सावधान! झारखंड में जनगणना के नाम पर आ रहे फर्जी कॉल, OTP दिया या ज्यादा बात की तो अकाउंट साफ
Published by : Sameer Oraon Updated At : 31 May 2026 7:06 PM
जनगणना के नाम पर हो रहे हैं साइबर ठगी, Pic Credit- AI, Only For Symbolism
Jharkhand Cyber Crime News: झारखंड के बोकारो में डिजिटल जनगणना के नाम पर साइबर ठगी का नया तरीका सामने आया है. ठग खुद को प्रगणक बताकर घर के सर्वे और डिजिटल फॉर्म पूरा करने के नाम पर OTP मांग रहे हैं. चास BDO डॉ. प्रदीप कुमार और साइबर एक्सपर्ट इंस्पेक्टर अनिल कच्छप ने अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि ऐसी कॉल आने पर तुरंत फोन काटें, क्योंकि ज्यादा देर बात करने पर मोबाइल हैक हो सकता है.
बोकारो से रंजीत कुमार की रिपोर्ट
Jharkhand Cyber Crime News, बोकारो: देश में आगामी जनगणना की सुगबुगाहट शुरू होते ही साइबर अपराधियों का एक नया और खतरनाक पैंतरा सामने आया है. ठगों ने अब आम जनता को अपना शिकार बनाने के लिए ‘डिजिटल जनगणना’ को नया हथियार बनाया है. शातिर अपराधी खुद को प्रगणक (Enumerator) या सर्वेयर बताकर सीधे लोगों के मोबाइल पर कॉल कर रहे हैं और डिजिटल फॉर्म कंप्लीट करने के नाम पर गोपनीय जानकारियां उड़ा रहे हैं. बोकारो जिले के चास इलाके सहित कई अन्य जगहों पर साइबर ठगों द्वारा लोगों को निशाना बनाने की कोशिशों के बाद प्रशासन और साइबर विंग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है.
क्या है ठगी का नया तरीका
साइबर अपराधियों का नेटवर्क इस ठगी को अंजाम देने के लिए बेहद शातिराना तरीका अपना रहा है. आरोपी मकान मालिकों (आवासधारियों) को फोन कर बेहद प्रोफेशनल अंदाज में कहते हैं, “आपके मकान का सूचीकरण (House Listing) कर लिया गया है. प्रथम चरण के तहत आपके घर की पूरी जानकारी मोबाइल ऐप में भरी जा चुकी है. अब इस डिजिटल जनगणना फॉर्म को फाइनल कंप्लीट करने के लिए आपके मोबाइल पर एक ओटीपी (OTP) जाएगा, उसे तुरंत बताइए.” जैसे ही कोई झांसे में आकर अपना ओटीपी नंबर उनके साथ साझा करता है, ठग पल भर में उनका बैंक खाता साफ कर देते हैं या उनके डिवाइस का एक्सेस हासिल कर लेते हैं.
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जनगणना कर्मी नहीं मांगते कोई भी गोपनीय डेटा
इस नए खतरे को देखते हुए चास के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) डॉ. प्रदीप कुमार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए आम जनता से बेहद सतर्क रहने की अपील की है. बीडीओ ने कहा कि क्षेत्र में तैनात प्रगणक, सर्वेयर और सुपरवाइजर केवल और केवल आधिकारिक जनगणना का कार्य कर रहे हैं. इस पूरे कार्य के दौरान किसी भी आवासधारी से किसी भी प्रकार की वित्तीय जानकारी, बैंक डिटेल, आधार नंबर या कोई अन्य गोपनीय डेटा बिल्कुल नहीं मांगा जाता है.
BDO डॉ. प्रदीप कुमार ने स्पष्ट किया मामला
“अगर कोई भी व्यक्ति फोन पर जनगणना के नाम पर आपसे वित्तीय या गोपनीय जानकारी मांगता है, तो उसे साफ इंकार करें और तुरंत इसकी सूचना अपने नजदीकी ब्लॉक कार्यालय (प्रखंड कार्यालय) को दें. जनगणना कर्मी आवासधारियों से मोबाइल नंबर सिर्फ और सिर्फ इसलिए मांग रहे हैं ताकि आपके घर की जनगणना की प्रक्रिया पूरी होने पर आपके फोन पर एक आधिकारिक पुष्टिकरण (Confirmation) मैसेज भेजा जा सके कि आपका जनगणना कार्य पूर्ण हो चुका है.”
कॉल पर ज्यादा देर बात की तो हैक हो सकता है मोबाइल
इस नए ट्रेंड पर बोकारो साइबर थाना के इंस्पेक्टर और साइबर एक्सपर्ट अनिल कच्छप ने आम नागरिकों के लिए बेहद जरूरी गाइडलाइन जारी की है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि मोबाइल पर आने वाले किसी भी ओटीपी को भूलकर भी किसी अनजान व्यक्ति के साथ शेयर न करें.
साइबर एक्सपर्ट अनिल कच्छप ने क्या टिप्स दी
- अगर कोई फोन पर जनगणना के नाम पर बार-बार ओटीपी देने के लिए दबाव बनाता है, तो बिना बहस किए तुरंत कॉल डिस्कनेक्ट (Cut) कर दें.
- संदेहास्पद कॉल्स को अधिक देर तक ‘इंटरटेन’ न करें (यानी लंबी बात न खींचें). ज्यादा देर तक कॉल पर बने रहने से साइबर ठग आधुनिक टूल्स के जरिए आपका मोबाइल हैक भी कर सकते हैं.
- ऐसी किसी भी संदेहास्पद गतिविधि या कॉल आने पर तुरंत अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर थाने से संपर्क कर मामले की लिखित या मौखिक शिकायत दर्ज कराएं ताकि ठगों के नंबरों को ब्लॉक कराया जा सके.
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By Sameer Oraon
समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.
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