कड़क ठंड ने जिले में बिगाड़ा बिजली का गणित, दिन-रात हाई प्रेशर लोड से हांफ रहे ट्रांसफार्मर

Updated at : 06 Jan 2026 6:14 PM (IST)
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कड़क ठंड ने जिले में बिगाड़ा बिजली का गणित, दिन-रात हाई प्रेशर लोड से हांफ रहे ट्रांसफार्मर

पश्चिम चंपारण में बीते एक सप्ताह से जारी कड़क ठंड और शीतलहर के प्रकोप ने बिजली खपत के सामान्य और पीक ऑवर के बीच के पारंपरिक अंतर को लगभग समाप्त कर दिया है.

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बेतिया. पश्चिम चंपारण में बीते एक सप्ताह से जारी कड़क ठंड और शीतलहर के प्रकोप ने बिजली खपत के सामान्य और पीक ऑवर के बीच के पारंपरिक अंतर को लगभग समाप्त कर दिया है. ठंड के प्रचंड प्रभाव से लोग दिन- रात हीटर, ब्लोअर, गीजर और अन्य जरूरी उपकरणों का उपयोग कर रहे हैं, जिससे 24 घंटे बिजली की मांग असामान्य रूप से उच्च स्तर पर कायम बनी हुई है. पॉवर ग्रीड डिविजन के सहायक अभियंता अंकित कुमार ने बताया कि बिजली के सदर सब डिविजन क्षेत्र में इन दिनों प्रतिदिन औसतन 65 से 70 मेगावाट तक बिजली की खपत लगातार दर्ज की जा रही है, जिसे सुचारू बनाए रखने में बिजली के अधिकारी से लेकर कर्मियों तक को भारी मशक्कत करनी पड़ रही है. सहायक अभियंता श्री कुमार ने बताया कि बिजली आपूर्ति आंकड़ों पर नजर डालें तो बीते माह दिसंबर में जिले की बिजली खपत दिन में 40 से 45 मेगावाट और शाम छह से रात 11 बजे तक के पीक ऑवर में 50 से 55 मेगावाट तक ही रह रही थी. लेकिन मौजूदा की कड़क ठंड ने यह समीकरण पूरी तरह बदल कर रख दिया है. अब बिजली खपत का ग्राफ दिन और रात में समान रूप से ऊंचा बना हुआ है, जिससे लोड प्रबंधन चुनौतीपूर्ण हो गया है. विभागीय सूत्रों के अनुसार, बिजली आपूर्ति डिविजन में इस असामान्य मांग को पूरा करने के लिए सप्लाई वायर, इसूलेटर, फीडर और ट्रांसफॉर्मरों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है. ———– फैक्ट पॉइंट्स * रोजाना बिजली खपत: 65-70 मेगावाट * दिसंबर में खपत: दिन में 40-45, पीक ऑवर में 50-55 मेगावाट * खपत में बढ़ोतरी: करीब 15-20 मेगावाट * लोड पैटर्न: अब 24 घंटे हाई लोड * कारण: हीटर, ब्लोअर, गीजर का ज्यादा उपयोग ———————- घने कोहरे छाने पर बढ़ रहा इंसुलेटरों ब्लास्ट का खतरा ग्रीड डिविजन के सहायक अभियंता अंकित कुमार ने बताया कि घने कोहरे (फॉग) का प्रकोप बढ़ने के साथ आपूर्ति व्यवस्था पर एक और गंभीर खतरा मंडराने लग रहा है. कोहरे में कंडक्टिंग मेंटेनेंस कमजोर पड़ जाती है.नमी बढ़ने से पुराने और कमजोर इंसुलेटरों के ब्लास्ट होने की आशंका प्रबल हो जाती है, जिससे सुचारू बिजली आपूर्ति का चेन सिस्टम बाधित हो सकता है. इधर बिजली आपूर्ति के सहायक अभियंता सुशील कुमार ने बताया कि कई क्षेत्रों में पूर्व में भी इंसुलेटर ब्लास्ट की घटनाओं के कारण सप्लाई प्रभावित हुई है.इसे देखते हुए विभाग ने संवेदनशील इलाकों में लाइन पेट्रोलिंग और इंसुलेटरों की जांच तेज कर दी है.बिजली कर्मियों की मानें तो लगातार उच्च लोड और फॉग की नमी के कारण उपकरणों पर दबाव बढ़ रहा है.ट्रांसफॉर्मरों के गर्म होने, जंफर ढीले पड़ने और इंसुलेटरों में स्पार्किंग जैसी समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है. ————– बिजली आपूर्ति निर्बाध बनाए रखना बड़ी चुनौती कोट.. ऐसे प्रतिकूल मौसम में बिजली आपूर्ति को निर्बाध बनाए रखना एक एक बिजली कर्मी के लिए बड़ी चुनौती बन गई है. है. उपभोक्ताओं से भी अपील है कि ताप उपकरणों का संतुलित उपयोग करें और किसी भी प्रकार की बिजली संबंधी समस्या दिखने पर तुरंत कंट्रोल रूम को सूचित करें, ताकि समय रहते समाधान किया जा सके. ठंड के इस चरम दौर में बिजली आपूर्ति को दुरुस्त रखना विभाग की प्राथमिकता है, लेकिन इसके लिए कर्मियों की अतिरिक्त तैनाती और उपकरणों के रखरखाव पर विशेष जोर दिया जा रहा है. सुशील कुमार, सहायक अभियंता बिजली आपूर्ति

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