Terhavin Ka Khana: मृत्युभोज में किन लोगों को भोजन करने से करना चाहिए परहेज

Tehrvi Ka Khana
Terhavin Ka Khana: हिंदू परंपराओं में मृत्युभोज (तेरहवीं) एक धार्मिक क्रिया है, जिसका उद्देश्य पितरों की आत्मा की शांति हेतु कर्म करना होता है. हालांकि कुछ विशेष व्यक्तियों को इस भोज से दूर रहना चाहिए, क्योंकि धार्मिक मान्यताओं में इसे अशुभ या ऊर्जात्मक रूप से संवेदनशील माना गया है.
Terhavin Ka Khana: हिंदू धर्म में मृत्यु के बाद श्राद्ध, पिंडदान और मृत्युभोज जैसे संस्कारों का आयोजन किया जाता है. मृत्युभोज का उद्देश्य पितरों की आत्मा को तृप्त करना और उन्हें मोक्ष की ओर अग्रसर करना होता है. यह पूरी तरह धार्मिक और आध्यात्मिक भावना से जुड़ा होता है, न कि किसी सामाजिक समारोह की तरह. ऐसे में यह जानना बेहद आवश्यक है कि किन व्यक्तियों को मृत्युभोज में भोजन करने से परहेज करना चाहिए.
गर्भवती महिलाएं
धार्मिक मान्यता है कि गर्भवती महिलाओं को मृत्युभोज में भाग नहीं लेना चाहिए. यह समय उनके और गर्भस्थ शिशु के लिए संवेदनशील होता है, और कहा जाता है कि ऐसे अवसरों की नकारात्मक ऊर्जा भ्रूण पर विपरीत प्रभाव डाल सकती है.
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ब्राह्मण, संत और तपस्वी
जो व्यक्ति संयमित जीवन जीते हैं, जैसे कि ब्राह्मण, संत, या तपस्वी, उन्हें ऐसे शोकपूर्ण आयोजनों से दूर रहने की सलाह दी जाती है. वे सांसारिक कर्मों से निवृत्त होते हैं और मृत्युभोज जैसे कर्मकांडों से स्वयं को अलग रखते हैं.
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बीमार या दुर्बल व्यक्ति
शारीरिक रूप से अस्वस्थ या कमजोर लोगों को भी मृत्युभोज में भोजन नहीं करना चाहिए. वहां का वातावरण स्वास्थ्य के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता और यह उनके स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव डाल सकता है.
नवविवाहित स्त्री-पुरुष
नवविवाह एक पवित्र और शुभ संस्कार होता है, जबकि मृत्युभोज को अशुभ कर्मकांडों में गिना जाता है. इसलिए नवविवाहित दंपतियों को ऐसे आयोजनों से दूर रहना चाहिए ताकि उनके जीवन की शुभ शुरुआत पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े.
जिनके घर में हाल ही में मृत्यु हुई हो
अगर किसी व्यक्ति के घर में हाल ही में मृत्यु हुई हो और वे सूतक (अशौच) काल में हों, तो उन्हें दूसरे के मृत्युभोज में शामिल नहीं होना चाहिए. शास्त्रों में यह वर्जित बताया गया है.
मृत्युभोज जैसे आयोजन अत्यंत पवित्र होते हैं, लेकिन उनमें भागीदारी के लिए कुछ धार्मिक नियमों और शुचिता का पालन आवश्यक है. उपरोक्त व्यक्तियों को मृत्युभोज में सम्मिलित होने या भोजन ग्रहण करने से बचना चाहिए, ताकि धर्म सम्मत परंपराएं ससम्मान निभाई जा सकें.
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By Shaurya Punj
शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.
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