ओआरएस और जिंक के उपयोग से शिशु मृत्यु दर शून्य पर लाने की कवायद शुरू

Updated at : 29 Jul 2024 7:33 PM (IST)
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ओआरएस और जिंक के उपयोग से शिशु मृत्यु दर शून्य पर लाने की कवायद शुरू

ओआरएस और जिंक के उपयोग से शिशु मृत्यु दर शून्य पर लाने की कवायद शुरू

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वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर दस्त से जिले में होने वाले शिशु मृत्यु दर को शून्य स्तर तक लाने के उद्देश्य से सघन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा चल रहा है. ऐसे में हर प्रखंड में प्रचार प्रसार भी किया जा रहा है. कार्यक्रम का उद्देश्य डायरिया से होने वाली मृत्यु को रोकना है. डायरिया से होने वाली मृत्यु का कारण निर्जलीकरण और इलेक्ट्रोलाइट की कमी होना है. ये बातें जिला प्रतिरक्षण अधिकारी ने सोमवार को समीक्षा बैठक के दौरान कही. पीएचसी प्रभारी को कहा गया कि इसे ओआरएस और जिंक के उपयोग से टाला जा सकता है. सघन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा के तहत अंतर विभागीय समन्वय द्वारा दस्त नियंत्रण उपायों एवं दस्त होने पर जिक ओआरएस के प्रयोग, दस्त होने पर उचित पोषण और इलाज के लिए क्रियान्वयन किया जाना है. राज्य में 23 जुलाई से लेकर 22 सितंबर दो महीने तक होगा. दस्त की रोकथाम अभियान के दौरान दो से छह वर्ष तक उम्र के बच्चों के बीच निःशुल्क ओआरएस का वितरण करने के साथ दस्त से ग्रसित बच्चों के उपचार के लिए जिंक टेबलेट दिया जा रहा है.

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