इमरजेंसी में इलाज के अभाव में मरीज की गयी जान
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 20 Dec 2015 6:25 PM
इमरजेंसी में इलाज के अभाव में मरीज की गयी जान नगर थाने के जंगलिया से पहुंचे लोगों ने की मारपीट पुलिस व सुरक्षा बल थे नदारद, मची अफरातफरी सीवान के सिसवन का रहनेवाला था मरीज घर पर सौतन व पति के बीच हुई थी मारपीटघायल दो बच्चे समेत पांच लोग पहुंचे थे अस्पतालसुरक्षा पर सवाल […]
इमरजेंसी में इलाज के अभाव में मरीज की गयी जान नगर थाने के जंगलिया से पहुंचे लोगों ने की मारपीट पुलिस व सुरक्षा बल थे नदारद, मची अफरातफरी सीवान के सिसवन का रहनेवाला था मरीज घर पर सौतन व पति के बीच हुई थी मारपीटघायल दो बच्चे समेत पांच लोग पहुंचे थे अस्पतालसुरक्षा पर सवाल : पहली पत्नी के बेटों ने मां को लहूलुहान देख अस्पताल में पिता को जम कर पीटाफोटो न. 12 इलाज के लिए तड़पता युवक फोटो न. 13 खून से लहूलुहान घायल फोटो न. 14 खून से लथपथ पड़ी महिला फोटो न. 15 अस्पताल में घायल दोनों भाई सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में लोग इलाज कराने के लिए आते हैं. अब लोग घर पर हुई झड़प का बदला लेने के लिए अस्पताल तक पहुंच जा रहे हैं. सुरक्षा-व्यवस्था लचर होने के कारण इमरजेंसी में घुस कर मरीजों के साथ मारपीट की जा रही है. इससे इलाज कराने के लिए आये दूसरे मरीज की जान खतरे में पड़ जाती है. रविवार को जंगलिया मुहल्ले में पति-पत्नी के बीच हुई मारपीट का मामला अस्पताल तक पहुंच गया. महिला के बेटों ने अपने ही पिता और अन्य लोगों से बदला लेने के लिए इमरजेंसी में झड़प शुरू कर दी. सड़क हादसे में आये घायल दूसरे मरीज की इलाज के अभाव में मौत हो गयी. संवाददाता, गोपालगंज सदर अस्पताल का इमरजेंसी वार्ड रविवार की दोपहर रणक्षेत्र में तब्दील रहा. इलाज कराने आये एक ही परिवार के मरीज आपस में भिड़ गये. दोनों पक्षों के बीच इमरजेंसी वार्ड में ईंट और रॉड से एक-दूसरे पर वार किया गया. इसका खामियाजा इलाज कराने आये एक दूसरे मरीज को अपनी जान देकर भुगतना पड़ा. डॉक्टर और कर्मी उन्हें शांत कराने में लगे थे. मृतक मरीज सीवान जिले के सिसवन के रामपुर गांव के निवासी विमलेश साह का पुत्र दहारी साह बताया गया है. मांझा थाने के कोईनी गांव के पास एनएच 28 पर अज्ञात वाहन की टक्कर में घायल हुआ था. स्थानीय लोगों ने इलाज के लिए उसे सदर अस्पताल पहुंचाया था. मौत के बाद उसके परिजनों को अस्पताल से सूचना दी गयी है. घटना के वक्त अस्पताल में सुरक्षाकर्मी गायब थे. चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मियों ने इसकी जानकारी विभाग के अधिकारियों को दी. सिविल सर्जन डॉ मधेश्वर प्रसाद शर्मा ने इस पूरे मामले में कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. आखिर क्यू अस्पताल में हुआ झड़प नगर थाने के जंगलिया मुहल्ले में बाबर अली की शादी बरौली के रतनसराय में फहीमा खातून से वर्ष 1986 में हुई थी. शादी के 26 साल बाद पति ने दूसरी शादी थावे थाने के हरदिया गांव की महिला के साथ कर ली. रविवार को संपत्ति विवाद को लेकर घर पर सौतन और पति के साथ पहली पत्नी फहीमा खातून के बीच मारपीट हो गयी. इसमें दो बच्चे समेत पांच लोग घायल हो गये. उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल में लाया गया था, जहां पर फहीमा खातून के पुत्र इरशाद अली और मुमताज अली पहुंच गये. उन्होंने अपनी मां को खून से लथपथ देख पिता के साथ मारपीट शुरू कर दी. बाबर अली के साथ आयी दूसरी पत्नी और उसके मायके वालों ने इन पर हमला कर दिया. दोनों बीच झड़प होने के बाद इमरजेंसी वार्ड में अफरातफरी मच गयी. फ्लैश बैक तेजाब पीड़ित छात्राओं के साथ इमरजेंसी में घुस की थी मारपीट उचकागांव थाने के मकसूदपुर गांव में दो साल पहले छेड़खानी का विरोध करने पर तेजाब से तीन बहनों को जला दिया गया था. इलाज के लिए सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भरती कराया गया था. हमलावरों ने इमरजेंसी वार्ड में घुस कर मारपीट की थाी. तत्कालीन एसडीपीओ निर्मला कुमारी ने इस मामले की जांच के बाद अस्पताल में तैनात दारोगा और सुरक्षा बलों को निलंबित कर दिया था.
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