अरवल: मधुश्रवां मेले में उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब, बढ़ती भीड़ से प्रशासन सतर्क
Published by : Rajeev Kumar Updated At : 14 Jun 2026 8:36 PM
मधुश्रवां मेले में स्नान करते श्रद्धालु.
Arwal News : मधुश्रवां मेले में मेला परिसर, बाजार, ऑटो स्टैंड और अन्य प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है.
कलेर (अरवल) से अंजनी कुमार की रिपोर्ट Arwal News : प्रखंड क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक मधुश्रवां मेले में श्रद्धालुओं की भीड़ दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है. मेले के समापन की तिथि नजदीक आते ही यहां जनसैलाब उमड़ पड़ा है, जिससे पूरा मेला परिसर और आसपास का क्षेत्र मेले के माहौल में तब्दील हो गया है.
करीब एक माह तक चलने वाला यह धार्मिक मेला सोमवार, 15 जून को संपन्न होगा. अंतिम चरण में पहुंचते ही श्रद्धालुओं की भीड़ रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है. स्थानीय लोगों और दुकानदारों के अनुसार भीड़ का अनुमान 50 हजार से लेकर एक लाख तक बताया जा रहा है.
भीड़ को नियंत्रित के लिए पुलिस मुस्तैद
सुबह से लेकर देर शाम तक मधुश्रवां आने वाले प्रमुख मार्गों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार बनी हुई है. भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा मेला स्थल से काफी दूरी पर ही ऑटो और अन्य वाहनों को रोक दिया जा रहा है। इसके बावजूद श्रद्धालु पैदल चलकर मेले में पहुंच रहे हैं.
रात्रि के चौथे पहर से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो जाता है, जो देर शाम तक जारी रहता है. हालांकि मनोरंजन के अधिकांश साधन सूर्यास्त से पहले ही बंद हो जाते हैं, लेकिन इसके बावजूद मेले में आने वाले लोगों की संख्या में कोई कमी नहीं देखी जा रही है.
एक लाख श्रद्धालु पहुंचने की संभावना
रविवार को मेले के समापन में केवल एक दिन शेष रहने के कारण सोमवार को अंतिम दिन भारी भीड़ उमड़ने की संभावना जताई जा रही है. अनुमान है कि अंतिम दिन करीब एक लाख श्रद्धालु मधुश्रवां पहुंच सकते हैं.
भीड़ को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है. मेला परिसर, बाजार, ऑटो स्टैंड और अन्य प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है. पुलिसकर्मी लगातार भीड़ और वाहनों की आवाजाही पर नजर रख रहे हैं ताकि स्थिति नियंत्रण में बनी रहे.
सोमवार को मेले का होगा समापन
मेले की भीड़ का सकारात्मक असर स्थानीय व्यापार पर भी देखने को मिल रहा है. मेहंदिया क्षेत्र में मिठाई, चाय-नाश्ता और अन्य दुकानों पर ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ रही है. विशेषकर जलेबी और सिंघाड़ा की बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. दुकानदारों का कहना है कि इस वर्ष कारोबार पहले की तुलना में काफी बेहतर रहा है और मांग को देखते हुए कई दुकानें देर रात तक खुली रखी जा रही हैं.
सोमवार को मेले के समापन के साथ ही एक माह से चल रहे इस ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन का समापन हो जाएगा.
Also Read: असम विमान हादसे में भोजपुर का लाल शहीद, अग्निवीर दानिश आलम अब तिरंगे में लिपटकर लौटेगा घर
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










