महमूद गजनवी से औरंगजेब तक, कई हमलों के बाद भी अमर रहा सोमनाथ मंदिर

Published by :Shaurya Punj
Published at :11 May 2026 3:03 PM (IST)
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Somnath Temple Amrit Mahotsav

सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूरे होने पर अमृत महोत्सव

Somnath Temple Amrit Mahotsav: सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूरे होने पर पीएम मोदी ने विशेष पूजा की. जानिए आदि ज्योतिर्लिंग सोमनाथ का इतिहास, धार्मिक महत्व और उस पर हुए ऐतिहासिक हमले.

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Somnath Temple Amrit Mahotsav: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज गुजरात के प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर में आयोजित ‘सोमनाथ अमृत महोत्सव’ में शामिल हुए. मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर यहां भव्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया. पीएम मोदी ने मंदिर पहुंचकर भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना की और पारंपरिक विधि-विधान से आयोजित अनुष्ठानों में हिस्सा लिया. इस अवसर पर देशभर के श्रद्धालुओं और संत-महात्माओं की मौजूदगी ने माहौल को और अधिक आध्यात्मिक बना दिया.

महोत्सव के दौरान 11 पवित्र तीर्थस्थलों के जल से विशेष कुंभाभिषेकम किया गया. इसके लिए पांच फुट ऊंचे विशेष पात्र को क्रेन की सहायता से मंदिर के शिखर तक पहुंचाया गया, जिसने श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया. समारोह को यादगार बनाने के लिए भारतीय वायुसेना के विमानों ने आसमान में शानदार हवाई करतब भी दिखाए. वहीं गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी ने प्रधानमंत्री की यात्रा और कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की.

सोमनाथ मंदिर का पौराणिक महत्व

सोमनाथ मंदिर को हिंदू धर्म में पहला आदि ज्योतिर्लिंग माना जाता है. पौराणिक कथाओं के अनुसार, यही वह स्थान है जहां चंद्रदेव ने भगवान शिव की कठोर तपस्या कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया था. मान्यता है कि दक्ष प्रजापति की 27 पुत्रियों से विवाह करने के बाद भी चंद्रमा रोहिणी से विशेष प्रेम करते थे. इससे नाराज होकर दक्ष ने उन्हें श्राप दे दिया, जिसके कारण चंद्रमा का तेज कम होने लगा.

इसके बाद ब्रह्मा जी की सलाह पर चंद्रदेव प्रभास तीर्थ पहुंचे और भगवान शिव की आराधना की. उनकी कठिन तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें श्राप से मुक्ति दी. तभी से यह स्थान श्रद्धा और भक्ति का प्रमुख केंद्र माना जाता है.

मंदिर निर्माण से जुड़ी मान्यताएं

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सबसे पहले चंद्रदेव ने सोने से सोमनाथ मंदिर का निर्माण कराया था. इसके बाद लंका के राजा रावण ने चांदी से मंदिर बनवाया. माना जाता है कि बाद में भगवान श्रीकृष्ण ने चंदन की लकड़ी से इसका पुनर्निर्माण कराया. शास्त्रों में उल्लेख मिलता है कि त्रेता युग में इस ज्योतिर्लिंग की प्राण-प्रतिष्ठा हुई थी. तभी से यह मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना हुआ है.

इतिहास में कई बार हुआ हमला

गुजरात के वेरावल बंदरगाह के पास स्थित इस मंदिर की ख्याति प्राचीन समय से ही दूर-दूर तक फैली हुई थी. इसकी समृद्धि और प्रसिद्धि के कारण कई आक्रमणकारियों ने इसे निशाना बनाया. इतिहासकारों के अनुसार 11वीं से 18वीं सदी के बीच मंदिर पर कई बार हमले हुए.

सबसे पहला हमला लगभग 1300 वर्ष पहले सिंध के सूबेदार अल जुनैद ने किया था. इसके बाद महमूद गजनवी ने मंदिर पर आक्रमण कर यहां की संपत्ति लूटी और मूर्तियों को नुकसान पहुंचाया. बाद में अलाउद्दीन खिलजी और मुगल शासक औरंगजेब ने भी मंदिर को क्षति पहुंचाई. हालांकि हर बार लोगों की अटूट आस्था और संकल्प ने सोमनाथ मंदिर को फिर से खड़ा कर दिया. यही कारण है कि आज भी यह मंदिर भारतीय संस्कृति, विश्वास और पुनर्जागरण का प्रतीक माना जाता है.

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लेखक के बारे में

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शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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