कहीं समय से पहले स्कूल बंद, तो कहीं मोबाइल में व्यस्त शिक्षक
Updated at : 17 Apr 2025 9:01 PM (IST)
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प्रखंड अंतर्गत कटौना पंचायत में संचालित प्राथमिक विद्यालय पमैया और उत्क्रमित मध्य विद्यालय बिचला कटौना में गड़बड़ी का मामला सामने आया है. गुरुवार को पंचायत के मुखिया कपिलदेव प्रसाद के औचक निरीक्षण में विद्यालय समय से पहले ही बंद पाया गया.
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बरहट. प्रखंड अंतर्गत कटौना पंचायत में संचालित प्राथमिक विद्यालय पमैया और उत्क्रमित मध्य विद्यालय बिचला कटौना में गड़बड़ी का मामला सामने आया है. गुरुवार को पंचायत के मुखिया कपिलदेव प्रसाद के औचक निरीक्षण में विद्यालय समय से पहले ही बंद पाया गया. निरीक्षण के दौरान दोनों स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति भी काफी कम देखी गयी. विद्यालय विकास मद का सही उपयोग न होने से भवन की हालत जर्जर मिली. मुखिया ने इसे लेकर शिक्षा विभाग से कार्रवाई करने की मांग की.
प्राथमिक विद्यालय पमैया में शिक्षक नदारद
मुखिया सबसे पहले प्राथमिक विद्यालय पमैया पहुंचे, जहां का दृश्य बेहद चिंताजनक था. एक शिक्षक रंजीत कुमार बरामदा पर मोबाइल में व्यस्त थे, जबकि अन्य शिक्षक विद्यालय से अनुपस्थित पाये गये. विद्यालय में कुल 41 नामांकित छात्रों में से उपस्थिति पंजी में 26 बच्चों की हाजिरी दर्ज थी, जबकि 13 बच्चे ही स्कूल में उपस्थित मिले. उनमें से आधे बिना यूनिफॉर्म के थे. बच्चों ने बताया कि उन्हें मिड-डे मील में रोज सब्जी-भात और शनिवार को खिचड़ी-चोखा दिया जाता है. कभी भी मिनू के अनुसार भोजन नहीं मिलता है.जर्जर भवन में पढ़ाई से बच्चों की जान खतरे में
प्राथमिक विद्यालय पमैया का भवन भी दयनीय स्थिति में पाया गया. जिस कक्षा में बच्चे पढ़ते हैं,उसके दीवार में बड़ी दरारें हैं, जो किसी भी समय दुर्घटना का कारण बन सकती हैं. मिड-डे मील कक्ष की हालत और भी खराब पायी गयी. टूटा फर्श, चारों तरफ कचरा फैला हुआ और खाना बनाने की सामग्री अव्यवस्थित पड़ी थी.उत्क्रमित मध्य विद्यालय बिचला टोला में भी मिली अनियमितता
इसके बाद मुखिया उत्क्रमित मध्य विद्यालय बिचला टोला कटौना पहुंचे. यहां समय से पहले ही बच्चों को छुट्टी दे दी गयी थी और सभी शिक्षक एक कमरे में मोबाइल में व्यस्त मिले. प्रभारी प्रधानाध्यापक मनोरमा कुमारी ने छुट्टी देने का कारण पुस्तक वितरण बताया, लेकिन निरीक्षण के दौरान कई अन्य खामियां भी सामने आयीं. विद्यालय विकास मद से खरीदे गये सामान की सूची में दिखाया गया, परंतु समान स्कूल में मौजूद नहीं था. अन्य सामग्रियों की स्थिति और जानकारी भी स्पष्ट नहीं दी गयी. जबकि इस विद्यालय में 240 बच्चे नामांकित हैं, इसमें 95 बच्चे की पंजी में उपस्थिति थी. इस विद्यालय में छह महिला शिक्षिकाओं के साथ-साथ छह पुरुष शिक्षक को मिलाकर कुल बारह शिक्षक हैं.सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ा रहे शिक्षक
मुखिया ने बताया कि शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के उद्देश्य से विद्यालय अवधि में शिक्षकों ने गैर-शैक्षणिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के निर्देश जारी किए हैं. विभाग ने स्पष्ट रूप से कहा है कि विद्यालय समय के दौरान सरकारी शिक्षक केवल शैक्षणिक कार्यों और आवश्यक आपातकालीन कॉल तक ही मोबाइल का उपयोग करें. सोशल मीडिया का इस्तेमाल इस दौरान सख्त वर्जित है. इसके बावजूद कई शिक्षक कक्षा संचालन के समय मोबाइल में व्यस्त देखे जा रहे हैं.ग्रामीणों की शिकायत पर स्कूलों का किया गया निरीक्षण
मुखिया कपिल देव प्रसाद ने कहा ग्रामीणों की शिकायत पर जब हमने निरीक्षण किया, तो स्कूलों की स्थिति बेहद खराब मिली. शिक्षकों की लापरवाही, बच्चों की कम उपस्थिति और विकास मद की राशि के दुरुपयोग के स्पष्ट संकेत मिले हैं. मैं इस पूरे मामले की शिकायत प्रशासनिक पदाधिकारियों से करूंगा.कहते हैं जिला शिक्षा पदाधिकारी
इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि पंचायत के मुखिया कपिलदेव प्रसाद ने उत्क्रमित मध्य विद्यालय बिचला टोला कटौना, प्राथमिक विद्यालय पमैया के शिक्षकों के अनियमितता बरतने को लेकर शिकायत की गयी है. इसकी जांच-पड़ताल कर उचित कार्रवाई की जायेगी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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