बक्सर में प्रदर्शन: स्वास्थ्य कर्मचारियों ने 26 सूत्री मांगों को लेकर किया हंगामा, सरकार के खिलाफ नारेबाजी
Published by : raginisharma Updated At : 16 May 2026 4:11 PM
मांगों को लेकर प्रदर्शन करते डॉक्टर्स
Bihar News: बक्सर सदर अस्पताल से सिविल सर्जन कार्यालय तक स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपनी 26 सूत्री मांगों को लेकर प्रदर्शन किया. कर्मचारियों ने नियमितीकरण, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने और अन्य मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए ज्ञापन सौंपा.
Bihar News: (मनीष कुमार मिश्रा) बिहार चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ की राज्य कमिटी के आह्वान पर शुक्रवार को बक्सर में स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपनी लंबित 26 सूत्री मांगों को लेकर प्रदर्शन किया. इस दौरान कर्मचारियों ने सदर अस्पताल से सिविल सर्जन कार्यालय तक मार्च निकालकर सरकार और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की. अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सिविल सर्जन के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग, बिहार सरकार को सौंपा.
सदर अस्पताल से निकाला गया विरोध मार्च
प्रदर्शन का नेतृत्व संघ के जिलामंत्री आनंद सिंह ने किया. दोपहर करीब 12 बजे बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कर्मचारी सदर अस्पताल परिसर में एकत्रित हुए और वहां से सिविल सर्जन कार्यालय तक विरोध मार्च निकाला। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने सरकार पर कर्मचारी हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया.
नियमितीकरण और पुरानी पेंशन की उठी मांग
सिविल सर्जन कार्यालय परिसर में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए जिलामंत्री आनंद सिंह ने कहा कि सरकार लगातार कर्मचारी विरोधी नीतियां अपना रही है. उन्होंने मांग की कि ठेका एवं संविदा पर कार्यरत कर्मचारियों को नियमित किया जाए तथा पुरानी पेंशन योजना को दोबारा लागू किया जाए. साथ ही चार नए लेबर कोड को बिहार में लागू नहीं करने की भी मांग की गई. उन्होंने एनएचएम कर्मियों को हड़ताल अवधि का वेतन देने की मांग उठाते हुए कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए.
सिविल सर्जन के आदेश पर भी जताया विरोध
आनंद सिंह ने सिविल सर्जन, बक्सर द्वारा जारी आदेश ज्ञापांक 1172 को कर्मचारियों के लिए परेशानी का कारण बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की. उन्होंने कहा कि प्रखंड स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों के वेतन भुगतान का अधिकार पहले से प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को प्राप्त है, ऐसे में अतिरिक्त अनुमोदन प्रक्रिया कर्मचारियों को अनावश्यक रूप से परेशान कर रही है.
राज्य संवर्ग में शामिल करने पर भी उठाए सवाल
संघ के राज्य उपाध्यक्ष मनोज चौधरी ने कहा कि जिला कैडर के कर्मचारियों, विशेषकर एएनएम और लिपिकों को राज्य संवर्ग में शामिल करना कर्मचारियों के हित में नहीं है. उन्होंने इन्हें पुनः जिला कैडर में शामिल करने और सेवा संबंधी अधिकार बहाल करने की मांग की. इस दौरान राज्य संघर्ष उपाध्यक्ष विकास सिंह, विनोद श्रीवास्तव, गीता कुमारी, कुन्तु कुमारी, नागेश पांडेय और रूक्मिणा सहित कई वक्ताओं ने कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं को उठाया. मौके पर सैकड़ों स्वास्थ्य कर्मचारी मौजूद रहे.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










