बरियारपुर : मंगलवार को आक्रोशित बाढ़ पीड़ितों ने बरियारपुर-भागलपुर मुख्य मार्ग को कल्याणपुर फुलकिया के पास एनएच 80 को जाम कर दिया. बाढ़ पीड़ित सीधे राहत की देने की मांग करते हुए कहा कि जिला प्रशासन आंकड़ों का खेल खेलना बंद करें. सूचना पर पहुंचे बीडीओ राजेश कुमार एवं सीओ मुकुल कुमार झा ने लोगों को समझा-बुझा कर जाम को हटाया. जाम कर रहे बाढ़ पीड़ितों ने कहा कि बाढ़ के कारण घरों में पानी घूस गया है.
चुल्हा तक नहीं जला पा रहे है. लेकिन जिला प्रशासन द्वारा न तो राहत सामग्री दिया जा रहा है और न ही पका हुआ भोजन ही दिया जा रहा है. जमा हुआ पानी सड़ने लगा है. पानी से दुर्गंध आना प्रारंभ हो गया है. आखिर यहां के लोग बाढ़ पीड़ित नहीं है क्या. बीडीओ व सीओ ने कहा कि कोई भी पंचायत प्रतिनिधि आगे आये और खाना बनवा कर आप लोगों को खिला सकते है. पेयजल के लिए पानी टैंकर से भेजा जा रहा है क्रमवार चारा भी उपलब्ध कराया जायेगा.
गंगा खतरे के निशान से 35 मीटर ऊपर
दहशत Â धीरे- धीरे घट रहा गंगा का जलस्तर, 45 गांव में प्रबल हुई महामारी फैलने की आशंका
जिले में गंगा का जलस्तर काफी धीमी रफ्तार से घट रही है़ पिछले पांच दिनों में जलस्तर में मात्र 50 सेंटीमीटर की कमी आयी है या यूं कहा जा सकता है कि प्रत्येक दिन जलस्तर में महज 10 सेंटीमीटर की कमी आ रही है़ खतरे के निशान से अब भी गंगा का जलस्तर 35 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है़ जलस्तर में कमी आने का रफ्तार यही रहा तो अब भी खतरा निशान से जलस्तर को नीचे आने में लगभग चार दिनों का समय लग सकता है़ वहीं बाढ़ के पानी से घिरे गांवों
में महामारी फैलने
की आशंका प्रबल
होती जा रही है़
बाढ़ के पानी से डूबा घर. । फोटो प्रभात खबर
39.68 मीटर पर
बह रही गंगा
गंगा के जलस्तर में पिछले पांच दिनों से लगातार कमी आ रही है़ बावजूद अब भी गंगा 39.68 मीटर की ऊचाई पर बह रही है़ केंद्रीय जल आयोग से मिली रिपोर्ट के अनुसार गंगा के जलस्तर में फिलहाल प्रत्येक दो घंटे पर एक सेंटीमीटर की कमी हो रही है़ बताया गया है कि इलाहाबाद, बक्सर व पटना में भी जलस्तर घटने की रफ्तार इसी प्रकार है़ इसके कारण मौजूदा हालात में कोई विशेष अंतर होने की संभावना नहीं है़ जलस्तर का काफी धीमे रफ्तार से घटना बाढ़ पीड़ितों के लिए परेशानियों का सबब बनते जा रहा है़ पिछले 20 दिनों से लोग खानाबदोश की जिंदगी जी रहे हैं.
अब भी 174 गांवों का भंग है सड़क संपर्क
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार जिले के छह अलग- अलग प्रखंडों में कुल 205 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं. वहीं जलस्तर में कमी आने के बावजूद भी अब तक 174 गांवों का सड़क संपर्क बहाल नहीं हो पाया है़ जिसके कारण हजारों पीड़ित परिवार बाढ़ के पानी के बीच फंसे हुए हैं. सैकड़ों परिवार जहां अपने छतों पर ही दिन व रात गुजार रहे हैं, वहीं सैकड़ों परिवार ऐसे भी हैं जो बाढ़ के पानी में ही अपने घरों के समीप मचान बना कर बेबसी की जिंदगी काटने को मजबूर हैं. कहीं आना- जाना तो दूर लोग शौच के लिए भी अपने छत व मचान का प्रयोग करने को विवश हैं. वहीं दूर- दराज रहने वाले पीड़ितों के सगे- संबंधी भी अपने लोगों से चाह कर भी संपर्क नहीं कर पा रहे़
मोहल्लों में सड़ांध से परेशान हैं लोग
जिला स्वास्थ्य समिति से मिली रिपोर्ट के अनुसार पूर्व में जहां 41 गांवों में महामारी फैलने की आशंका जतायी जा रही थी, वहीं अब 45 गांवों में महामारी फैलने की आशंका प्रबल हो गयी है़ जैसे- जैसे बाढ़ का पानी घटते जा रहा है, वैसे- वैसे गांव- मोहल्ले में सड़ांध की स्थिति से काफी दुर्गंध फैलने लगा है़ इसके कारण लोगों को खुली हवा में सांस लेना भी गवारा नहीं हो रहा़ कई जगहों पर मृत जानवरों का पानी में सड़ जाने के कारण स्थिति अत्यंत ही नारकीय हो गयी है़
विभिन्न स्थानों पर गंगा का जलस्तर
स्थान जलस्तर
मुंगेर 39.68 मीटर
भागलपुर 34.51 मीटर
कहलगांव 32.60 मीटर
साहेबगंज 28.93 मीटर
फरक्का 24.14 मीटर