पहली बार बैडमिंटन एशिया टीम चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंची भारतीय महिला टीम
Published by : AmleshNandan Sinha Updated At : 17 Feb 2024 3:56 PM
भारतीय महिला बैडमिंटन टीम.
भारतीय महिला बैडमिंटन टीम ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. महिला टीम पहली बार बैडमिंटन एशिया टीम चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंची है.
भारतीय महिला टीम ने शनिवार को रोमांचक सेमीफाइनल में दो बार की पूर्व चैंपियन जापान को 3-2 से हराकर पहली बार बैडमिंटन एशिया टीम चैंपियनशिप के फाइनल में प्रवेश किया जिससे देश की पहला स्वर्ण पदक जीतने की उम्मीदें जीवंत हैं. तृषा जॉली और गायत्री गोपीचंद की दुनिया की 23वें नंबर की जोड़ी ने पहला युगल, दुनिया की 53वें नंबर की खिलाड़ी अस्मिता चालिहा ने दूसरा एकल और 17 वर्षीय अनमोल खरब ने निर्णायक एकल जीतकर भारत को खिताबी भिड़ंत तक पहुंचाया. भारतीय महिला टीम अब रविवार को फाइनल में थाईलैंड के सामने होगी.
भारत ने 2016 और 2020 में जीते थे कांस्य
भारत ने 2016 और 2020 के चरण में पुरुष टीम स्पर्धा में दो कांस्य पदक जीते थे. जापान की टीम हालांकि अकाने यामागुची (दुनिया की चौथे नंबर की खिलाड़ी), युकी फुकुशिमा और सयाका हिरोटा (दुनिया की सातवें नंबर की जोड़ी) तथा मायु मातसुमोटो और वाकाना नागाहारा (दुनिया की आठवें नंबर की जोड़ी) के बिना खेल रही थी. लेकिन इसके बावजूद मजबूत टीम थी और उसने भारत के सामने कड़ी चुनौती पेश की.
पीवी सिंधू का प्रदर्शन ठीक नहीं
चोट के कारण लंबे समय बाद वापसी कर रही पीवी सिंधू हालांकि पहले एकल में अया ओहोरी के खिलाफ जीत दर्ज नहीं कर सकी और 13-21, 20-22 से हार गयीं. तृषा और गायत्री ने पहले युगल में शानदार प्रदर्शन किया और नामी मातसुयामा और चिहारू शिडा की दुनिया की छठे नंबर की जोड़ी पर 73 मिनट में 21-17, 16-21, 22-20 की जीत से भारत को 1-1 की बराबरी पर ला दिया. अस्मिता ने फिर पूर्व विश्व चैंपियन नोजोमी ओकुहारा (20वीं रैंकिंग) के खिलाफ आक्रामक खेल दिखाया. इस भारतीय ने अपने क्रास शॉट और स्मैश का बखूबी इस्तेमाल कर 21-17, 21-14 से उलटफेर भरी जीत से भारत को 2-1 से आगे कर दिया.
अश्विनी पोनप्पा और सिंधू की जोड़ी हारी
तनीषा क्रास्टो को चोट लगी है, जिससे सिंधू ने अश्विनी पोनप्पा के साथ जोड़ी बनायी लेकिन वे रेना मियायूरा और अयाको साकुरामोटो की दुनिया की 11वें नंबर की जोड़ी की बाधा पार नहीं कर सकी और 43 मिनट में 14-21 11-21 से हार गयीं. अब दोनों टीमें 2-2 की बराबरी पर थीं. अनमोल को दुनिया की 29वें की खिलाड़ी नातसुकी निडायरा को हराने की जिम्मेदारी सौंपी गयी और इस भारतीय ने भी उम्मीदों के अनुरूप 52 मिनट में 21-14, 21-18 से जीत दर्ज कर भारत को पहली बार फाइनल में पहुंचाया.
कोच ने की खिलाड़ियों की तारीफ
पूर्व भारतीय कोच विमल कुमार मलेशिया में टीम के साथ हैं, उन्होंने पीटीआई से कहा, ‘हमारी लड़कियां कमाल कर रही हैं, आज उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया.’ उन्होंने कहा, ‘मैं इसमें काफी श्रेय गायत्री और तृषा को और अस्मिता को भी दूंगा जिन्होंने अपने मुकाबले जीते. अस्मिता ने ओकुहारा को पराजित किया जो अद्भुत प्रदर्शन है. उसने अपना खेल एक अलग स्तर पर पहुंचा दिया.’ उन्होंने कहा, ‘युवा खिलाड़ी अनमोल ने भी दिखाया कि हम आगे उस पर निर्भर हो सकते हैं. जब आप टीम चैंपियनशिप में अच्छा करते हो तो इससे दिखता है कि आप दबाव से निपट सकते हो. मैं उससे काफी प्रभावित हूं. यह भारतीय बैडमिंटन के लिए विशेष पल है.’
भाषा इनपुट के साथ
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By AmleshNandan Sinha
अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










