनसे यह कहा जा सके कि ट्रेन से हादसा हुआ है. क्योंकि उसके शरीर पर कटने का निशान नहीं है.
आशंका है कि उसे किसी ने ट्रेन के आगे धकेल दिया होगा. ऐसा इसलिए क्योंकि उसके सिर पर आगे व पीछे गंभीर चोट है. संभवत: उसे किसी ने चलती ट्रेन की ओर धक्का दे दिया और वह ट्रेन से टकराने के बाद पीछे की ओर गिरा होगा.
यह भी हो सकता है कि किसी ने सिर पर पीछे से वार किया होगा और वह गिर गया होगा? मौत का कारण सिर में लगी चोट को बताया जा रहा है.
दीपक के कमर में गहरे जख्म हैं. इसको देख कर परिजनों द्वारा चाकू मारने की आशंका भी जतायी जा रही है.
जब मौत की सूचना मिली तब पिता
दूसरी पत्नी के साथ पूर्णिया में थे
दीपक ने कहीं प्रेम विवाह तो नहीं किया था!
जहर खाने को लेकर छोटा बेटा सुर्खियों में आया था
पूर्णिया. बीमा भारती के दो बेटों में सबसे छोटा बेटा राजा भी चार साल पहले जहर खाने को लेकर सुर्खियों में आया था. यह तब की घटना है जब बीमा का दांपत्य जीवन ठीक नहीं चल रहा था. यह घटना तब हुई थी जब वह गांव में कोई धार्मिक अनुष्ठान चल रहा था. बाद में उसे गंभीर हालत में पूर्णिया के एक निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था.
पति से चल रही अनबन के दौरान बीमा भारती ने पति अवधेश मंडल पर बेटे को समोसा में जहर मिलाकर खिलाने का आरोप लगाया था. इस मामले को लेकर काफी दिनों तक विवाद बना रहा. विवाद को सुलझाने में पुलिस भी लगातार प्रयत्नशील रही.
अवधेश मंडल व पूर्व विधायक के बीच थी वर्चस्व को लेकर लड़ाई
पटना. दीपक मंडल की मौत के पीछे उसके पिता अवधेश मंडल ने पूर्व विधायक शंकर सिंह पर हत्या करने का अंदेशा जताया है. दरअसल अवधेश मंडल और शंकर सिंह की प्रतिस्पर्धा और दुश्मनी बेहद पुरानी है. जानकारों के मुताबिक संभवत: इनकी दुश्मनी का खामियाजा दीपक को भुगतना पड़ा हो, हालांकि इस मामले में कुछ भी कहना जल्दबाजी हाेगी. अलबत्ता ये तय माना जा रहा है कि अगर ये हत्या है तो इसके पीछे वे लोग ही निकलेंगे जिनकी अवधेश मंडल से दुश्मनी रही होगी. अवधेश मंडल व पूर्व विधायक शंकर सिंह के गिरोह के बीच पू्र्णिया में हमेशा वर्चस्व को लेकर कई लाशें भी गिर चुकी है. रूपौली के पूर्व विधायक शंकर सिंह नॉर्थ लिबरेशन आर्मी से जुड़े हुए हैं. जबकि अवधेश मंडल फैजान गिरोह का सरगना है. नॉर्थ लिबरेशन आर्मी का गठन बूटन सिंह ने किया था.
लेकिन बूटन सिंह की हत्या के बाद उसकी कमान शंकर सिंह ने संभाल ली थी. यह आर्मी एक विशेष जाति आधारित थी. शंकर सिंह ने एलजेपी के टिकट पर रूपौली से विधानसभा का चुनाव लड़ा था और विजयी घोषित हुए थे. इसके बाद से नॉर्थ लिबरेशन आर्मी का प्रभाव क्षेत्र में बढ़ने लगा था. इसी दौरान फैजान गिरोह के सरगना अवधेश मंडल ने शंकर सिंह को चुनौती दी थी. अवधेश मंडल ने शंकर सिंह के वर्चस्व को खत्म किया और राजनीति से जुड़ने लगा. इस दौरान वह जिला पार्षद भी बना. इसके बाद उसने रूपौली से अपनी पत्नी बीमा भारती को खड़ा किया और वह चुनाव जीत गयी.
बीमा भारती व अवधेश मंडल के बीच नहीं रहे हैं अच्छे संबंध
विधायक बीमा भारती व अवधेश मंडल के बीच पूर्व में अच्छे संबंध नहीं रहे हैं. अवधेश मंडल ने दो साल पहले अपनी पत्नी बीमा भारती की पिटाई की थी. इस मामले में उसकी गिरफ्तारी भी हुई थी. उसके खिलाफ कई आपराधिक मामले चल रहे हैं. तीन माह पहले ही जमानत पर छूटा था. इस दौरान वह पूर्णिया में ही रह रहा था. पूर्व में बीमा भारती आरोप लगा चुकी है कि पति अवधेश मंडल बेटे की भी हत्या करवा सकता है.
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