Bhagalpur news आस्था व उल्लास के साथ मना विशुआ पर्व

Published by : JITENDRA TOMAR Updated At : 15 Apr 2026 1:06 AM

विज्ञापन

सुलतानगंज प्रखंड में विशुआ पर्व हर्षोल्लास मनाया गया. पवित्र उत्तरवाहिनी गंगा में हजारों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगा कर दान-पुण्य किया.

विज्ञापन

सुलतानगंज प्रखंड में विशुआ पर्व हर्षोल्लास मनाया गया. पवित्र उत्तरवाहिनी गंगा में हजारों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगा कर दान-पुण्य किया. गंगा घाटों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी, जहां स्नान के बाद लोगों ने पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की. विशुआ पर्व पर श्रद्धालुओं ने घड़ा में गंगाजल, पंखा, बेलपत्र और सत्तू का दान किया. मान्यता है कि इस दिन किये दान से पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन में सुख-शांति आती है. गंगा तट पर धार्मिक अनुष्ठानों के साथ दान-पुण्य का सिलसिला दिनभर चलता रहा. विशुआ पर्व के दूसरे दिन रेलवे लाइन के पार स्थित जियछ पोखर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है. श्रद्धालु पोखर में स्नान कर मां जियछ की पूजा-अर्चना करते हैं और अपनी मनोकामनाएं पूरी होने की कामना करते हैं. यहां सच्चे मन से मांगी गयी मुराद अवश्य पूरी होती है.

श्रद्धा व आस्था के साथ मना महापर्व सतुआन

कहलगांव. प्रखंड के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पारंपरिक महापर्व सतुआन को पूरे श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया. प्रायः सत्तू दुकानों सत्तू खरीदारों की भीड़ दोपहर तक बनी रही. गंगा स्नान पूजा-अर्चना के बाद लोगों ने सतुआन महापर्व का आनंद उठाया. साहित्यवाचस्पति डॉ रामजी मिश्र रंजन ने बताया कि सूर्यदेव के मेष राशि में प्रवेश पर फसली पर्व सतुआनी अधिकतर परिवारों में मनाया जाता है. मुख्य रूप से यह प्रकृति और मानव के बीच सामंजस्य स्थापित करने का पर्व है, जो हमे शारीरिक, वैज्ञानिक और धार्मिक दृष्टिकोण से स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित करता है. यह त्योहार पौष्टिक और स्वच्छ आहार के महत्व को उजागर करता है और मनुष्य के शरीर को ग्रीष्मकालीन चुनौतियों से निबटने के लिए तैयार करता है. इस दिन लोग शीतल आहार और व्यवहार को अपनाने के लिए प्रोत्साहित होते हैं, जैसे जौ और चने की सत्तू, आम का पन्ना और मौसमी फल, जो पाचन और स्वास्थ्य के लिए आवश्यक हैं. प्रायः घरों में महिलाएं प्रातःकाल स्नान-ध्यान से निवृत होकर मंदिरों में पूजा-अर्चना करती हैं. वह कलश में जल रखकर घर की सुख-समृद्धि और आरोग्यता के लिए प्रार्थना करती हैं. जौ, चना, आम का फल, गुड़ चढ़ाती हैं. रात में घर की महिलाएं दालपूड़ी, खीर बनाती हैं.

विज्ञापन
JITENDRA TOMAR

लेखक के बारे में

By JITENDRA TOMAR

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन