गैंग रेप के सजायफ्ता की याचिका खारिज

बोकारो गैंग रेप मामले में हाईकोर्ट ने दोषी यूनुस अंसारी की प्रीमेच्योर रिलीज याचिका को खारिज कर दिया है। जानें पूरी खबर विस्तार से।
बोकारो. बोकारो में अप्रैल 1999 की गैंग रेप की बहुचर्चित घटना के सजायाफ्ता यूनुस अंसारी की याचिका पर हाइकोर्ट ने बुधवार को फैसला सुनाया. न्यायमूर्ति रंगन मुखोपाध्याय की कोर्ट ने उसकी याचिका खारिज कर दी. प्रार्थी की ओर से 24 साल दो माह की सजा काट लेने का हवाला देते हुए प्रीमेच्योर रिलीज करने का आग्रह किया गया था. उसे आजीवन कारावास की सजा मिली है.
मई 2004 में बोकारो की निचली अदालत ने इस मामले में लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनायी थी. बाद में वर्ष 2015 में हाईकोर्ट ने सबूतों के आधार पर 14 दोषियों की सजा को बरकरार रखा था.
पांच अप्रैल 1999 की शाम को बोकारो स्टील प्लांट के एक वरिष्ठ अधिकारी की 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली बेटी को अगवा कर लिया गया था. सेक्टर 6 थाना क्षेत्र के भर्रा गांव क्षेत्र की झाड़ियों में उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया था. आरोपियों ने उसे मरा हुआ समझ कर छोड़ दिया था. इस घटना के बाद छात्रा गहरे सदमे में चली गयी थी. कुछ वर्षों बाद उसकी मौत हो गयी थी.
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