नंदीग्राम की सीट छोड़ देंगे मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी? हाई-प्रोफाइल सीट से कौन लड़ेगा उपचुनाव?

Suvendu Adhikari Nandigram Seat: क्या पश्चिम बंगाल के नये मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी नंदीग्राम विधानसभा सीट छोड़ने वाले हैं? जानें इस हाई-प्रोफाइल सीट को लेकर चल रही अटकलों और नये उम्मीदवारों के नामों पर हो रहे मंथन की पूरी इनसाइड स्टोरी.
खास बातें
Suvendu Adhikari Nandigram Seat: पश्चिम बंगाल की राजनीति के सबसे बड़े केंद्र नंदीग्राम को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है. चर्चा है कि मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद शुभेंदु अधिकारी नंदीग्राम सीट को छोड़ सकते हैं. दरअसल, संविधान के तहत मुख्यमंत्री बनने के 6 महीने के भीतर विधानसभा सदस्य के रूप में अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी. यह बताना होगा कि वह भवानीपुर के विधायक कहलायेंगे या नंदग्राम के.
नंदीग्राम छोड़ने की चर्चा के पीछे क्या है ‘मास्टरप्लान’?
शुभेंदु अधिकारी का नंदीग्राम से गहरा भावनात्मक और राजनीतिक जुड़ाव रहा है. ऐसे में इस सीट को छोड़ने की अटकलों के पीछे कई कारण माने जा रहे हैं. मुख्यमंत्री के रूप में शुभेंदु को अब पूरे राज्य पर ध्यान केंद्रित करना है. चर्चा है कि भाजपा नंदीग्राम में किसी नये और मजबूत स्थानीय चेहरे को मौका देगी, ताकि शुभेंदु की अनुपस्थिति में भी पार्टी का गढ़ सुरक्षित रहे.
नंदीग्राम का अगला दावेदार कौन?
अगर शुभेंदु अधिकारी यह सीट खाली करते हैं, तो वहां होने वाले उपचुनाव के लिए कई नामों पर मंथन शुरू हो गया है. पार्टी नंदीग्राम आंदोलन से जुड़े किसी पुराने और वफादार चेहरे पर दांव खेल सकती है. चर्चा है कि शुभेंदु के चुनावी रणनीतिकारों में एक मेघनाथ पॉल नंदीग्राम से उपचुनाव लड़ सकते हैं. चूंकि नंदीग्राम हमेशा से ही तृणमूल कांग्रेस के निशाने पर रहा है, इसलिए भाजपा यहां से किसी जमीनी नेता को ही उतारने की रणनीति बना रही है, ताकि ममता बनर्जी की पार्टी को कोई मौका न मिले.
इसे भी पढ़ें : कोलकाता में 207 कमल फूल से हुआ शुभेंदु अधिकारी का महा-स्वागत, सीएम बोले- मोदी मंत्र पर चलेगी बंगाल सरकार
Suvendu Adhikari Nandigram Seat: अटकलों पर जनता की राय
नंदीग्राम के स्थानीय निवासियों में इस खबर को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया है. जहां कुछ लोग चाहते हैं कि शुभेंदु उनके विधायक बने रहें, वहीं कुछ का मानना है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद उनका कद अब बड़ा हो गया है. वे राज्य के हित में जो फैसला लेंगे, वह सही होगा.
बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
भवानीपुर का है शुभेंदु अधिकारी पर दबाव
दूसरी तरफ शुभेंदु अधिकारी पर भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र की जनता का भी दबाव है कि वह कोलकाता की इस सीट से विधायक बने रहें. भवानीपुर के मतदाताओं ने बड़ी उम्मीदों से शुभेंदु को अपना विधायक चुना है. यहां के लोगों ने ममता बनर्जी जैसी कद्दावर नेता और राज्य की मुख्यमंत्री को हराकर शुभेंदु को अपना जनप्रतिनिधि चुना है. इसका दबाव शुभेंदु भी महसूस कर रहे हैं.
इसे भी पढ़ें
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










