आरा में हाई रिस्क समूहों के लिए एचआईवी व सिफलिस जांच स्वास्थ्य मेला का आयोजन, जानिए कब तक चलेगा अभियान

आरा जिले में हाई रिस्क और संवेदनशील समूहों के लिए एचआईवी व सिफलिस जांच अभियान चलाया जा रहा है. 20 मई से 25 जुलाई तक चलने वाले इस अभियान में फिक्स्ड कैंप और मोबाइल वैन से टेस्टिंग, काउंसलिंग और उपचार सेवाएं दी जा रही हैं ताकि समय पर पहचान हो सके.
Arrah News: (नरेन्द्र प्रसाद सिंह की रिपोर्ट) जिले में उच्च जोखिम वाले समूहों (High Risk Population) और संवेदनशील समुदायों के बीच एचआईवी एवं सिफलिस जांच सेवाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से विशेष स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया जा रहा है. यह अभियान 20 मई से 25 जुलाई तक जिले के चिन्हित हॉटस्पॉट और नए क्षेत्रों में चलाया जा रहा है.
स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर इस अभियान में फिक्स्ड कैंप मॉडल और मोबाइल वैन आधारित आउटरीच सेवाओं का उपयोग किया जा रहा है. फिक्स्ड कैंप में लाइन लिस्टिंग, एचआईवी टेस्टिंग, प्री व पोस्ट टेस्ट काउंसलिंग, सिफलिस स्क्रीनिंग और आवश्यकतानुसार कंफर्मेटरी जांच की सुविधा दी जा रही है.
मोबाइल वैन की भी सुविधा उपलब्ध
वहीं, दुर्गम और स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित क्षेत्रों में मोबाइल वैन के जरिए टीम पहुंचकर जांच व परामर्श सेवाएं उपलब्ध करा रही है. जांच के दौरान एचआईवी पॉजिटिव पाए गए मरीजों को तुरंत एआरटी (ART) सेवाओं से जोड़ा जा रहा है और उन्हें गोपनीयता के साथ उपचार व मानसिक सहयोग प्रदान किया जा रहा है.
क्या है उद्देश्य
समय पर जांच, पहचान और उपचार के माध्यम से एचआईवी संक्रमण को नियंत्रित करना और मरीजों को सामान्य जीवन जीने में सक्षम बनाना.
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लेखक के बारे में
By निखिल अनुराग
मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट ( माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय). नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है. नोएडा में टीवी न्यूज में काम करने के बाद हिंदुस्तान ग्रूप होते हुए बिहार, झारखंड की सबसे पसंदीदा अखबार प्रभात खबर में कार्यरत. हां एक बात और... पढ़ने-लिखने की जिज्ञासा कभी खत्म नहीं होगी. साहित्य में बेहद दिलचस्पी.
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