बिहार में जून से बायोमेट्रिक हाजिरी पर मिलेगा शिक्षकों का वेतन, विभाग ने जारी किए 556 करोड़

Edited by Paritosh Shahi
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सांकेतिक तस्वीर

Bihar Teacher Salary: बिहार में सरकारी शिक्षकों और कर्मचारियों का जून महीने का वेतन अब केवल बायोमेट्रिक हाजिरी के आधार पर ही मिलेगा. इसके साथ ही शिक्षा विभाग ने राज्य के प्रारंभिक स्कूलों में कार्यरत नियोजित शिक्षकों के वेतन भुगतान के लिए 556 करोड़ 29 लाख रुपए की राशि जारी कर दी है.

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Bihar Teacher Salary: बिहार के सरकारी स्कूलों और शिक्षा विभाग के दफ्तरों में काम करने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए एक बेहद जरूरी खबर है. अब अगर आपने डिजिटल हाजिरी नहीं बनाई, तो आपकी सैलरी रुक सकती है. शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि जून महीने का वेतन सिर्फ और सिर्फ बायोमेट्रिक हाजिरी के आधार पर ही दिया जाएगा. इसके लिए राज्यभर में तैयारियां तेज कर दी गई हैं.

इ-शिक्षाकोष ऐप से दर्ज होगी हाजिरी

नए नियम के मुताबिक, सभी स्कूलों के हेडमास्टर, टीचर और ऑफिस के कर्मचारियों को इ-शिक्षाकोष ऐप और बीबीएएस (BBAS) सिस्टम के जरिए अपनी बायोमेट्रिक उपस्थिति लगानी होगी. हर महीने सैलरी जारी करने से पहले इस डिजिटल हाजिरी का मिलान किया जाएगा.

शिक्षा विभाग ने आदेश दिया है कि जिन नए अपग्रेड हुए मिडिल, हाई या इंटर स्कूलों में बायोमेट्रिक मशीनें नहीं हैं या कोई तकनीकी खराबी है, उन्हें तुरंत ठीक किया जाए. कई जिलों के डीएम ने भी कड़े निर्देश जारी कर दिए हैं कि मई की सैलरी तो जैसे-तैसे मिल जाएगी, लेकिन जून से बिना डिजिटल हाजिरी के वेतन जारी नहीं होगा. सभी ऑफिस प्रभारियों को हाजिरी का प्रिंट आउट और सर्टिफिकेट जमा करना होगा.

नियोजित शिक्षकों के वेतन के लिए 556 करोड़ रुपए मंजूर

इसी बीच बिहार सरकार ने राज्य के प्राइमरी स्कूलों में काम करने वाले नियोजित शिक्षकों को एक बड़ी राहत दी है. शिक्षा विभाग ने वर्ष 2026-27 के तहत शिक्षकों के वेतन के लिए 556 करोड़ 29 लाख 35 हजार 400 रुपए की भारी-भरकम राशि मंजूर कर दी है.

विभाग के उपसचिव अजय सतीश भेंगरा द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह पैसा उन नियोजित शिक्षकों के लिए है जिनका पूरा वेतन राज्य सरकार खुद देती है. इस मद के लिए सरकार का कुल बजट 1685 करोड़ 73 लाख 80 हजार रुपए है, जिसकी यह पहली किस्त जारी की गई है.

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मुफ्त शिक्षा के तहत हुई थी बहाली

सरकार ने याद दिलाया कि इन शिक्षकों की बहाली संविधान के अनुच्छेद 21(क) के तहत 6 से 14 साल के बच्चों को मुफ्त और जरूरी शिक्षा देने के लिए नगर निकायों, ब्लॉकों और पंचायतों में की गई थी. शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) को निर्देश दिया है कि वे जल्द से जल्द इस पैसे से शिक्षकों का वेतन बांटें.

अगर भुगतान में कोई गड़बड़ी होती है, तो इसकी सीधी जिम्मेदारी डीईओ की होगी. यह पूरा लेन-देन सीएफएमएस (CFMS) सिस्टम से होगा और इस पैसे को किसी दूसरे काम में खर्च नहीं किया जा सकेगा.

इन जिलों को मिला सबसे ज्यादा आवंटन

जिलावार आवंटन में पश्चिम चंपारण को लगभग 27.55 करोड़ रुपये, दरभंगा को 23.19 करोड़ रुपये, पटना को करीब 21.99 करोड़ रुपये और मुजफ्फरपुर को 18.08 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. इसके अलावा अररिया, अरवल, बांका, बक्सर, नवादा समेत कई जिलों को भी करोड़ों रुपये की राशि दी गई है.

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Paritosh Shahi

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परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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