बिहार : जानिए इस अजूबा इंसान के बारे, पिछले 10 वर्षों से खा रहा रोज एक ईंट, पहले खाता था कोयला

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 25 Jan 2018 4:46 AM

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फलका (कटिहार) : इंसान अपना नाम सुर्खियों में लाने के लिए अजीबों गरीब हरकत कर बैठता है. कोई गिरगिट खा लेता है, तो कोई जहरीले सांप को चबा लेता है. कोई बालों से ट्रक खींचता है, तो कोई इंसान आग के शोले पर नंगे पाव दौड़ जाता है. उनका एक ही मकसद होता लिमका बुक […]

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फलका (कटिहार) : इंसान अपना नाम सुर्खियों में लाने के लिए अजीबों गरीब हरकत कर बैठता है. कोई गिरगिट खा लेता है, तो कोई जहरीले सांप को चबा लेता है. कोई बालों से ट्रक खींचता है, तो कोई इंसान आग के शोले पर नंगे पाव दौड़ जाता है.
उनका एक ही मकसद होता लिमका बुक में या गिनीज बुक में नाम दर्ज कराना, लेकिन आज हम आपको ऐसे एक शख्स से रूबरू करवा रहे हैं, जिनकी आदतें आपको हैरान कर देंगी. ये ऐसे सख्स हैं जो मशहूर होने के लिए ईंट खाने की अजीब आदतें पाल रखी हैं. इतनी ही नहीं ये आदतें प्रखंड स्तर पर उनकी आज पहचाने भी बन गयी है. आप अक्सर बच्चों को मिट्टी, पत्थर और ईंट खाते देखे होंगे.
वहीं बच्चे बड़े होने के बाद यह लत छोड देते हैं, लेकिन जिले के फलका प्रखंड की पिरमोकाम पंचायत के चंदवा बजरंग बली मंदिर के समीप स्टेट हाइवे-77 के किनारे एक गुमटी में चाय दुकानदार 30 वर्षीय सुनील पासवान दिन भर में पूरी ईंट खा जाता है. यह लत 10 साल से है. इस लत के कारण वे अपने गांव चंदवा सहित प्रखंड और पूर्णिया के मीरगंज तक मशहूर हैं. उनका लक्ष्य है कि वे भारत वर्ष भर में मशहूर होकर गिनीज बुक में नाम दर्ज कराना.
कहते हैं चिकित्सा पदाधिकारी
चिकित्सा पदाधिकारी डॉ पीके सिंह ने बताया कि सुना और देखा तो खुद हैरत में हूं. ईंट खाने से शरीर पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है. ईंट या मिट्टी खाने से लिवर और पैंकिरियाज काम करना बंद कर सकता है. अद्भुत इंसान ईंट खाने का आदी हो चुका है. मनुष्य को इस प्रकार की बुरी आदत से परहेज करनी चाहिए.
पहले खाता था कोयला
रोज एक ईंट चबा जानेवाले सुनील पासवान पूरी तरह स्वास्थ्य हैं. उनकी मां जमुनी देवी भी कहती हैं, ये जब 10 साल का था, तभी से पहले कोयला खाने की लत थी. अब इसको ईंट खाने की आदत है.
इसको लेकर गांव के लोग भी हैरान हैं. गांव के राघव सिंह, कुणाल सिंह, नवीकर सिंह, सोनू सिंह, प्रदीप कुमार सिंह कहते हैं कि बचपन से कोयला, ईंट खाता आ रहा है. पूरी तरह स्वस्थ है. सुनील की शैक्षणिक योग्यता नौवीं पास है. उनके पांच बच्चे हैं. इनमें तीन लड़के और दो लड़कियां हैं. पत्नी सुलेखा देवी कहती हैं कि पति को अजब जुनून है.
कहते हैं सुनील पासवान
सुनील पासवान का कहना है कि ईंट खाने से उसेकिसी तरह की कोई परेशानी अब तक नहीं हुई है. उनका कहना है कि उनका लक्ष्य है पूरी दुनिया में नाम कमाने का. इसके लिए वे रोज एक ईंट चबा कर खा जाते हैं. लिमका बुक या गिनीज बुक में नाम दर्ज करा कर पूरे देश में चर्चित होने की इच्छा रखते हैं. इन्होंने कहा कि पहले घर में मां व परिवार के अन्य सदस्य ईंट खाने के लिए मना करते थे, लेकिन अब उन लोगों ने भी बोलना छोड़ दिया है.
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