घर के पास नहीं है बरगद का पेड़ तो कैसे करें वट सावित्री व्रत की पूजा? जानें नियम

Published by :Neha Kumari
Published at :11 May 2026 10:10 AM (IST)
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Vat Savitri 2026

वट सावित्री व्रत सांकेतिक तस्वीर (एआई)

Vat Savitri 2026: वट सावित्री व्रत के दिन वट वृक्ष की पूजा करने का विधान है. लेकिन अगर आपके घर के पास वट वृक्ष नहीं है, तो निराश न हों. आप घर के आंगन या मंदिर में एक छोटे गमले में वट वृक्ष की टहनी लगाकर या उसका चित्र बनाकर भी पूजा कर सकती हैं. यहां घर पर वट सावित्री व्रत की पूजा विधि की जानकारी दी गई है.

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Vat Savitri 2026: वट सावित्री व्रत हिंदू धर्म की विवाहित महिलाओं द्वारा किए जाने वाले सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण व्रतों में से एक है. हर साल यह पर्व ज्येष्ठ माह की अमावस्या को मनाया जाता है. सुहागिन महिलाएं यह व्रत पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए करती हैं. साल 2026 में यह व्रत 16 मई, शनिवार को रखा जाएगा. इस दिन विशेष रूप से बरगद के पेड़ (वट वृक्ष) की पूजा करने का विधान है. बिना वट वृक्ष की पूजा किए यह पर्व अधूरा माना जाता है. लेकिन यदि आपके घर के आस-पास बरगद का पेड़ नहीं है, तो आप घर पर ही कुछ विशेष नियमों का पालन करके इस व्रत को संपन्न कर सकती हैं.

वट सावित्री व्रत 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त

अमावस्या तिथि प्रारंभ: 16 मई 2026, प्रातः 05:11 बजे से
अमावस्या तिथि समाप्त: 17 मई 2026, रात्रि 01:30 बजे तक
पूजा का सबसे उत्तम समय: प्रातः 07:12 बजे से 08:24 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:50 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक

पूजा की आवश्यक सामग्री

पूजा शुरू करने से पहले ये चीजें एकत्रित कर लें:

  • बांस का पंखा
  • कच्चा सूत (कलावा)
  • धूप-बत्ती
  • दीपक
  • कपूर
  • सिंदूर
  • रोली
  • अक्षत
  • चंदन
  • हल्दी
  • भीगे हुए काले चने
  • गुड़
  • मौसमी फल
  • लाल या पीला कपड़ा
  • जल से भरा कलश
  • ताजे फूल

घर पर वट सावित्री पूजा की विधि

  • सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और स्वच्छ (संभव हो तो लाल या पीले) वस्त्र धारण करें. सोलह श्रृंगार करें. हाथ में जल और अक्षत लेकर व्रत का संकल्प लें.
  • एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं. उस पर वट वृक्ष की टहनी को कलश में स्थापित करें या बरगद के पेड़ का चित्र रखें. पास में ही भगवान सत्यवान और माता सावित्री की मूर्ति या चित्र स्थापित करें.
  • वट वृक्ष की टहनी पर जल अर्पित करें. चंदन, रोली, अक्षत और हल्दी का तिलक लगाएं. धूप-दीप जलाएं. भीगे हुए चने, गुड़, फल और पुए अर्पित करें. बांस के पंखे से हवा करें.
  • कच्चा सूत लेकर वट वृक्ष की टहनी या चित्र के चारों ओर 7, 11 या 108 बार परिक्रमा करें. हर परिक्रमा के साथ पति की लंबी आयु की प्रार्थना करें.
  • वट सावित्री व्रत की पौराणिक कथा (सावित्री-सत्यवान की कथा) अवश्य सुनें या पढ़ें. पूजा के बाद घर के बड़ों का आशीर्वाद लें.

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Neha Kumari

लेखक के बारे में

By Neha Kumari

नेहा कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं. उन्हें लेखन के क्षेत्र में एक वर्ष से अधिक का अनुभव है. पिछले छह महीनों से वे राशिफल और धर्म से जुड़ी खबरों पर काम कर रही हैं. उनका मुख्य कार्य व्रत-त्योहारों, पौराणिक कथाओं और भारतीय रीति-रिवाजों से जुड़ी जानकारी को सरल भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. नेहा का हमेशा यह प्रयास रहता है कि वे कठिन से कठिन विषय को भी इतना आसान और रोचक बना दें कि हर कोई उसे सहजता से पढ़ और समझ सके. उनका मानना है कि यदि धर्म और संस्कृति से जुड़ी जानकारी सरल शब्दों में मिले, तो लोग अपनी परंपराओं से बेहतर तरीके से जुड़ पाते हैं. डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत उन्होंने प्रभात खबर में ही ‘नेशनल’ और ‘वर्ल्ड’ डेस्क पर छह महीने की इंटर्नशिप के साथ की थी. इस दौरान उन्होंने रियल-टाइम खबरों पर काम करना, तेजी और सटीकता के साथ कंटेंट लिखना, ट्रेंडिंग विषयों की पहचान करना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उनकी न्यूज़ सेंस, लेखन क्षमता और खबरों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने की समझ को और अधिक मजबूत बनाया.

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