बच्ची के गले से सोने के लॉकेट की छिनतई में तीन गिरफ्तार, चैन स्नैचर दो सगे भाई भी शामिल

Published by : KumarVishwat Sen Updated At : 30 May 2026 9:43 PM

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गले से सोने का लॉकेट काटने के तीनों आरोपी के बारे में जानकारी देते एसडीपीओ व थाना प्रभारी. फोटो: प्रभात खबर

Palamu News: पलामू में बच्ची के गले से सोने का लॉकेट छीनने के मामले में पुलिस ने दो सगे भाइयों समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के पास से लूटा गया सोने का लॉकेट बरामद हुआ है. पूछताछ में उन्होंने शहर में हुई अन्य चोरी और छिनतई की घटनाओं में संलिप्तता स्वीकार की. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

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शिवेंद्र कुमार की रिपोर्ट

Palamu News: पलामू पुलिस ने एक छोटी बच्ची के गले से सोने का लॉकेट छीनने के मामले का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार आरोपियों में दो सगे भाई भी शामिल हैं. पुलिस ने उनके पास से लूटा गया सोने का लॉकेट बरामद कर लिया है. आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. शनिवार को आयोजित प्रेस वार्ता में एसडीपीओ राजेश यादव और शहर थाना प्रभारी ज्योति लाल रजवाह ने पूरे मामले की जानकारी देते हुए बताया कि घटना के बाद पुलिस ने तकनीकी और मानवीय सूचनाओं के आधार पर त्वरित कार्रवाई कर आरोपियों को गिरफ्तार किया.

पंजाब नेशनल बैंक के पास हुई थी छिनतई

पुलिस के अनुसार यह घटना मंगलवार की रात बाजार क्षेत्र स्थित पंजाब नेशनल बैंक के समीप हुई थी. एक बच्ची अपने पिता के साथ मोटरसाइकिल पर बैठकर जा रही थी. इसी दौरान बाइक सवार अपराधियों ने बच्ची के गले में पहना सोने का लॉकेट काटकर छीन लिया और मौके से फरार हो गए. घटना के दौरान बच्ची को भी चोट लगी थी. अचानक हुई इस वारदात से इलाके में सनसनी फैल गई थी. परिजनों की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी थी.

तीन आरोपियों को किया गया गिरफ्तार

जांच के दौरान पुलिस ने घटना में शामिल 19 वर्षीय सानू आलम, 21 वर्षीय समीर आलम और 22 वर्षीय सूर्य प्रताप कुमार उर्फ अमन कुमार को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने इनके कब्जे से सोने के दो लॉकेट भी बरामद किए हैं. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सानू आलम और समीर आलम आपस में सगे भाई हैं. दोनों वर्तमान में पहाड़ी मोहल्ला में किराये के मकान में रहते थे, जबकि उनका पैतृक गांव हरिहरगंज थाना क्षेत्र में है.

हरिहरगंज से दबोचे गए दोनों भाई

पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि घटना को अंजाम देने के बाद दोनों भाई अपने पैतृक गांव हरिहरगंज चले गए हैं. सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने छापेमारी कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया. वहीं तीसरे आरोपी सूर्य प्रताप कुमार उर्फ अमन कुमार को भी गिरफ्तार किया गया. वह साहित्य समाज चौक स्थित बड़ा तालाब क्षेत्र का रहने वाला है. तीनों आरोपियों से पूछताछ के बाद कई महत्वपूर्ण जानकारियां पुलिस को मिली हैं.

पूछताछ में अन्य घटनाओं में संलिप्तता स्वीकार

एसडीपीओ राजेश यादव ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने शहर में हुई चोरी और छिनतई की अन्य घटनाओं में भी अपनी संलिप्तता स्वीकार की है. पुलिस अब उन मामलों की भी जांच कर रही है और आरोपियों से जुड़े अन्य तथ्यों को खंगाल रही है. पुलिस का मानना है कि यह गिरोह सुनसान स्थानों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में लोगों को निशाना बनाकर छिनतई की घटनाओं को अंजाम देता था. गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक नेटवर्क की भी जांच की जा रही है.

पहले भी जेल जा चुका है एक आरोपी

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी सानू आलम का आपराधिक इतिहास रहा है. वह सितंबर 2025 में भी एक आपराधिक मामले में जेल जा चुका है. इसके बावजूद वह अपराध की दुनिया से नहीं निकला और दोबारा आपराधिक गतिविधियों में शामिल हो गया. पुलिस का कहना है कि आरोपियों के पुराने रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं ताकि उनके खिलाफ लंबित मामलों की जानकारी जुटाई जा सके.

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स्वास्थ्य जांच के बाद भेजा गया जेल

गिरफ्तारी के बाद तीनों आरोपियों को एमएमसीएच में स्वास्थ्य परीक्षण के लिए ले जाया गया. चिकित्सकीय जांच पूरी होने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. पुलिस अधिकारियों ने कहा कि शहर में चोरी, छिनतई और अन्य आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है. आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध है.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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