अरवल के मधुश्रवा में परंपरागत रूप से झंडा डोला कर मेले का हुआ समापन, अंतिम दिन उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़

Edited by Nikhil Anurag
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मधुश्रवा धाम का मलमास मेला संपन्न

Arwal News: अरवल के मधुश्रवा धाम में एक माह तक चले मलमास मेला का सोमवार को झंडा डोलाने और विशेष पूजा-अर्चना के साथ समापन हो गया. अंतिम दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी. दुकानों और झूलों पर भी लोगों का जमावड़ा रहा. स्थानीय लोगों के अनुसार मेला क्षेत्र में अभी कुछ दिनों तक चहल-पहल बनी रहेगी.

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Arwal News: (अंजनी कुमार की रिपोर्ट) कलेर प्रखंड क्षेत्र के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल मधुश्रवा धाम में एक माह से चल रहे मलमास मेला का सोमवार को विधिवत समापन हो गया. मेला के अंतिम दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर भगवान शिव की पूजा-अर्चना की और सुख-समृद्धि की कामना की. समापन अवसर पर पूरे मेला क्षेत्र में श्रद्धा, आस्था और उत्साह का माहौल देखने को मिला.

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ समापन

मलमास मेला का समापन मधुश्रवा शिव मंदिर के महंत अखिलेश्वर भारती द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार एवं धार्मिक अनुष्ठानों के साथ किया गया. परंपरा के अनुसार झंडा डोलाया गया तथा भगवान शिव की विशेष आरती उतारी गई. इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु, साधु-संत और स्थानीय लोग मौजूद रहे.

अंतिम दिन उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

मेला के अंतिम दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. मधुश्रवा जाने वाले विभिन्न मार्गों पर जाम जैसी स्थिति बनी रही. हालांकि सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा. वाहनों के प्रवेश पर रोक रहने के कारण पैदल श्रद्धालुओं को अपेक्षाकृत कम परेशानी हुई, जबकि दूर-दराज से आए लोगों को काफी दूरी पैदल तय करनी पड़ी.

खेल-तमाशों और दुकानों पर लगी रही भीड़

समापन दिवस पर लोगों में मेला घूमने और खरीदारी को लेकर विशेष उत्साह देखा गया. बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने मेले का आनंद उठाया. झूले, खेल-तमाशे, खान-पान और घरेलू सामान की दुकानों पर देर शाम तक भीड़ लगी रही. दुकानदारों के अनुसार अंतिम दिन बिक्री काफी अच्छी रही.

स्थानीय लोगों का कहना है कि मेला समाप्ति के बाद कई दुकानदार अपना सामान समेटने लगते हैं. ऐसे में बची हुई वस्तुओं की बिक्री कम कीमत पर की जाती है. यही वजह है कि बड़ी संख्या में लोग अंतिम दिन खरीदारी के लिए पहुंचते हैं. सोमवार को भी खिलौने, सजावटी सामान और घरेलू उपयोग की वस्तुओं की दुकानों पर खरीदारों की अच्छी-खासी भीड़ देखी गई.

एक सप्ताह तक बनी रहेगी चहल-पहल

धार्मिक दृष्टि से मेला का समापन हो चुका है, लेकिन स्थानीय लोगों का मानना है कि झंडा डोलने के बाद भी लगभग एक सप्ताह तक श्रद्धालुओं का आना-जाना जारी रहेगा. कई दुकानदार और खेल-तमाशा संचालक भी अभी कुछ दिनों तक मेला परिसर में बने रहेंगे. आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या धीरे-धीरे कम होगी, लेकिन मेला क्षेत्र में चहल-पहल बनी रहेगी.

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Nikhil Anurag

लेखक के बारे में

By Nikhil Anurag

मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर पलायन कर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट ( माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय). नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है. नोएडा में टीवी न्यूज में काम करने के बाद हिंदुस्तान ग्रूप होते हुए बिहार, झारखंड की सबसे पसंदीदा अखबार प्रभात खबर में कार्यरत. हां एक बात और... पढ़ने-लिखने की जिज्ञासा कभी खत्म नहीं होगी. साहित्य में बेहद दिलचस्पी.

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