ePaper

कोईलवर में 3100 फर्जी राशन कार्ड किये गये निरस्त

Updated at : 23 Feb 2026 5:55 PM (IST)
विज्ञापन
कोईलवर में 3100 फर्जी राशन कार्ड किये गये निरस्त

सरकारी नौकरी वाले भी उठा रहे थे लाभफर्जी घोषणापत्र के आधार पर लोग उठा रहे थे लाभ

विज्ञापन

कोईलवर.

खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग बिहार सरकार द्वारा कोईलवर प्रखंड के 3100 से अधिक अपात्र राशन कार्ड लाभुकों के राशन कार्ड निरस्त कर दिये गये हैं. साथ ही अन्य अपात्र लाभुकों की जांच कर कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है. अपात्र करार दिये गये लाभुकों में कई ऐसे हैं जो सरकारी सेवा में भी थे.

साथ ही बीपीएल श्रेणी से ऊपर थे. वहीं, कई लाभुक ऐसे भी थे जो ढाई एकड़ से अधिक जमीन के मालिक थे. किसान सम्मान निधि का लाभ उठा रहे थे और खुद की गाड़ी के मालिक भी थे. वहीं एक लाख 20 हजार रुपये से अधिक आय वर्ग वाले लाभुकों के भी नाम से निर्गत राशन कार्ड को भी निरस्त कर दिया गया है. इस तरह की दर्जनों कारणों वाले राशन कार्ड को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है. इसे लेकर आपूर्ति कार्यालय के बाहर नोटिस भी चिपकाया गया है, जिसमें अपात्र लाभुकों के नाम, राशन कार्ड संख्या, अपात्रता के कारणों को दर्शाया गया है.

17 पंचायतों में 2967, नगर में 138 कार्ड किये निरस्तविभाग द्वारा जारी सूची के अनुसार कोईलवर प्रखंड की 17 पंचायतों में अबतक 2967 राशन कार्ड धारकों को अपात्र घोषित किया जा चुका है. वहीं नगर पंचायत कोईलवर में अबतक ऐसे 138 लाभुकों को चिह्नित कर अपात्र घोषित किया जा चुका है. दोनों आंकड़ों को मिला दें तो यह 3100 को पार कर जाता है. विभागीय सूत्रों ने बताया कि फर्जी तरीके से राशन का लाभ ले रहे लाभुकों को चिह्नित कर उनके राशन कार्ड को निरस्त करने की प्रक्रिया लगातार जारी है. तय आय वर्ग से अधिक वाले सबसे ज्यादापंचायतों के लिए राशन कार्ड निरस्तता की सूची पर गौर करें, तो सबसे ज्यादा ऐसे लाभुकों को अपात्र करार दिया गया है, जो एक लाख 20 हजार से अधिक आय वर्ग के हैं. इसके बाद ढाई एकड़ से अधिक खेती वाली जमीन और किसान सम्मान निधि की राशि प्राप्त करने वाले लाभुक हैं. इसके बाद हल्के मध्यम और भारी वाहन स्वामी भी हैं. अपात्रों के लिए जारी सूची में सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि इसमें कई ऐसे लाभुकों के भी नाम हैं, जो सरकारी अर्धसरकारी और गैरसरकारी संस्थानों में नौकरी कर रहे थे. हालांकि अब खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने ऐसे लाभुकों पर अपना डंडा चलाया है और उन्हें अपात्र करार दिया है. विभाग से जुड़े अधिकारी ने बताया कि ऐसे फर्जी लाभुकों को लगातार चिह्नित किया जा रहा है और कार्रवाई की जा रही है.

विज्ञापन
DEVENDRA DUBEY

लेखक के बारे में

By DEVENDRA DUBEY

DEVENDRA DUBEY is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन