प्रेस कॉन्फ्रेंस में रो पड़े रौशन आनंद, खान सर पर लगाए कई बड़े आरोप, CBI जांच की मांग की

Edited by Paritosh Shahi
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प्रेस कांफ्रेंस में रोते रौशन आनंद

Raushan Anand: बेऊर जेल से रिहा होने के बाद रौशन आनंद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर फैजल खान उर्फ खान सर पर बड़े आरोप लगाए. उन्होंने दावा किया कि जेल में उन्हें नुकसान पहुंचाने की साजिश रची गई और उनके भाई प्रिंस यादव की मौत की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. उन्होंने CBI जांच, दोबारा पोस्टमार्टम और उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई.

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Raushan Anand: बेऊर जेल से बाहर आने के बाद ज्ञान बिंदु कोचिंग सेंटर के निदेशक रौशन आनंद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई बड़े आरोप लगाए. मीडिया से बातचीत के दौरान वह भावुक हो गए और कैमरे के सामने रोने लगे. उन्होंने कहा कि उनके साथ साजिश की गई और उनके भाई प्रिंस यादव की मौत भी इसी साजिश का हिस्सा है.

रौशन आनंद ने दावा किया कि जेल के अंदर उन्हें मारने की योजना बनाई जा रही थी. 13 तारीख को खान सर के एक गार्ड ने उन पर दबाव बनाया था और कहा था कि मामला मैनेज कर लीजिए, नहीं तो अंजाम अच्छा नहीं होगा. रौशन आनंद ने कहा कि उसी दिन रात में उनके भाई प्रिंस यादव की मौत हो गई. उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को साजिश का हिस्सा बताया और इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की.

जेल से निकलते ही कोचिंग पहुंचे, छात्रों ने किया समर्थन

जेल से रिहा होने के बाद रौशन आनंद सीधे अपने कोचिंग सेंटर पहुंचे. वहां पहले से बड़ी संख्या में छात्र मौजूद थे. उनके पहुंचते ही छात्रों ने उनके समर्थन में नारे लगाए. इस दौरान कुछ छात्रों ने खान सर के खिलाफ भी नारेबाजी की. रौशन आनंद ने छात्रों और मीडिया के सामने कहा कि उनके खिलाफ सुनियोजित तरीके से कार्रवाई कराई गई और उन्हें फंसाया गया.

गिरफ्तारी को लेकर पुलिस पर उठाए सवाल

रौशन आनंद ने पटना पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि बिना पूरी जांच के उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. उन्होंने पूछा कि आखिर किसके दबाव में उनकी गिरफ्तारी हुई. साथ ही यह भी कहा कि जब फैजल खान के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था, तब पुलिस के पास कार्रवाई करने के लिए पर्याप्त समय था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया.

भाई की मौत को लेकर लगाए गंभीर आरोप

रौशन आनंद ने अपने भाई प्रिंस यादव की मौत को लेकर भी कई आरोप लगाए. उन्होंने दावा किया कि उनके भाई की मौत स्वाभाविक नहीं थी और पूरे मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि उनका भाई पूरी तरह स्वस्थ था और उसे कोई गंभीर बीमारी नहीं थी. इसलिए बीमारी से मौत की बात पर उन्हें भरोसा नहीं है.

किसान कोल्ड स्टोरेज और फैजल खान पर निशाना

रौशन आनंद ने आरोप लगाया कि किसान कोल्ड स्टोरेज के मालिक और उनके परिवार को लाभ पहुंचाया गया. उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में आर्थिक लेन-देन और अन्य पहलुओं की भी जांच होनी चाहिए. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि इतनी बड़ी मात्रा में पैसा कहां से आया और इसकी जांच एजेंसियों को करनी चाहिए.

रौशन आनंद ने केंद्र सरकार और बिहार सरकार से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की. उन्होंने कहा कि उनके भाई की मौत की जांच CBI से कराई जानी चाहिए. साथ ही उन्होंने प्रिंस यादव के शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराने की भी मांग उठाई. उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच से ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी.

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नेताओं के संरक्षण का भी लगाया आरोप

रौशन आनंद ने दावा किया कि फैजल खान को कुछ प्रभावशाली लोगों का संरक्षण प्राप्त है. इसी वजह से उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही है. उन्होंने किसी नेता का नाम नहीं लिया, लेकिन कहा कि राजनीतिक संरक्षण मिलने के कारण जांच प्रभावित हो रही है.

रौशन आनंद ने कहा कि उन्होंने अपने भाई को खो दिया है और यह दर्द कभी कम नहीं होगा. उन्होंने कहा कि वह अपने भाई को न्याय दिलाने के लिए अंतिम सांस तक लड़ाई लड़ेंगे.

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Paritosh Shahi

लेखक के बारे में

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परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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