वर्षों से शिक्षा का अलख जगा रहे रामलषण चौधरी
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 25 May 2015 11:05 AM
गुरु-शिष्य परंपरा को कायम किये रहे फोटो संख्या 05चित्र परिचय- रामलषण चौधरी मेदनीचौकी. बेगूसराय जिले के हमीदपुर गांव में 1926 में एक गरीब परिवार में जन्मे रामलषण चौधरी प्रधानाध्यापक के रूप में पब्लिक हाई स्कूल सूर्यगढ़ा से सेवानिवृत्त हुए. इसके बाद यहीं स्थायी रूप से बस गये. अब यहीं समाजसेवा कर रहे हैं. हमीदपुर में […]
गुरु-शिष्य परंपरा को कायम किये रहे फोटो संख्या 05चित्र परिचय- रामलषण चौधरी मेदनीचौकी. बेगूसराय जिले के हमीदपुर गांव में 1926 में एक गरीब परिवार में जन्मे रामलषण चौधरी प्रधानाध्यापक के रूप में पब्लिक हाई स्कूल सूर्यगढ़ा से सेवानिवृत्त हुए. इसके बाद यहीं स्थायी रूप से बस गये. अब यहीं समाजसेवा कर रहे हैं. हमीदपुर में गंगा नदी के कटाव के कारण वे भूमिहीन हो गये. दुलारपुर (बेगूसराय) के महंत ने आश्रय दिया. छात्रवृत्ति की राशि से जीडी कॉलेज बेगूसराय से बीए हिंदी ऑनर्स कर 23.10.1953 को पब्लिक हाई स्कूल सूर्यगढ़ा में शिक्षक पद पर योगदान किया. 1977 से 31.01.1989 तक प्र.अ. पद बने रहे. 1953 में वे अपने खर्च से हाई स्कूल की उतरी दिशा में एक कमरे का निर्माण कर अपना आश्रम बनाया और वहां छात्रों को अंगरेजी विषय पढ़ाना शुरू किया. फिर यह छात्रावास बन गया. अंगरेजी व इतिहास विषयों में एमए की डिग्री ली. शिक्षक के अलावा खेल-कूद व सांस्कृतिक गतिविधियों में भी उनकी गहरी रुचि रही. इस क्षेत्र में तब पब्लिक हाई स्कूल प्रखंड में अव्वल था. 1990 से वर्ष 2000 तक बच्चों को शिक्षा देते रहे. 2012 में उनके प्रयास से सूर्यगढ़ा पेंशनर समाज गठन किया गया.
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