41 गांवों में जतायी महामारी की आशंका

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 27 Aug 2016 7:30 AM

विज्ञापन

मुंगेर : गंगा का जलस्तर थम गया है, जिससे आम जनों के साथ-साथ जिला प्रशासन ने भी थोड़ी राहत की सांस ली है़ लेकिन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अब महामारी की आशंका को लेकर लोगों की परेशानी बढ़ने लगी है़ महामारी से निबटने के लिए जिला प्रशासन को पहले से ही पूरी तैयारी करनी होगी़ […]

विज्ञापन

मुंगेर : गंगा का जलस्तर थम गया है, जिससे आम जनों के साथ-साथ जिला प्रशासन ने भी थोड़ी राहत की सांस ली है़ लेकिन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अब महामारी की आशंका को लेकर लोगों की परेशानी बढ़ने लगी है़ महामारी से निबटने के लिए जिला प्रशासन को पहले से ही पूरी तैयारी करनी होगी़ बता दें कि जिला स्वास्थ्य समिति की ओर से अबतक 41 गांव में महामारी की संभावना जतायी जा चुकी है़ मुंगेर में जिला स्वास्थ्य समिति की ओर से जिले के वैसे 41 गांवों को चिन्हित किया गया है, जहां बाढ़ का पानी घटने पर महामारी फैलने की संभावना है़

इस बात को लेकर प्रभावित इलाकों के लोग काफी दहशत में हैं. वहीं प्रशासनिक स्तर पर स्वास्थ्य सेवा को लेकर अधिकारियों व स्वास्थ्य कर्मियों में विशेष रुचि नहीं देखी जा रही है़ बाढ़ में दूषित हो चुके पेयजल को शुद्ध करने के लिए प्रभावित इलाके के पीड़ित परिवारों में हैलोजेन टैबलेट का वितरण कार्य अबतक कुछ मुट्ठी भर लोगों तक ही पायी है़ अधिकांश लोग दूषित जल पीकर ही जी रहे हैं. वहीं जब बाढ़ का पानी घटेगा तो सड़ांध की स्थिति से महामारी की संभावना व्यक्त की जा रही है.

दुर्गंध ने बढ़ायी लोगों की परेशानी : बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विभिन्न स्थानों पर मरे हुए मवेशियों व शौच के दुर्गंध से आस- पड़ोस में ररहने वाले लोग खासे परेशान हैं. हेरूदियारा, खानकाह, महुली, तौफिर, राष्ट्रीय उच्च पथ 80 बोचाही व भगतचौकी के समीप मरे हुए मवेशियों के सड़न से तेज दुर्गंध फैलने लगी है़ इतना ही नहीं जगह- जगह सड़कों के किनारे त्यागे गये शौच की दुर्गंध से लोगों का उक्त रास्तों से गुजरना भी काफी मुश्किल सा हो गया है़

बरियारपुर. एक ओर जहां बाढ़ ने तबाही मचा दी है वहीं दूसरी ओर राहत की मांग को लेकर एनएच 80 पर बाढ़ पीड़ितों का प्रदर्शन जारी है. रोजाना तीन से चार स्थानों पर बाढ़ पीड़ित प्रशासनिक व्यवस्था के खिलाफ सड़क जाम कर अपना आक्रोश प्रकट कर रहे हैं. शुक्रवार को भी बाढ़ पीड़ितों ने राहत की मांग को लेकर मुंगेर-बरियारपुर मार्ग में कलारामपुर एवं ब्रह्मस्थान के समीप राष्ट्रीय उच्च पथ 80 को जाम कर दिया. ब्रह्मस्थान के समीप जाम कर रहे बाढ़ पीड़ितों का कहना था कि विषहरी स्थान ब्रह्स्थान में कल्याण टोला पंचायत के लिए राहत कैंप बनाया गया है. जहां ब्रह्मस्थान के बाढ़ पीड़ितों को खाना नहीं दिया जा रहा है. सरकारी स्तर पर प्रत्येक वार्ड में वार्ड सदस्य को पीड़ितों के बीच वितरण करने के लिए प्रशासनिक स्तर से 12 किलो चूरा व प्लास्टिक दी जा रही है.

लेकिन यहां के बाढ़ पीड़ितों को अबतक सामग्री नहीं मिल पाया है. इसके कारण ब्रह्मस्थान के बाढ़ पीड़ितों ने एनएच को लगभग तीन घंटे जाम कर दिया. इधर जमालपुर प्रखंड के रामपुरकला पंचायत के ग्रामीणों ने कालारापुर गांव के समीप एनएच को जाम कर दिया. पीड़ितों ने प्रशासनिक राहत व्यवस्था पर बिफरते हुए कहा कि प्रशासन बाढ़ पीड़ितों की सुधी नहीं ले रही है. न तो खाने की व्यवस्था की गयी और न ही पशुचारा दिया जा रहा है. आक्रोशित ग्रामीणों ने लगभग एक घंटे तक एनएच को जाम रखा. बरियारपुर थानाध्यक्ष अभिनव दूबे आक्रोशित बाढ़ पीड़ितों को समझा-बुझा कर जाम को हटाया.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन