अरवल सदर अस्पताल में खुलेगा क्लब फुट क्लिनिक, टेढ़े-मेढ़े हाथ-पैर वाले बच्चों का होगा नि:शुल्क इलाज

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अरवल सदर अस्पताल

Arwal News: सदर अस्पताल में जन्म से टेढ़े-मेढ़े हाथ-पैर वाले बच्चों के इलाज के लिए क्लब फुट क्लिनिक शुरू किया जाएगा. इस क्लिनिक में 0 से 2 वर्ष तक के बच्चों का नि:शुल्क उपचार किया जाएगा. बच्चों के बेहतर इलाज के लिए आधुनिक चिकित्सा सुविधा और उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे.

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Arwal News: (निशिकांत कि रिपोर्ट)
सदर अस्पताल में जन्म से टेढ़े-मेढ़े हाथ-पैर वाले बच्चों के इलाज के लिए जल्द ही क्लब फुट क्लिनिक की शुरुआत की जाएगी. इस क्लिनिक में 0 से 2 वर्ष तक के बच्चों को विशेष बाल चिकित्सा आर्थोपेडिक और विकृति सुधार की सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी.

क्लब फुट क्लिनिक की तैयारी तेज

स्वास्थ्य विभाग ने क्लब फुट क्लिनिक स्थापित करने की प्रक्रिया तेज कर दी है. इसके लिए कक्ष का चयन भी कर लिया गया है. यह क्लिनिक राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत सदर अस्पताल के ओपीडी स्थित ऑर्थोपेडिक विभाग में संचालित होगा.

बच्चों को नि:शुल्क इलाज और उपकरण मिलेंगे

इस क्लिनिक में बच्चों का इलाज पूरी तरह नि:शुल्क किया जाएगा. साथ ही उन्हें विशेष जूते और आवश्यक उपकरण भी दिए जाएंगे, जिससे वे चलने-फिरने का अभ्यास कर सकें. इससे गरीब परिवारों के बच्चों को काफी राहत मिलेगी और इलाज पर होने वाला खर्च भी बचेगा.

टेढ़े-मेढ़े पैर के कारण और चिकित्सा प्रक्रिया

हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक कुमार ओझा के अनुसार, धनुषाकार पैर (जेनु वरुम) और घुटने मुड़े होने (जेनु वैल्गम) जैसी स्थितियां बच्चों में सामान्य विकास प्रक्रिया के दौरान देखी जाती हैं. इन स्थितियों में टखने एक साथ होने पर घुटने अलग रहते हैं या घुटने आपस में जुड़ जाते हैं.

विटामिन और पोषण की कमी से बढ़ती समस्या

विशेषज्ञों के अनुसार, विटामिन डी, कैल्शियम या फास्फोरस की कमी तथा गर्भावस्था या जन्म के बाद उचित देखभाल न होने पर बच्चों में हड्डी संबंधी विकार हो सकते हैं. कुछ मामलों में एकोंड्रोप्लासिया जैसे हड्डी विकास संबंधी विकार भी इसका कारण बनते हैं. इन स्थितियों के कारण बच्चों के पैरों में टेढ़ापन आ सकता है.

पोनेटी विधि से होगा इलाज

क्लिनिक में बच्चों का इलाज विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त पोनेटी (Ponseti) विधि से किया जाएगा, जिससे प्रभावी रूप से पैरों की विकृति को सुधारा जा सकेगा और बच्चों को सामान्य जीवन जीने में मदद मिलेगी.

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करुणा तिवारी

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By करुणा तिवारी

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